बिजऩेस रेमेडीज/हैदराबाद भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक NMDC Limited ने अपनी प्रमुख सीएसआर पहल ‘बालिका शिक्षा योजना’ के लिए आवेदन आमंत्रित करके और अपोलो विश्वविद्यालय, चित्तूर के साथ साझेदारी में एक परिवर्तनकारी ‘चिकित्सा प्रौद्योगिकी कार्यक्रम’ का शुभारंभ करके समावेशी विकास और सामुदायिक विकास के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है । इसका उद्देश्य आदिवासी युवाओं के लिए अवसरों की कमी को पूरा करना है।
1. बालिका शिक्षा योजना – आदिवासी बालिकाओं (एसटी) के लिए : इस प्रमुख पहल के तहत, NMDC बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोंडागांव, बीजापुर और नारायणपुर की युवा आदिवासी बालिकाओं को अपोलो स्कूल ऑफ नर्सिंग, यशोदा स्कूल ऑफ नर्सिंग और केआईएमएस कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हैदराबाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में बीएससी (नर्सिंग 4 वर्ष) और जीएनएम (3 वर्ष) पाठ्यक्रम करने के लिए 100त्न नि:शुल्क नर्सिंग शिक्षा प्रदान कर रहा है। पाठ्यक्रम में कुल 200 सीटें हैं, जिनमें बीएससी नर्सिंग के लिए 110 सीटें और जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) के लिए 90 सीटें शामिल हैं । कार्यक्रम में ट्यूशन, छात्रावास और शैक्षणिक लागत सहित सभी शैक्षिक व्यय को प्रति छात्र 12 से 15 लाख के निवेश के साथ कवर किया जाएगा।
आवेदक के परिवार की आय प्रति वर्ष 72,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन विंडो 28 जून 2025 को बंद हो जाएगी।
2. चिकित्सा प्रौद्योगिकी कार्यक्रम- वंचित बालक और बालिकाओं के लिए : NMDC दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों के पात्र अनुसूचित जनजाति (एसटी) छात्रों के लिए अपोलो विश्वविद्यालय, चित्तूर के साथ साझेदारी में, पूर्णत: प्रायोजित संबद्ध स्वास्थ्य देखभाल शिक्षा प्रदान कर रहा है। प्रति छात्र लगभग 12 से 15 लाख के निवेश के साथ पूरी तरह से प्रायोजित इस पहल का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को आजीविका के लिए पेशेवर कौशल से युक्त करना है। कार्यक्रम आकांक्षा छात्रों के लिए 90 सीटें प्रदान करेगा (60 प्रतिशत बालिकाओं के लिए और 40 प्रतिशत बालकों के लिए आरक्षित)। इन विशेष BSC कार्यक्रमों में शामिल हैं- आपातकालीन चिकित्सा प्रौद्योगिकी, चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी, एनेस्थिसियोलॉजी और ऑपरेशन थियेटर तकनीशियन, इमेजिंग प्रौद्योगिकी, चिकित्सक सहायक और रीनल डायलिसिस प्रौद्योगिकी। इसके लिए आवेदन 30 जून 2025 तक खुले हैं।

