बिजऩेस रेमेडीज/छत्तीसगढ़
विविधीकृत अदाणी पोर्टफोलियो की सीमेंट और निर्माण सामग्री कंपनी Ambuja Cement , परिवर्तनकारी ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम के माध्यम से भाटापारा में ग्रामीण महिलाओं के बीच आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है। सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने और प्रशिक्षण और संसाधनों में व्यापक सहायता प्रदान करके, कंपनी की सीएसआर पहल महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता और स्थायी आजीविका प्राप्त करने में मदद कर रही है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ‘लखपति दीदी कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं को सालाना 1 लाख रुपये या उससे अधिक की घरेलू आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। अंबुजा सीमेंट्स की सीएसआर टीम ने इस कार्यक्रम के लिए भाटापारा से 188 महिलाओं की पहचान की और उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने के लिए आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षण प्रदान किया। कई महिलाओं ने सफलतापूर्वक सिलाई, सब्जी की खेती और खुदरा स्टोर जैसे उद्यमों में कदम रखा है, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है और उनके समुदायों को प्रेरणा मिली है।
इस पहल ने कुलेश्वरी वर्मा जैसी महिलाओं को सक्षम बनाया है, जो एक फैंसी स्टोर की मालकिन हैं और सालाना 3.75 लाख रुपये कमाती हैं, और कुसुम पटेल, जो सब्जय़िाँ उगाती हैं और सालाना 1.1 लाख रुपये कमाती हैं, परिवर्तनकारी वित्तीय विकास हासिल करने में सक्षम हैं। उनकी जैसी कहानियां इस बात पर प्रकाश डालती हैं कि संसाधनों तक पहुंच और निरंतर समर्थन कैसे ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता की क्षमता को खोल सकता है। अंबुजा सीमेंट्स अपनी सीएसआर पहलों के माध्यम से समावेशी विकास और सतत आजीविका को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण महिला उद्यमियों का समर्थन करके, कंपनी आर्थिक सशक्तिकरण और दीर्घकालिक सामुदायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

