बिजनेस रेमेडीज। जयपुर आधारित ‘लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस लिमिटेड’ एमएसएमई, व्हीकल और कंस्ट्रक्शन लोन व अन्य लोन संबंधित कारोबारी गतिविधियों में कार्यरत प्रमुख कंपनी है। कंपनी द्वारा भविष्य में ऋण देने के लिए पूंजीगत आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु पूंजी आधार में वृद्धि हेतु बीएसई और एनएसई मैनबोर्ड पर आईपीओ लाया जा रहा है। बिजनेस रेमेडीज की टीम ने कंपनी के प्रोस्पेक्ट्स से कंपनी की कारोबारी गतिविधियों के संबंध में जानकारी हासिल की है।
कारोबारी गतिविधियां: 1996 में स्थापित, लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस लिमिटेड एक एनबीएफसी कंपनी के रूप में कार्यरत है। कंपनी एमएसएमई लोन, व्हीकल लोन, कंस्ट्रक्शन लोन और अन्य लोन उत्पाद प्रदान करती है। कंपनी अपने लोन उत्पादों से छोटे व्यवसायों और उद्यमियों को सहायता प्रदान करती है। 80 फीसदी से अधिक एमएसएमई लोन प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
कंपनी के लोन उत्पाद:
एमएसएमई फाइनेंस : कंपनी एमएसएमई के लिए आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति के बदले सिक्योर्ड लोन प्रदान करती है, जिसकी ऋण राशि 0.05 मिलियन रुपए से 2.5 मिलियन रुपए तक, 65 फीसदी का एलटीवी अनुपात और 84 महीने तक की अवधि होती है।
व्हीकल फाइनेंस : कंपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक उपयोग के लिए सिक्योर्ड व्हीकल लोन प्रदान करती है, जिसमें वाणिज्यिक वाहनों (1.5 मिलियन रुपए तक), दोपहिया वाहनों (0.15 मिलियन रुपए तक) और ट्रैक्टरों (0.7 मिलियन रुपए तक) के लिए वित्तपोषण शामिल है।
कंस्ट्रक्शन लोन: कंपनी खुदरा ग्राहकों को निर्माण या नवीनीकरण के लिए आवासीय या व्यावसायिक संपत्ति के बदले सिक्योर्ड कंस्ट्रक्शन लोन प्रदान करती है, जिसकी ऋण राशि 2.5 मिलियन रुपए तक, ब्याज दरें 18 फीसदी-28 फीसदी के बीच और अवधि 84 महीने तक होती है।
31 मार्च, 2025 तक के कारोबारी मुख्य बिंदु :
प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (एयूएम): 2025 में कंपनी का एयूएम 12,770.18 मिलियन रुपए रहा, जिसमें एमएसएमई और व्हीकल लोन की हिस्सेदारी क्रमश: 76.34 फीसदी और 16.12 फीसदी थी।
ग्राहक आधार: उक्त अवधि तक कंपनी का ग्राहक आधार 35,568 ग्राहक था, जिनमें 18,596 सक्रिय एमएसएमई ग्राहक और 12,423 सक्रिय व्हीकल लोन ग्राहक शामिल हैं। 31 मार्च, 2024 तक 23,906 ग्राहकों की तुलना में 48.78 फीसदी की वृद्धि हुई है। कंपनी के ग्राहक आधार का 37.10 फीसदी पहली बार ऋण लेने वाले ग्राहक हैं।
शाखा नेटवर्क: 31 मार्च, 2024 तक 135 शाखाओं से बढक़र 158 शाखाएं हो गईं। कंपनी की राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शाखाएं हैं, जिनमें राजस्थान में सबसे अधिक शाखाएं हैं। 47 ऋणदाताओं से धन प्राप्त किया गया – कंपनी द्वारा 8 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, 10 निजी बैंक, 7 लघु वित्त बैंक और 22 एनबीएफसी से धन प्राप्त किया गया।
प्रवर्तकों का अनुभव
44 वर्षीय दीपक बैद कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं। उनके पास राजस्थान विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री है। वे 4 फरवरी, 2011 से कंपनी से जुड़े हुए हैं। उन्हें वित्त उद्योग में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
75 वर्षीया प्रेम देवी बैद कंपनी की पूर्णकालिक निदेशक हैं। उन्होंने माध्यमिक विद्यालय की परीक्षा उत्तीर्ण की है। वे 4 फरवरी, 2011 से कंपनी से जुड़ी हैं। उन्हें कंपनी में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
43 वर्षीया अनीशा बैद कंपनी की पूर्णकालिक निदेशक हैं। उनके पास बैंगलोर विश्वविद्यालय से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री है। वे 31 दिसंबर, 2016 से कंपनी से जुड़ी हैं। 9 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, वे कंपनी के मानव संसाधन प्रबंधन में शामिल हैं। वे पहले त्रिलोचना डीलट्रेड प्राइवेट लिमिटेड में निदेशक के रूप में भी जुड़ी हुई थीं।
वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने परिचालन से 130.67 करोड़ रुपए का राजस्व और 15.97 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ, वित्त वर्ष 2024 में कंपनी ने परिचालन से 175.02 करोड़ रुपए का राजस्व और 22.47 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ और वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने परिचालन से 248.04 करोड़ रुपए का राजस्व और 36.01 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
वित्तीय परिणामों से स्पष्ट है कि कंपनी साल दर साल अच्छे वित्तीय परिणाम प्रस्तुत कर रही है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने 14.48 फीसदी का कर पश्चात शुद्ध लाभ मार्जिन अर्जित किया है। वित्त वर्ष 2025 में तक कंपनी की असेट 1412.52 करोड़ रुपए, नेटवर्थ 257.47 करोड़ रुपए, रिजर्व एवं सरप्लस 236.99 करोड़ रुपए और कुल कर्ज 1137.06 करोड़ रुपए रहा।
आईपीओ के संबंध में जानकारी: ‘लक्ष्मी इंडिया फाइनेंस लिमिटेड’ का आईपीओ बीएसई और एनएसई मैनबोर्ड पर 29 जुलाई को खुलकर 31 जुलाई 2025 को बंद होगा। कंपनी द्वारा बुक बिल्ट इश्यू प्रणाली से 5 रुपए फेसवैल्यू के 1,60,92,195 शेयर 150 से 158 रुपए प्रति शेयर के भाव पर जारी कर 254.26 करोड़ रुपए जुटाए जा रहे हैं। इनमें से 56,38,620 शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बिक्री कर कंपनी के शेयरधारकों द्वारा 89.09 करोड़ रुपए हासिल किए जाएंगे। आईपीओ का प्रबंधन प्रमुख लीड मैनेजर कंपनी पीएल कैपिटल मार्केट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।
नोट: यह लेख निवेश सलाह नहीं है।

