Friday, July 3, 2026 |
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RBI का अनुमान: 2026-27 में महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने की संभावना, मजबूत रबी फसल से राहत

by Business Remedies
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RBI Governor presenting India's inflation forecast

Mumbai,

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2026-27 के लिए देश की महंगाई दर का अनुमान 4.6 प्रतिशत लगाया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार, मजबूत रबी फसल के कारण निकट अवधि में खाद्य आपूर्ति बेहतर हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कुछ राहत मिल रही है। RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का असर देश में कुछ ईंधनों की कीमतों पर पड़ा है। प्रीमियम पेट्रोल, एलपीजी और औद्योगिक उपयोग वाले डीजल के दाम बढ़े हैं। हालांकि, मजबूत रबी फसल ने खाद्य आपूर्ति को बेहतर बनाया है, जिससे महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिली है। RBI के अनुसार वर्ष 2026-27 में महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसमें पहली तिमाही में 4.0 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 5.2 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.7 प्रतिशत रहने की संभावना जताई गई है।

वैश्विक हालात और मौसम से बढ़ सकते हैं जोखिम

केंद्रीय बैंक ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और संभावित एल नीनो जैसी मौसम स्थितियां महंगाई को बढ़ा सकती हैं। इन कारणों से खाद्य कीमतों और ऊर्जा लागत में वृद्धि का खतरा बना हुआ है। RBI ने बताया कि खाद्य और ईंधन को छोड़कर कोर महंगाई वर्ष 2026-27 में 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कीमती धातुओं को हटाने पर यह और कम है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आंतरिक महंगाई दबाव फिलहाल नियंत्रित हैं। गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि फरवरी 2026 तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि देश की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है। निजी खपत और निवेश की मांग से विकास को समर्थन मिल रहा है।

वैश्विक संघर्ष का विकास पर असर

हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर आर्थिक विकास पर पड़ सकता है। ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय परिवहन और बीमा लागत में वृद्धि तथा आपूर्ति श्रृंखला में बाधाएं विभिन्न क्षेत्रों के लिए आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता को प्रभावित कर सकती हैं। सरकार ने निर्यात को बढ़ावा देने और आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिससे नकारात्मक प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है। RBI ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत है, जिससे वह बाहरी झटकों का सामना पहले की तुलना में बेहतर तरीके से कर सकती है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने सतर्क रुख अपनाने और परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत बताई है।



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