बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। जयपुर में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पिछले नौ वर्षों से विक्रम अग्रवाल लर्नेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स संस्था स्थापित कर निरंतर प्रयासरत हैं। कई युवाओं को यहां से कोर्स कर रोजगार भी मिला है। आने वाले समय में वह और नए-नए कोर्स शुरू कर छात्रों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
आपकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि बताएं?
मैंने एमबीए (रूरल मैनेजमेंट) और एमएसडब्लू किया है।
लर्नेट स्किल डेवलपमेंट की स्थापना कब की गई और वर्तमान की स्थिति बताएं?
इसकी स्थापना वर्ष,2016 में की गई है। वर्तमान में यह सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा।
लर्नेट स्किल डेवलपमेंट खोलने की प्रेरणा आपको किससे मिली?
हमारी संस्था को स्किल डेवलपमेंट की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा उस सामाजिक आवश्यकता से मिली, जहां युवा आबादी तो बहुत है, लेकिन उनके पास व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल की कमी है। हमने महसूस किया कि यदि युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण और रोजगार योग्य स्किल्स प्रदान किए जाएं, तो वे ना केवल अपने लिए, बल्कि देश के लिए भी एक मजबूत भविष्य बना सकते हैं।

एनएसडीसी और सरकार की ‘स्किल इंडिया मिशन’: पहले भी हमने प्रेरित किया कि हम भी इस राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बनें और स्किल सेंटर के माध्यम से देश के विकास में योगदान दें। हमने अपने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थानीय उद्योगों, युवाओं की जरूरतों और रोजगार बाजार के अनुरूप डिजाइन किया है। हमारा उद्देश्य सिर्फ प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें कॅरियर के लिए तैयार करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना है। यही सोच हमारी प्रेरणा है।
लर्नेट स्किल डेवलपमेंट में क्या-क्या सिखाया जाता है और कितने छात्र हैं?
यहां कॉस्मेटोलॉजी में डिप्लोमा, डेटा एंट्री ऑपरेटर, रिटेल सेल्स ई एंड एग्जीक्यूटिव, फैशन उद्यमी, टेली आदि की विद्या सिखाई जाती है। यहां वर्तमान में कुल पचास छात्र हैं।
लर्नेट स्किल डेवलपमेंट अन्य स्किल डेवलपमेंट से अलग कैसे है?
हम योग्य प्रशिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, बेहतर बुनियादी ढांचा, प्लेसमेंट अवसर प्रदान करते हैं।
लर्नेट स्किल डेवलपमेंट में कितना स्टाफ है?
हमने संस्थान में फिलहाल सात से आठ का स्टाफ रख रखा है।
भविष्य में स्किल डेवलपमेंट को और कितना आगे बढ़ाना चाहते हैं?
हमारा उद्देश्य स्किल डेवलपमेंट को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। हम आने वाले वर्षों में उद्योग-संरेखित पाठ्यक्रम, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और भविष्यवादी कार्यक्रम पर विशेष ध्यान देंगे ताकि युवा केवल शिक्षित नहीं, बल्कि सेवा योग्य बनें।
सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हैं, तो बताएं?
हमारी संस्था ने समय-समय पर कई सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य किए हैं, जिनका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों तक पहुंच बनाना रहा है। कुछ प्रमुख पहल हमने की है, इनमें प्रथम- नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण: ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं के लिए हमने कई बार नि:शुल्क स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जहां उन्हें ट्रेनिंग के साथ-साथ कैरियर परामर्श भी दिया गया है।
दूसरी-महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष बैचेस चलाए गए, जिसमें सिलाई, ब्यूटी व वेलनेस, आईटी आदि क्षेत्रों की ट्रेनिंग दी गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना था। तीसरा-प्लेसमेंट फेयर और रोजगार मेला: स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए हम नियमित रूप से प्लेसमेंट ड्राइव्स और रोजग़ार मेलों का आयोजन करते हैं, जिससे उन्हें नौकरी के सीधे अवसर मिलते हैं।

