Business Remedies/New Delhi (IANS)। यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ट्रांजेक्शन की संख्या फरवरी में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20.39 अरब हो गई है। इस दौरान यूपीआई ट्रांजेक्शन की वैल्यू सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 26.84 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यह जानकारी National Payments Corporation of India (NPCI) की ओर से जारी डेटा में दी गई।
NPCI डेटा के मुताबिक, फरवरी में औसत 95,865 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ है और जनवरी में यह आंकड़ा 91,403 करोड़ रुपए पर था। फरवरी में प्रतिदिन औसत 728 मिलियन ट्रांजेक्शन हुए हैं, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 700 मिलियन था। जनवरी में यूपीआई के लेनदेन की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 21.70 अरब तक पहुंच गई थी। इसके साथ ही लेनदेन की वैल्यू में भी 21 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और 28.33 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई।
वहीं दूसरी ओर, फरवरी में IMPS का मासिक वॉल्यूम 336 मिलियन रहा, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 6.42 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। प्रतिदिन औसतन 12 मिलियन लेनदेन दर्ज किए गए। आंकड़ों के अनुसार, FASTag का मासिक लेनदेन 350 मिलियन रहा, जिसकी वैल्यू 6,925 करोड़ रुपए थी, जो 5 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
यूपीआई अब United Arab Emirates (UAE), Singapore, Bhutan, Nepal, Sri Lanka, France, Mauritius और Qatar सहित आठ से अधिक देशों में सक्रिय है, जिससे India डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच से रेमिटेंस में वृद्धि हो रही है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और वैश्विक fintech में India की स्थिति मजबूत हो रही है। India और Israel ने पिछले सप्ताह यूपीआई के सीमा-पार उपयोग को सक्षम करके अपनी डिजिटल और वित्तीय साझेदारी को और गहरा करने की घोषणा की। इस प्रक्रिया में, यूपीआई Israel के घरेलू भुगतान ढांचे से जुड़ेगा ताकि डिजिटल लेनदेन तेज और अधिक किफायती हो सकें।
India के Finance Ministry द्वारा कराए गए एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, यूपीआई भुगतान का सबसे पसंदीदा माध्यम बनकर उभरा है, जो India में कुल भुगतान लेनदेन का 57 प्रतिशत है, और नकद लेनदेन (38 प्रतिशत) को पीछे छोड़ दिया है, जिसका मुख्य कारण उपयोग में आसानी और instant money transfer की इसकी क्षमता है।

