Telemedicine, स्वास्थ्य सेवाओं की एक उभरती हुई विधा: Prof. Laxmidhar Behera | पतंजलि में गुणवत्ता व मानकों का शीर्ष प्राधिकरण: Sachin Chaudhary, BIS
हरिद्वार, 15 जनवरी। Patanjali University (UoP) और Indian Institute of Technology Roorkee (IITR) के तत्वावधान में, American Institute of Management and Technology (AIMT) के सहयोग से अमेरिका की शैक्षणिक शाखा Global Knowledge Foundation (GKF), Director, Bureau of Indian Standards (BIS), Dehradun और University of Maryland Eastern Shore (UMES) के Business, Management and Accounting विभाग की संयुक्त पहल में ‘स्वास्थ्य सेवा और प्रबंधन में स्मार्ट तकनीकों के एकीकरण’ विषय पर त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 15 से 17 जनवरी तक Patanjali Research Foundation एवं विश्वविद्यालय के सहयोग से सभागार में आयोजित की गई।
इस संगोष्ठी का आयोजन smart technologies के एकीकरण के माध्यम से technology-driven, दीर्घकालिक health management को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर public health सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। पूज्य Acharya Balkrishna ने अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, धन्वंतरि वंदना और Shri Chandramohan व उनकी टीम के समूहगान से हुआ। स्वागत उद्बोधन Vice Chancellor Prof. Mayank Kumar Agrawal ने दिया, जिसके बाद Acharya Shri एवं अतिथियों द्वारा सार पुस्तक का लोकार्पण किया गया।
अपने प्रेरक संबोधन में Dr. Dev Sharma ने कबीर के दोहे के माध्यम से सेवा और लोककल्याण पर जोर दिया तथा digital health management, cyber security और AI-assisted smart systems के माध्यम से सुरक्षित, प्रभावी और उन्नत medical care की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में IIT Mandi के Director Prof. Laxmidhar Behera ने कहा कि आधुनिक AI जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है, लेकिन ethics का समावेश अनिवार्य है। उन्होंने Synchronicity City, innovation, startups और Patanjali द्वारा Indian knowledge systems एवं सनातन मूल्यों के संरक्षण पर भी बल दिया।
अपने प्रेरक संबोधन में पूज्य Acharya Balkrishna ने कहा कि ‘सहस्त्र चंद्र दर्शन’ भारतीय सनातन परंपरा में दीर्घायु, स्वस्थ और ज्ञानपूर्ण जीवन के उत्सव का प्रतीक है, जिसका सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। उन्होंने बताया कि सनातन के मूल सिद्धांत खेती और किसान के जीवन में रचे-बसे हैं, जहां natural farming, पंचमहाभूतों के सम्मान और प्रकृति से सामंजस्य के माध्यम से संतुलित जीवन का संदेश निहित है। आज सनातन संस्कृति का गौरव वैश्विक स्तर पर स्थापित हो रहा है।
उन्होंने globalization की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि इससे विश्व के देश आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से एक-दूसरे से जुड़े हैं, जिससे विश्व ‘global village’ बन रहा है। इस संदर्भ में ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का सिद्धांत वैश्विक एकता, साझा उत्तरदायित्व और सामूहिक समाधान की भावना को सुदृढ़ करता है।
‘healthcare में Internet of Things (IoT)’ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि wearable sensors, connected medical pumps और hospitals के smart devices internet और software के माध्यम से जुड़े रहते हैं, जिससे health data का collection, sharing और analysis संभव होता है।
मुख्य अतिथि Sachin Chaudhary ने Bureau of Indian Standards (BIS) द्वारा national standards, quality और safety सुनिश्चित करने की भूमिका पर जोर दिया। IIT Roorkee के Director Prof. Kamalkishore Pant ने telemedicine, digital health, AI और Indian culture के वैश्विक महत्व पर अपने विचार साझा किए।
Patanjali Herbal Research की Research Head Dr. Vedpriya Arya ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए research and development activities का समग्र परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने evidence-based history, agri-tech, soil testing और agricultural entrepreneurship को Patanjali से जोड़ते हुए AI-based practical level पर कार्य विस्तार की विस्तृत जानकारी दी और Aatmanirbhar Bharat एवं Viksit Bharat के संकल्प को दोहराया।
इसके अलावा Dr. Prashant Katiyar, Dr. Kanak Soni, Prof. Mayank Agrawal, Dr. Savita सहित अन्य विशेषज्ञों, Patanjali scientists और छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।




