Saturday, July 18, 2026 |
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विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण केंद्र के रूप में संचालित हाथोज का रदरफोर्ड पब्लिक सीनियर सैकण्डरी स्कूल

by Business Remedies
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कुंजेश कुमार पतसारिया:| विद्यार्थियों को अनुशासित, संस्कारवान शिक्षा देने का संकल्प लेकर Pranavendra Singh Chaudhary ने ग्रामीण इलाके Hathoj में अंग्रेज़ी माध्यम Rutherford Public Senior Secondary School शुरू कर अपनी अलग पहचान कायम की है। आज यहां छह सौ से अधिक विद्यार्थी भविष्य निर्माण के लिए शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। जबकि बाईस टीचर और करीब पंद्रह अन्य स्टाफ विद्यालय से जुड़े हुए हैं। प्रारंभ में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक स्कूल खोला गया, कुछ समय बाद ही इसे 12वीं कक्षा तक क्रमोन्नत करवाकर साइंस सब्जेक्ट शुरू किया। इस सत्र से साइंस के साथ Agriculture और Arts सब्जेक्ट शुरू करने के लिए वे पूरी तरह प्रयासरत हैं।

आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
मैंने B.Tech (Electrical and Communication) जयपुर से किया है। शुरू में coaching institute में मैक्स सब्जेक्ट पढ़ाया। उसके बाद स्वयं का स्कूल खोलने की रूचि हुई। फिर वर्ष 2021 में आठवीं कक्षा तक स्कूल शुरू कर दिया। इसके दो वर्ष बाद ही RBSE से मान्यता लेकर 12वीं कक्षा साइंस सब्जेक्ट में पढ़ाई प्रारंभ कर दी।

स्कूल खोलने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और बच्चों को किस तरीके की शिक्षा प्रदान करते हैं?
स्कूल खोलने की प्रेरणा समाज की उस आवश्यकता से मिली, जहां शिक्षा तो थी, पर दिशा और संस्कार का अभाव था। मुझे यह महसूस हुआ कि यदि एक भी बच्चा सही मार्गदर्शन पा जाए, तो वही परिवर्तन की शुरुआत बन सकता है। हमारे परिवार का background अध्ययन और अध्यापन में रहा है। पिता Satyapal Jat स्कूल में अब भी principal के तौर पर विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। उन्हीं की प्रेरणा से मैं भी अध्यापन से जुड़ा। हम बच्चों को सैद्धांतिक ज्ञान के अलावा व्यवहारिक ज्ञान अर्जन करवाने का पूरा प्रयास करते हैं।

रदरफोर्ड पब्लिक स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था ही नहीं है, बल्कि विचारधारा व संस्कृति और भविष्य निर्माण केंद्र है। हर बच्चा जन्म से प्रतिभाशाली होता है, जरूरत होती है, सही दिशा, सही वातावरण और सही मार्गदर्शन की। हम बच्चों को केवल पढ़ाते ही नहीं बल्कि उन्हें सोचने, प्रश्न करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना सिखाते हैं।

आप के स्कूल की विशेषता क्या है, अन्य स्कूलों से भिन्न कैसे है?
हमारे स्कूल की कई विशेषताएं अन्य विद्यालयों से भिन्न बनाती हैं। यहां शिक्षा केवल syllabus से नहीं बल्कि संस्कारों से दी जाती है। अधिकांश विद्यालयों में पढ़ाई परीक्षा केंद्रित ही होती है। जबकि हमारे विद्यालय में शिक्षा चरित्र, सोच और जिम्मेदारी के निर्माण पर आधारित है। हम विद्यार्थियों को क्या पढ़ना है नहीं, कैसे सोचना है—यह सब सिखाते हैं। हम मानते हैं कि याद किया गया ज्ञान भूल जाता है, जबकि समझा गया ज्ञान जीवन बनाता है।

हमारी शिक्षा प्रणाली समझ, प्रयोग और आत्मविश्वास पर आधारित है। Rutherford School में अनुशासन डांट या दबाव से नहीं, संवाद, उदाहरण और संस्कार से आता है। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थी स्वतः अनुशासित और जिम्मेदार बनते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के भविष्य के mentors हैं, ना कि केवल subject teachers।

वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आई, अगर आई तो उसका समाधान किस तरह से किया?
हम चुनौतियों से नहीं घबराते, उन्हें समाधान में बदलते हैं। आज rote learning और समझ की कमी को concept-based learning—यानी क्यों और कैसे, और जीवन से जुड़ी शिक्षा पर जोर देकर हम समाधान करते हैं।

आत्मविश्वास और संवाद कौशल की कमी के कारण कई छात्र पढ़े-लिखे होते हुए भी अपनी बात स्पष्ट रूप से नहीं कह पाते। इसके लिए हम विद्यार्थियों को दैनिक English व Hindi संवाद अभ्यास, मंच प्रस्तुति और group activities करवाते हैं।

डिजिटल युग में बच्चों का दिशाहीन होना आम बात हो गई है, इसके लिए हम खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों, सीमित और उद्देश्यपूर्ण तकनीक उपयोग, शिक्षक-अभिभावक और विद्यालय समन्वय पर विशेष focus रखते हैं। नैतिक मूल्यों व अनुशासन पर जोर देते हैं। हमारा मानना है कि चुनौतियां शिक्षा को कमजोर नहीं करती बल्कि सही दृष्टि उन्हें मजबूत बनाती है।

सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हों तो बताएं?
हम आर्थिक दृष्टि से कमजोर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं। इसके अलावा समय-समय पर गरीब बच्चों को भोजन सामग्री व कपड़े भी देते रहते हैं।

आपके आदर्श कौन हैं?
मेरे जीवन के आदर्श पिता Satyapal Jat हैं। वे स्वयं शिक्षा विभाग से जुड़े हैं। मैंने उनके माध्यम से देखा कि शिक्षा केवल नौकरी नहीं बल्कि संस्कार और समाज निर्माण का माध्यम बनती है। उनका अनुशासन, ईमानदारी और विद्यार्थियों के प्रति समर्पण ही मेरी प्रेरणा बना।

भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
हमारा लक्ष्य केवल शाखाएं बढ़ाना नहीं है। हम Rutherford को एक शैक्षणिक मॉडल बनाना चाहते हैं, जहां गुणवत्ता, मूल्य और परिणाम तीनों एक साथ हों। विस्तार को संख्या से नहीं, बल्कि प्रभाव से मापते हैं।

नए युवाओं को स्कूल शुरू करने के लिए क्या सुझाव देंगे, जिससे वह उत्तरोत्तर बढ़ सकें?
मेरा सुझाव है कि वे स्कूल को व्यापार नहीं, मिशन मानें। उद्देश्य स्पष्ट करें, मुनाफा स्वयं आएगा। छोटे स्तर से शुरुआत करें, सोच बड़ी रखें। मजबूत नींव पर ही ऊंची इमारत खड़ी होती है। शिक्षक चयन में कभी समझौता न करें। अच्छा शिक्षक ही स्कूल की आत्मा है। गुणवत्ता से समझौता न करें।

सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं? ताकि व्यवसाय को और गति मिल सके?
हम सरकार से केवल सहायता नहीं, सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। यदि नीतियां स्थिर हों, प्रक्रियाएं सरल हों और शिक्षा को व्यवसाय नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के रूप में देखा जाए तो शैक्षणिक संस्थान स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ेंगे। सरकार यदि मार्गदर्शक की भूमिका निभाए तो शिक्षा क्षेत्र आत्मनिर्भर बनकर समाज को और मजबूत कर सकता है।


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