New Delhi में C-DOT Foundation Day
New Delhi में Centre for Development of Telematics (C-DOT) के 43वें Foundation Day पर Union Minister for Communications and Development of North Eastern Region Jyotiraditya M Scindia ने स्वदेशी Telecom Technology को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि C-DOT को Research and Development से आगे बढ़कर commercially viable products तैयार करने की दिशा में तेजी से काम करना होगा।
‘Made in India, Made for the World’ पर जोर
Scindia ने कहा कि भारत को ऐसी Technology तैयार करनी होगी जो affordable, reliable, scalable और globally competitive हो। उनका कहना था कि देश को अब केवल ‘Made in India’ products तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी Technology बनानी चाहिए जो भारत में विकसित हो और पूरी दुनिया के लिए उपयोगी साबित हो।
4G से 6G Leadership की तैयारी
मंत्री ने कहा कि भारत 4G के दौर में दुनिया से पीछे था, लेकिन 5G में वैश्विक विकास के साथ कदम मिलाकर चल रहा है। अब देश के पास 6G Technology में Leadership हासिल करने का अवसर है। उन्होंने C-DOT के indigenous 4G technology stack को बड़ी उपलब्धि बताया।
करीब 1 लाख Towers पर Technology
Scindia के अनुसार indigenous 4G stack करीब 1 लाख Towers पर deploy किया जा चुका है और देशभर में ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। उन्होंने C-DOT engineers की भूमिका की सराहना करते हुए 5G capabilities को और मजबूत करने तथा 6G standards के विकास में योगदान बढ़ाने को कहा।
Future Telecom Networks पर फोकस
Scindia ने कहा कि भविष्य के Telecom Networks केवल connectivity तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि उन्हें secure, trusted, resilient और intelligent बनाना होगा। C-DOT में लगभग 1,565 employees हैं, जिनमें आधे से अधिक की उम्र 40 वर्ष से कम है। उन्होंने इस युवा workforce को भारत की next-generation Technology ambitions के लिए महत्वपूर्ण ताकत बताया।
2047 के लक्ष्य में C-DOT की भूमिका
भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए Scindia ने कहा कि C-DOT को courage, disruption, ownership और tenacity के साथ आगे बढ़ना होगा और खुद को एक global technology force के रूप में स्थापित करना होगा।

