Monday, July 13, 2026 |
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UPI और Digital Fraud पर कसेगा शिकंजा

by Business Remedies
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जयपुर | BR News Network | भारत में Unified Payment Interface (UPI) digital payments का चलन दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है। छोटी-छोटी दुकानों से लेकर मॉल तक UPI से ही digital payments होने लगा है। एक समय था जब लोग खरीददारी नकद रुपए देकर करते थे। पर अब बहुत तादात में transaction UPI के जरिए digital payments के माध्यम से होने के कारण fraud भी बढ़ने लगे हैं। अब RBI ने UPI और digital धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए कई सख्त सुरक्षा उपायों का प्रस्ताव दिया है, जिसमें 10,000 रुपए से अधिक के transaction पर 1 घंटे का ‘cooling period’ (hold), संदिग्ध खातों के लिए ‘kill switch’ (तत्काल blocking) और 70 वर्ष से अधिक उम्र के senior citizens के लिए ‘trusted person’ authentication शामिल हैं। RBI का यह प्रस्ताव कुछ payments के process के तरीकों को बदलने के लिए है।

सुरक्षा के मद्देनजर बदलाव
अगर ये नियम लागू होता है तो 10 हजार रुपए से अधिक रुपए वाली payments तुरंत पूरी नहीं होगी। इस payments को पूरा होने में कुछ वक्त लगेगा। रुपए भेजने वाले के bank खाते से तुरंत रकम तो कट जाएगी पर जिसके bank खाते में रुपए पहुंचने हैं, उसको 1 घंटे के बाद receive होंगे। यह बदलाव सुरक्षा के मद्देनजर लाया जा रहा है। इस दौरान रुपए भेजने वाले चाहें तो payments को 1 घंटे के अंदर cancel भी कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि ये नियम सिर्फ person to person transfer पर लागू होगा। दुकान पर QR code के जरिए होने वाले payments पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

यूजर्स को मिलेगा सोचने का समय
Indian Reserve Bank की यह पहल cyber ठगी पर नकेल कसने के लिए महत्वपूर्ण कही जा सकती है।
Cyber ठगी के case में रुपए कुछ मिनट के अंदर ना जाने कितने सारे account से होकर गुजर जाते हैं और cash के रूप में निकाल लिए जाते हैं। इसके बाद recovery में परेशानी आती है। RBI का मानना है कि धोखेबाज fake call center, deepfake के जरिए पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करने वाले घोटाले और fake खातों के network जैसे विभिन्न हथकंडे अपना रहे हैं। समाज के लगभग सभी वर्ग, विशेषकर senior citizens जैसे संवेदनशील समूह, इस तरह के app (authorised push payment) धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं। 1 घंटे की देरी मददगार साबित होगी। Reserve Bank इस देरी को golden hour के रूप में मानता है, जहां users को खुद सोचने का समय मिलेगा और इससे ठगी से बाहर निकलने का मौका मिलेगा।

यूं समझें, एक नजर में
-1 घंटे का waiting period: 10,000 रुपए से ज्यादा के UPI transaction पर 1 घंटे की देरी होगी, ताकि गलत या fraud transaction को report और cancel किया जा सके।
-kill switch: अगर users को fraud का शक हो, तो वे एक click से अपने सभी UPI/net banking accounts को तुरंत बंद (block) कर सकते हैं।
-सिनियर citizens के लिए सुरक्षा: 70 वर्ष से अधिक उम्र के customers के लिए बड़े transaction में किसी विश्वसनीय व्यक्ति का verification अनिवार्य करने का प्रस्ताव है।
-multi-factor authentication: सिर्फ OTP की जगह biometrics या PIN जैसे अतिरिक्त layers का उपयोग करना।
-shadow credit और limit: mule accounts (fake accounts) पर लगाम लगाने के लिए हर साल की credit limit fix करने और संदिग्ध transaction को shadow credit में रखने का विचार है।

वर्षवार धोखाधड़ी के मामले
वर्ष, 2025 में 22,931 करोड़ रुपए के 28 लाख धोखाधड़ी के मामले।
वर्ष, 2024 में 22,848 करोड़ रुपए के 24 लाख मामले।
वर्ष, 2023 में 7,465 करोड़ रुपए मूल्य के 13.1 लाख मामले।
वर्ष, 2022 में 2,290 करोड़ रुपए मूल्य के 6.9 लाख मामले दर्ज किए गए।
वर्ष, 2021 में 551 करोड़ रुपए मूल्य के 2.6 लाख मामले दर्ज किए गए।



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