चारु भाटिया | बिजनेस रेमेडीज | Jaipur। एक ऐसे दौर में जब दिल की बीमारियां उम्र और भौगोलिक सीमाओं के पार बढ़ रही हैं, कार्डियोलॉजिस्ट की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। तेज तकनीकी प्रगति, बदलती जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ, आज कार्डियोलॉजी आधुनिक चिकित्सा के अग्रिम मोर्चे पर खड़ी है। इस विचारोत्तेजक बातचीत में, Jaipur के Monilek Hospital के Interventional Cardiologist Dr. Lekhraj Chaudhary अपना प्रेरणादायक सफर, Medical training की चुनौतियां, हृदय उपचार पर technology का प्रभाव और मरीजों व भावी doctors के लिए मूल्यवान सलाह साझा करते हैं। उनका दृष्टिकोण यह दिखाता है कि समर्पण, नवाचार और मरीजों का भरोसा किस तरह दिल की सेहत के भविष्य को आकार दे रहा है।
प्रश्न: आप Jaipur के Monilek Hospital में एक प्रसिद्ध Cardiologist हैं। अब तक का आपका सफर कैसा रहा है?
उत्तर: Cardiology में मेरा सफर लंबा, चुनौतीपूर्ण और बेहद संतोषजनक रहा है। वर्तमान में मैं Jaipur के Monilek Hospital में Interventional Cardiologist के रूप में कार्यरत हूं। मेरी शैक्षणिक यात्रा MBBS degree से शुरू हुई, इसके बाद मैंने Prayagraj से Medicine में MD किया। बाद में मैंने Udaipur के RNT Medical College से Cardiology में DM किया, जिसने मेरे पेशेवर जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया। Medical training के वे वर्ष गहन समर्पण और निरंतर कड़ी मेहनत से भरे रहे।
विशेष रूप से Residency का समय हमारे धैर्य और जुनून की परीक्षा लेने वाला था। कई बार हम लगभग दो दिन तक लगातार जागते रहे, और कई बार मुश्किल से दो घंटे की नींद के बाद फिर duty पर लौटना पड़ता था। यह कठिन दिनचर्या परीक्षा की तैयारी के दौरान भी जारी रही। इन चुनौतियों के बावजूद, इस अनुभव ने मेरी सहनशक्ति को मजबूत किया और चिकित्सा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को और गहरा किया। वर्ष 2021 में मैंने Monilek Hospital join किया और तब से यहां मरीजों की सेवा कर रहा हूं।
मुझे चिकित्सा क्षेत्र में आने की प्रेरणा बहुत पहले ही मिल गई थी। Medical Science मुझे हमेशा आकर्षित करता था और मानव शरीर के बारे में सीखना जिज्ञासा पैदा करता था। मेरे बड़े भाई Dr. Manoj Chaudhary ने मेरी पढ़ाई के दौरान बहुत मदद की। उन्होंने मेरे भीतर doctor बनने की प्रेरणा जगाई। मैं अपनी पत्नी Dr. Yashasvi का भी आभारी हूं, जिन्होंने हर समय मेरा साथ दिया और मेरी ताकत बनी रहीं। दिलचस्प बात यह है कि मैं भी कई युवा छात्रों की तरह Cricket का शौकीन था, लेकिन अंतत: चिकित्सा के प्रति मेरी रुचि ही मेरा जीवन बन गई। अधिकांश Medical अभ्यर्थियों की तरह मैंने भी competitive exams की तैयारी के लिए Kota में समय बिताया, जिसने मेरे संकल्प को और मजबूत किया।
प्रश्न: आपके Medical career के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियां क्या रहीं?
उत्तर: हमारे training के वर्षों में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक आर्थिक थी। Residency के दौरान doctors को बेहद लंबी duty के बावजूद अपेक्षाकृत कम stipend मिलता है, जो अक्सर 36 घंटे की लगातार shift तक बढ़ जाती है। काम और पारिश्रमिक के बीच यह असंतुलन हमेशा एक बड़ी चिंता रहा है।
दूसरी चुनौती Undergraduate और Postgraduate hostel जीवन के दौरान रहने की स्थिति थी। कई Medical colleges में स्वच्छता और infrastructure में सुधार की आवश्यकता है। खराब रहने की स्थिति doctors के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को प्रभावित कर सकती है। Resident doctors Medical colleges और hospitals की रीढ़ होते हैं, फिर भी वे अक्सर तनावपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। यदि शिक्षण संस्थानों में ऐसी स्थिति है, तो व्यस्त hospitals में चुनौतियां और भी अधिक हो सकती हैं। Infrastructure और कार्य स्थितियों में सुधार भविष्य के Medical professionals के विकास और मनोबल को काफी बेहतर बना सकता है।
प्रश्न: चिकित्सा, विशेष रूप से Cardiology में Technology और AI की भूमिका पर आपके क्या विचार हैं?
उत्तर: Technology ने Cardiology को उल्लेखनीय रूप से बदल दिया है। Angioplasty और Stent लगाने जैसी प्रक्रियाएं अब Intravascular Ultrasound और High-resolution imaging जैसी तकनीकों की वजह से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी हो गई हैं। ये तकनीकें हमें Coronary arteries को असाधारण स्पष्टता और सटीकता के साथ देखने में मदद करती हैं।
Artificial Intelligence धीरे-धीरे diagnosis और risk prediction में एक महत्वपूर्ण उपकरण बनता जा रहा है। यह हमें मरीज के लक्षणों, imaging और data का अधिक व्यापक विश्लेषण करने में मदद करता है। आधुनिक उपकरणों के साथ हम प्रभावित हिस्से की संरचना और बनावट का अधिक विस्तार से अध्ययन कर सकते हैं, जिससे उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।
प्रश्न: आज की Lifestyle लोगों के दिल की सेहत को कैसे प्रभावित कर रही है?
उत्तर: Lifestyle आज दिल की बीमारियों के सबसे बड़े कारणों में से एक बन गई है। पहले हृदय रोग मुख्य रूप से शहरी आबादी से जुड़े थे, लेकिन अब यह ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। खेती में mechanization और शारीरिक श्रम में कमी के कारण ग्रामीण Lifestyle भी अधिक निष्क्रिय हो गई है। साथ ही, सभी आयु वर्गों में Tobacco और Alcohol का सेवन बढ़ा है।
यह चिंताजनक है कि आज किशोरों में भी हृदय संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। Smoking की आदतें, जैसे रोजाना कई बीड़ी पीना, दिल की सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती हैं। Stress भी एक बड़ा कारण है। आधुनिक जीवन तेज और मांग भरा है, और लोग काम और जिम्मेदारियों के चलते अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। 20 वर्ष की आयु के बाद वार्षिक स्वास्थ्य जांच आवश्यक होती जा रही है। Blood Pressure, Cholesterol और Blood Sugar की नियमित जांच विशेष रूप से उन लोगों के लिए जरूरी है जिनके परिवार में हृदय रोग का इतिहास है। Preventive care और जागरूकता जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रश्न: आज के समय में Doctor और मरीज के संबंध को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर: Doctor और मरीज का संबंध काफी हद तक आपसी समझ और संवाद पर निर्भर करता है। Doctor की जिम्मेदारी है कि वह treatment और surgery के जोखिम और लाभ को स्पष्ट रूप से समझाए। किसी भी बड़ी प्रक्रिया से पहले counseling बेहद जरूरी होती है। आज अधिकांश Cardiac surgeries की सफलता दर लगभग 96 प्रतिशत है, जिसमें बहुत कम जोखिम शामिल होता है। Modern technology के साथ यह जोखिम और भी कम हो रहा है। हालांकि, मरीज अक्सर आर्थिक investment और अपेक्षाओं के कारण चिंतित हो जाते हैं। यह याद रखना जरूरी है कि doctors नैतिकता के आधार पर काम करते हैं और सर्वोत्तम देखभाल प्रदान करने का प्रयास करते हैं।
प्रश्न: मरीजों के बीच दिल की सेहत को लेकर आम मिथक क्या हैं?
उत्तर: एक आम मिथक यह है कि हर Chest pain Heart attack का संकेत होता है। वास्तव में, सीने में दर्द के कई कारण हो सकते हैं, जैसे muscles या nerves से जुड़ी समस्याएं। हालांकि, यदि तेज दर्द बाएं हाथ या जबड़े तक फैलता है और इसके साथ पसीना और सांस लेने में तकलीफ होती है, तो इसे Medical emergency मानना चाहिए।
दूसरी गलतफहमी यह है कि सामान्य ECG का मतलब दिल पूरी तरह स्वस्थ है। जबकि ECG एक महत्वपूर्ण जांच है, लेकिन यह हर प्रकार की हृदय समस्या को नहीं पहचान सकता। कई बार Echocardiography, Angiography, Treadmill test और Blood test जैसे अन्य परीक्षणों की भी आवश्यकता होती है। मरीजों को अपने Cardiologist की सलाह पर भरोसा करना चाहिए, भले ही शुरुआती जांच सामान्य दिखे।
प्रश्न: दिल को स्वस्थ रखने के लिए आप पाठकों को क्या सलाह देना चाहेंगे?
उत्तर: दिल को स्वस्थ रखने के लिए नियमित Lifestyle अपनाना जरूरी है। रोजाना कम से कम 30 मिनट तक Jogging, Cycling, Swimming या किसी भी Aerobic activity से हृदय मजबूत होता है और रक्तसंचार बेहतर होता है। Alcohol और Tobacco से बचना उतना ही जरूरी है, क्योंकि ये रक्तवाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और हृदय रोग का खतरा बढ़ाते हैं।
कम तेल और घी वाला संतुलित आहार, Packaged food और मीठे पेय पदार्थों को सीमित करना, Cholesterol और वजन नियंत्रण में मदद करता है। नियमित स्वास्थ्य जांच और Blood Pressure, Blood Sugar व Cholesterol की निगरानी से जोखिम का समय रहते पता चल जाता है। Pranayama, Yoga या Meditation के माध्यम से Stress को नियंत्रित करना, पर्याप्त पानी पीना और हर रात कम से कम 6-7 घंटे की अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। स्वस्थ वजन बनाए रखना और Sugar का सेवन नियंत्रित करना लंबे समय तक दिल की सुरक्षा करता है।
प्रश्न: समय के साथ Cardiology में क्या बदलाव आए हैं और इससे मरीजों को कैसे फायदा हुआ है?
उत्तर: पिछले कुछ दशकों में Cardiology में असाधारण प्रगति हुई है। पहले ज्यादातर मामलों में Open heart surgery ही मुख्य समाधान था। ये सर्जरी जटिल होती थीं, बड़े चीरे की जरूरत होती थी और recovery में काफी समय लगता था।
आज Interventional Cardiology ने उपचार को पूरी तरह बदल दिया है। अब Blockage को मिनटों में minimally invasive procedure के जरिए खोला जा सकता है। Recovery का समय काफी कम हो गया है और मरीज अक्सर एक या दो दिन में घर लौट जाते हैं। यहां तक कि जटिल Valve surgeries भी अब बेहद सटीकता के साथ की जा रही हैं। इन प्रगति ने मरीजों की जीवित रहने की दर बढ़ाई है, अस्पताल में रहने का समय घटाया है और आराम को बेहतर बनाया है।
प्रश्न: सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं पर आपका क्या दृष्टिकोण है?
उत्तर: Chiranjeevi और RGHS जैसी सरकारी योजनाओं ने खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए इलाज को अधिक सुलभ बनाया है। हालांकि, कुछ कमियां हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। कई मरीज Insurance coverage को सही तरह से नहीं समझते और मान लेते हैं कि पूरी राशि एक ही इलाज में इस्तेमाल हो सकती है, जबकि वास्तव में अलग-अलग बीमारियों के लिए निश्चित packages तय होते हैं।
जिन मरीजों को कई बीमारियां होती हैं, उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है क्योंकि packages जटिल मामलों को पूरी तरह cover नहीं कर पाते। इसके अलावा Hospitals और Pharmacy को payment में देरी भी इन योजनाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित करती है। बेहतर जागरूकता और समय पर payment से इन योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
प्रश्न: अन्य राज्यों की तुलना में Rajasthan की स्वास्थ्य सेवाओं को आप कैसे आंकते हैं?
उत्तर: Rajasthan ने Chiranjeevi और RGHS जैसी योजनाओं के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र में कई सकारात्मक कदम उठाए हैं। इन पहल से surgery और इलाज अधिक किफायती हुए हैं। मैं लोगों को Health insurance लेने के लिए प्रोत्साहित करता हूं ताकि वे अपने medical खर्च को सुरक्षित कर सकें। हालांकि, किफायत के साथ quality बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। सेवाएं सुलभ हुई हैं, लेकिन लंबे समय के सुधार के लिए उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखना आवश्यक है।
प्रश्न: युवा Medical अभ्यर्थियों, खासकर Cardiology में रुचि रखने वालों के लिए आपका क्या संदेश है?
उत्तर: Cardiology एक चुनौतीपूर्ण लेकिन अत्यंत संतोषजनक क्षेत्र है। दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए कुशल Cardiologists की मांग हमेशा बनी रहेगी। लेकिन इस पेशे को केवल आकर्षण के लिए नहीं, बल्कि मानव सेवा की सच्ची भावना के साथ चुनना चाहिए। समर्पण, करुणा और ईमानदारी ही चिकित्सा क्षेत्र में सफलता की असली पहचान हैं। यदि आप ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ इस क्षेत्र को अपनाते हैं, तो यह सफर अर्थपूर्ण और संतोषजनक होगा।

