Chennai,
देश में सड़क ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) तमिलनाडु के तीन प्रमुख टोल प्लाजा पर बिना बैरियर वाली टोल वसूली प्रणाली लागू करने जा रहा है। यह व्यवस्था पूरे देश में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
नई मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर स्थित नेमिली और चेन्नासमुद्रम टोल प्लाजा तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर स्थित परानूर टोल प्लाजा पर लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को समाप्त करना, यातायात को बिना बाधा के चलाना और यात्रियों का समय बचाना है। वर्तमान व्यवस्था में वाहनों को टोल भुगतान के लिए धीमा होना या रुकना पड़ता है, जिससे जाम और देरी की समस्या उत्पन्न होती है। नई प्रणाली में वाहन बिना किसी भौतिक अवरोध के सामान्य गति से गुजर सकेंगे। इसके लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान तकनीक और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरों का उपयोग किया जाएगा। यह प्रणाली FASTag से जुड़ी होगी, जिससे वाहन गुजरते ही टोल राशि अपने आप संबंधित खाते से कट जाएगी।
जब कोई वाहन टोल क्षेत्र से गुजरता है, तो रेडियो फ्रीक्वेंसी यंत्र FASTag की जानकारी पढ़ते हैं, वहीं कैमरे वाहन की नंबर प्लेट को दर्ज करते हैं। इसके बाद प्रणाली वास्तविक समय में जानकारी का मिलान कर टोल राशि की स्वचालित कटौती सुनिश्चित करती है। इससे पूरी प्रक्रिया तेज, सरल और संपर्क रहित हो जाती है। अधिकारियों के अनुसार, तमिलनाडु में इस परियोजना की तैयारी शुरू हो चुकी है और कैमरे व अन्य उपकरण लगाने के स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। अगले चार महीनों में भौतिक ढांचा तैयार होने की संभावना है, जिसके बाद सॉफ्टवेयर समन्वय और परीक्षण किया जाएगा। यह दोहरी तकनीक प्रणाली सटीकता बढ़ाने और राजस्व हानि को रोकने में भी सहायक होगी। यदि किसी कारणवश FASTag काम नहीं करता है, तो कैमरे बैकअप के रूप में वाहन की पहचान कर टोल वसूली सुनिश्चित करेंगे।
नियंत्रित प्रवेश वाले राजमार्गों पर यह प्रणाली यात्रा की वास्तविक दूरी के आधार पर टोल निर्धारण भी कर सकती है, जिससे भुगतान अधिक पारदर्शी और उचित हो जाएगा। नई व्यवस्था से ईंधन की खपत में कमी आएगी और वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी घटेगा, क्योंकि टोल प्लाजा पर रुकने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। साथ ही, भौतिक टोल ढांचे के रखरखाव पर होने वाला खर्च भी कम होगा। तमिलनाडु इस उन्नत प्रणाली को अपनाने वाले शुरुआती राज्यों में शामिल है, जिससे राज्य देश में तेज, स्मार्ट और कुशल सड़क यात्रा व्यवस्था की दिशा में अग्रणी बन रहा है।

