भारत के अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) ने वियतनाम के नवस्थापित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र दा नांग के साथ निवेश, वित्तीय सहयोग और संस्थागत अनुभव साझा करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य वियतनाम को उसके अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्र के विकास में सहयोग देना और दोनों देशों के बीच सीमा-पार निवेश को बढ़ावा देना है।
GIFT City ने बताया कि भारत के एकमात्र अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र के रूप में वर्षों में प्राप्त अपने संस्थागत अनुभव, कार्यप्रणाली और सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को वियतनाम के दा नांग वित्तीय केंद्र के साथ साझा किया जाएगा। इससे नए वित्तीय केंद्र को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित होने में सहायता मिलेगी और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे। इस सहयोग के अंतर्गत वित्तीय सेवाओं, वित्तीय प्रौद्योगिकी, डिजिटल नवाचार, क्षमता निर्माण और वित्तीय क्षेत्र के विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही भारत और वियतनाम के बीच सीमा-पार निवेश के नए अवसरों की तलाश की जाएगी तथा व्यापारिक संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
दोनों संस्थान संयुक्त शोध, प्रकाशन, पेशेवर आदान-प्रदान, सम्मेलन, संगोष्ठियों तथा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन करेंगे। इसके अलावा समान हितों वाले विषयों पर निरंतर संस्थागत सहयोग बनाए रखने पर सहमति बनी है, जिससे दोनों देशों के वित्तीय क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को मजबूती मिल सके। GIFT City के प्रबंध निदेशक एवं समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय कौल ने कहा कि यह सहयोग वित्तीय सेवाओं, वित्तीय प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वित्तीय केंद्रों के निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत आवश्यक है और यह साझेदारी भारत तथा वियतनाम के बीच वित्तीय एवं व्यापारिक संबंधों को नई दिशा दे सकती है।
हाल ही में GIFT City ने अपने विकास को गति देने के लिए दो अन्य रणनीतिक MoU भी किए हैं। इनमें पहला समझौता टाटा कम्युनिकेशंस के साथ हुआ है, जिसके माध्यम से GIFT City को वैश्विक क्षमता केंद्रों, कोषागार केंद्रों, प्रौद्योगिकी उद्यमों तथा अन्य सेवा-आधारित व्यवसायों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। इस सहयोग में हितधारकों के साथ समन्वय, बाजार संबंधी जानकारी साझा करना तथा व्यापार विकास गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। दूसरा MoU सीईपीटी विश्वविद्यालय के साथ किया गया है। इसके अंतर्गत शोध, ज्ञान आदान-प्रदान, कार्यकारी शिक्षा, सतत विकास अध्ययन, शहरी नियोजन तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग किया जाएगा। विश्वविद्यालय की वास्तुकला, नियोजन, अभिकल्पना और शहरी प्रबंधन संबंधी विशेषज्ञता का लाभ GIFT City के विकास में लिया जाएगा।
वर्तमान समय में GIFT City में 1,500 से अधिक संस्थाएं कार्यरत हैं। मार्च 2026 तक यहां की बैंकिंग परिसंपत्तियां ₹.9.52 लाखकरोड़ (लगभग 111 अरब अमेरिकी डॉलर) के स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जो इसे भारत के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केंद्रों में शामिल करती हैं।

