Friday, July 10, 2026 |
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GalaxEye की Mission Drishti से मिली बड़ी सफलता, अगले 24 महीनों में दो नए OptoSAR उपग्रह करेगा लॉन्च

by Business Remedies
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GalaxEye Mission Drishti validating space technologies before next generation OptoSAR satellite launches

बेंगलुरु स्थित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी स्टार्टअप गैलेक्सआई ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसका पहला Mission Drishti मिशन महत्वपूर्ण तकनीकों और मिशन क्षमताओं को सफलतापूर्वक प्रमाणित करने में सफल रहा है। हालांकि प्रक्षेपण के बाद अंतरिक्ष यान में एक तकनीकी गड़बड़ी सामने आई, लेकिन इसके बावजूद कंपनी अब अगले 24 महीनों के भीतर दो नई पीढ़ी के OptoSAR उपग्रह लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी के अनुसार, Mission Drishti को 3 मई को स्पेसएक्स के मिशन के माध्यम से अंतरिक्ष में भेजा गया था। यह दुनिया का पहला OptoSAR उपग्रह था। मिशन के दौरान उपग्रह ने सफलतापूर्वक संचार स्थापित किया और Launch And Early Orbit Phase (LEOP) का बड़ा हिस्सा पूरा किया। इसके साथ ही महत्वपूर्ण अंतरिक्ष यान प्रणालियों, तैनाती तंत्र, दिशा नियंत्रण प्रणाली, ऑनबोर्ड कंप्यूटिंग और संचार प्रणालियों का भी सफल परीक्षण किया गया।

कंपनी ने बताया कि इस मिशन के माध्यम से बेंगलुरु स्थित अपने Mission Control Centre से पूरी तरह स्वदेशी मिशन संचालन क्षमता का भी सफल प्रदर्शन किया गया। इससे कंपनी की तकनीकी क्षमता और वैश्विक बाजार में विश्वास दोनों को मजबूती मिली है। परिचालन चरण के दौरान उपग्रह ने उन सभी महत्वपूर्ण तकनीकों, प्रक्रियाओं और आधारभूत संरचनाओं का सफल सत्यापन किया, जिनकी आवश्यकता उन्नत पृथ्वी अवलोकन प्रणालियों के डिजाइन, निर्माण, प्रक्षेपण और संचालन के लिए होती है। इससे भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के विकास की दिशा में कंपनी को महत्वपूर्ण अनुभव और तकनीकी जानकारी प्राप्त हुई है।

Mission Drishti की सफलता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित उद्योग जगत के कई प्रमुख लोगों ने भी सराहा। इसे भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र और वैश्विक पृथ्वी अवलोकन क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। हालांकि मिशन के अंतिम चरण Launch And Early Orbit Phase (LEOP) के दौरान उपग्रह को एक भू-चुंबकीय सौर तूफान का सामना करना पड़ा। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि अत्यधिक अंतरिक्ष मौसम से उत्पन्न विकिरण ने उपग्रह की एक महत्वपूर्ण ऑनबोर्ड प्रणाली को प्रभावित किया।

इसके बाद उपग्रह के साथ संचार बीच-बीच में बाधित होने लगा और अंततः पूरी तरह समाप्त हो गया। कंपनी ने बताया कि उपग्रह से दोबारा संपर्क स्थापित करने के प्रयास अभी भी जारी हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में इसकी संभावना काफी कम दिखाई दे रही है। गैलेक्सआई के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुयश सिंह ने कहा कि Mission Drishti उनकी टीम के कई वर्षों के अनुसंधान, नवाचार, इंजीनियरिंग और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष मौसम से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के कारण उपग्रह में तकनीकी गड़बड़ी आई, लेकिन इस मिशन से मिले अनुभव भविष्य के सभी मिशनों को और अधिक मजबूत तथा विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि कंपनी अब अपनी आपूर्ति श्रृंखला, विनिर्माण और उपग्रह विकास प्रक्रियाओं के बड़े हिस्से को अपने ही नियंत्रण में लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इससे संपूर्ण मूल्य श्रृंखला पर बेहतर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा। कंपनी ने कहा कि Mission Drishti से मिली सीख को अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष यानों की संरचना में शामिल किया जा रहा है। इसी रणनीति के तहत अगले 24 महीनों के भीतर दो नए OptoSAR उपग्रह लॉन्च किए जाएंगे। साथ ही गुणवत्ता, विश्वसनीयता और मिशन निष्पादन को और बेहतर बनाने के लिए कंपनी अपनी आंतरिक तकनीकी और विनिर्माण क्षमताओं का भी व्यापक विस्तार करेगी।



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