चारु भाटिया | बिजनेस रेमेडीज/जयपुर | वैस्कुलर सर्जरी आधुनिक चिकित्सा की उन विशिष्ट विधाओं में से एक है, जो अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद अपेक्षाकृत कम जानी जाती है। जयपुर के वरिष्ठ वैस्कुलर सर्जन और वर्तमान में Apex Hospital में सेवाएं दे रहे Dr. Adarsh Kabra अपने पेशेवर सफर, भारत में वैस्कुलर सर्जरी के बढ़ते दायरे, डॉक्टर-मरीज़ संबंधों में नैतिक चुनौतियों, तकनीक की भूमिका, सरकारी स्वास्थ्य पहलों और युवा डॉक्टरों के लिए संदेश पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
प्रश्न: आप जयपुर में अपने क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं। कृपया अपने पेशेवर सफर के बारे में बताइए।
उत्तर:
मैं एक वैस्कुलर सर्जन हूं। वैस्कुलर सर्जरी पारंपरिक चिकित्सा की मुख्यधारा का हिस्सा नहीं रही है और आज भी इसके प्रति जागरूकता सीमित है। यही कमी इसे एक अद्वितीय विशेषज्ञता बनाती है। मैं हमेशा व्यक्तिगत मरीज़ देखभाल में विश्वास करता आया हूं। कोई भी दो मरीज़ समान नहीं होते, इसलिए उपचार योजना भी हमेशा व्यक्तिगत होती है।
मैं लगभग 13 वर्ष पहले वैस्कुलर सर्जन के रूप में Apex Hospital से जुड़ा और तब से विभागाध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहा हूं। शैक्षणिक रूप से मैंने Belgaum से MBBS किया और शुरुआती शिक्षा राजस्थान में हुई। पेशेवर जीवन में मैंने Apollo Hospital, Chennai और Jain Institute of Vascular Sciences, Bengaluru में कार्य किया। इसके अलावा, Medanta Medicity, Gurugram में भी लंबा अनुभव प्राप्त किया। मैंने वर्ष 2001 में औपचारिक वैस्कुलर सर्जरी ट्रेनिंग शुरू की और अंतरराष्ट्रीय फेलोशिप के माध्यम से वैश्विक अनुभव भी प्राप्त किया।
प्रश्न: वैस्कुलर सर्जरी अब भी कम जानी जाने वाली विशेषज्ञता है। इसे अलग क्या बनाता है और इसके दायरे के बारे में बताइए।
उत्तर:
वैस्कुलर सर्जरी शरीर की रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियों के निदान और उपचार से जुड़ी है, जिसमें मस्तिष्क और हृदय की रक्त वाहिकाएं शामिल नहीं होतीं। यह नेफ्रोलॉजी और क्रिटिकल केयर जैसी अन्य शाखाओं के साथ घनिष्ठ समन्वय मांगती है। राजस्थान में केवल चार प्रैक्टिसिंग वैस्कुलर सर्जन हैं।
जागरूकता बढ़ाने और शैक्षणिक सहयोग के लिए हमने अक्टूबर 2024 में Vascular Society of India के तहत एक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें लगभग 400 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एपेक्स अस्पताल में सामाजिक कार्यक्रम और जागरूकता अभियानों पर भी ध्यान दिया जाता है, जैसे 2023 में राष्ट्रीय वैस्कुलर दिवस पर वॉकाथॉन और 2024 में ‘Amputation Free World’ थीम पर हाफ मैराथन। भारत में प्रशिक्षुओं सहित लगभग 600 वैस्कुलर सर्जन हैं, जिनमें दक्षिणी राज्यों की संख्या उत्तर भारत की तुलना में अधिक है।
प्रश्न: डॉक्टर-मरीज़ संबंधों में गिरावट के बारे में आपकी राय?
उत्तर:
मैं एपेक्स अस्पताल में एथिक्स कमेटी का सदस्य सचिव भी हूं। डॉक्टर-मरीज़ संबंधों की समस्या दोनों ओर से है। मरीज़ों को सहवर्ती बीमारियों की गंभीरता की समझ नहीं होती और कई बार वे वैकल्पिक चिकित्सा अपनाते हैं। डॉक्टरों की ओर से भी कमियां होती हैं—जैसे जांचें बिना पर्याप्त व्याख्या के लिख देना।
मीडिया की सनसनीखेज रिपोर्टिंग और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के बढ़ते प्रयोग ने भरोसे को प्रभावित किया है। चिकित्सा पूर्ण निश्चितताओं पर नहीं, बल्कि संभावनाओं और प्रतिशतों पर आधारित होती है।
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स की भूमिका?
उत्तर:
वैस्कुलर सर्जरी में रोबोटिक्स अभी प्रारंभिक चरण में है। सामान्य सर्जरी और यूरोलॉजी में यह उपयोगी साबित हो चुकी है। भविष्य में स्कैन पढ़ने, इमेजिंग विश्लेषण और मरीज़ की स्थिति के आकलन में AI की भूमिका बढ़ेगी। लेकिन यह प्रशिक्षित विशेषज्ञ और मानवीय संवेदना का विकल्प नहीं बन सकती।
प्रश्न: भारत में सरकारी स्वास्थ्य पहलों और समर्थन पर आपका दृष्टिकोण?
उत्तर:
सरकार सार्वभौमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रयास कर रही है। हालांकि नीतियां बनाते समय डॉक्टरों को मुख्य हितधारक के रूप में शामिल किया जाना चाहिए। विशेषज्ञों तक पहुंच और जटिल मामलों में उपचार की व्यवस्था अभी सीमित है। मीडिया को स्वास्थ्य जानकारी निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित ढंग से प्रस्तुत करनी चाहिए।
प्रश्न: एंटीबायोटिक प्रतिरोध पर आपके विचार?
उत्तर:
एंटीबायोटिक प्रतिरोध तेजी से बढ़ रहा है। इसका मुख्य कारण स्वयं दवा लेना और पशुओं में एंटीबायोटिक का अत्यधिक उपयोग है। यह गंभीर जनस्वास्थ्य मुद्दा है और तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
प्रश्न: अपने और अस्पताल के भविष्य को लेकर आपकी क्या दृष्टि है?
उत्तर:
मेरा लक्ष्य इस केंद्र को ऊंचाइयों तक ले जाना है, जहां समर्पित और नैतिक टीम के साथ व्यक्तिगत और मरीज़-केंद्रित इलाज संभव हो।
प्रश्न: युवा मेडिकल छात्रों को संदेश।
उत्तर:
संभावनाओं का आकाश असीम है। वैस्कुलर सर्जरी का दायरा व्यापक है और इस क्षेत्र में अपार अवसर हैं। मैं युवा डॉक्टरों को इस विशेषज्ञता अपनाने और इसके विकास में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।

