Saturday, July 11, 2026 |
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NMDC की 66वीं वार्षिक आम बैठक में ऐतिहासिक उत्पादन और 2030 तक 100 एमटी कंपनी बनने की योजना पर प्रकाश डाला गया

by Business Remedies
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बिजऩेस रेमेडीज/हैदराबाद
भारत के सबसे बड़े लौह अयस्क उत्पादक एनएमडीसी ने आज हैदराबाद में अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में अपनी 66वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता एनएमडीसी के सीएमडी (अतिरिक्त प्रभार) अमिताभ मुखर्जी ने की, जिन्होंने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कंपनी के रिकॉर्ड प्रदर्शन और भविष्य के लक्ष्यों के लिए इसके रणनीतिक रोडमैप पर प्रकाश डाला। एजीएम के दौरान, मुखर्जी ने मजबूत मात्रा में उत्पादन करने और घरेलू लौह अयस्क मांग को पूरा करने के लिए एनएमडीसी की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। एनएमडीसी ने वित्त वर्ष 24 में 45एमटी का महत्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त किया और इस उपलब्धि को हासिल करने वाली पहली लौह अयस्क खनन कंपनी बन गई । साथ ही कंपनी ने बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि भी दर्ज की, जो 44.48 मीट्रिक टन तक पहुंच गई। कंपनी का राजस्व 21 प्रतिशत से बढक़र रु. 21,294 करोड़ हो गया, जिसमें कर पश्चात लाभ (पी ए टी ) रु. 5,632 करोड़ हुआ , जो पिछले वर्ष से 2 प्रतिशत की वृद्धि है और कंपनी के ईबीआईटीडीए में भी 28 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई हुई। अमिताभ मुखर्जी, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) ने कहा, कि एनएमडीसी की परिचालन उत्कृष्टता, वित्तीय सूझबूझ और रणनीतिक दक्षता ने खनन क्षेत्र में अग्रणी के रूप में हमारी स्थिति मजबूत की है। एनएमडीसी सतत विकास और कार्यनीतिक क्षमता विस्तार के मार्ग पर बढने के लिए प्रतिबद्ध है, जो वर्ष 2030 तक 100 मीट्रिक टन कंपनी तक पहुंचने के विजन से प्रेरित है।
वैश्विक और घरेलू बाजार का प्रदर्शन : मुखर्जी ने भू-राजनीतिक तनाव के कारण उतार-चढ़ाव के बावजूद स्थिर उत्पादन दर वाले वैश्विक लौह अयस्क बाजार का परिदृश्य प्रस्तुत किया। भारत ने लौह अयस्क उत्पादन में मजबूत वृद्धि दर्ज की, और इस क्षेत्र में एनएमडीसी का योगदान महत्वपूर्ण था, जिसका वित्त वर्ष 24 में मार्केट शेयर 16 प्रतिशत रहा। घरेलू रूप से, एनएमडीसी ने एक मजबूत आर्थिक वातावरण द्वारा संचालित भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वित्त वर्ष 24 में भारत की जीडीपी वृद्धि 8.2त्न रही, जो वैश्विक औसत से काफी अधिक है।
परिचालन उपलब्धियां और महत्वपूर्ण परियोजनाएं : छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में कंपनी की प्रमुख खनन परियोजनाओं ने अपने उच्चतम वार्षिक उत्पादन की मात्रा हासिल की। एनएमडीसी ने अपने कुमार मारेंगा स्टॉकयार्ड में परिचालन शुरू करने और 10 एमटीपीए रैपिड वैगन लोडिंग सिस्टम के कार्यान्वयन सहित पैलेट उत्पादन में बाधाओं को दूर करने और आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। वित्त वर्ष 24 में एक उल्लेखनीय उपलब्धि पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में माउंट सेलिया में अपनी सहायक कंपनी, लिगेसी आयरन ओर लिमिटेड के माध्यम से स्वर्ण खनन प्रारम्भ करना था। कंपनी ने मध्य प्रदेश में पन्ना हीरा खदानों में भी अपना परिचालन फिर से प्रारम्भ किया।
जलवायु परिवर्तन और ईएसजी पहल की प्रतिक्रिया : एनएमडीसी ने पर्यावरण के अनुकूल अयस्क परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा निवेशों के माध्यम से कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए चल रहे प्रयासों के साथ पर्यावरणीय स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। मुखर्जी ने एनएमडीसी की 15 एमटीपीए स्लरी पाइपलाइन बिछाने, किरंदुल- कोथावलसा रेलवे लाइन को दोहरा कर 28 एमटीपीए से 40 एमटीपीए तक दोगुना करने और सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करने की योजनाओं पर प्रकाश डाला। एनएमडीसी लिथियम और कोबाल्ट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के खनन के अवसरों का भी पता लगा रहा है। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, जैव विविधता संरक्षण को बढ़ाने और परिवर्तनकारी सीएसआर पहलों को निष्पादित करने पर केंद्रित प्रयासों के साथ कंपनी का ईएसजी प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। एनएमडीसी के शिक्षा सहयोग योजना और बालिका शिक्षा योजना जैसे प्रमुख सामाजिक कार्यक्रम ग्रामीण और जनजातीय समुदायों में लगातार सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं।
कॉर्पोरेट प्रशासन और रणनीतिक आउटलुक: मुखर्जी ने कॉरपोरेट प्रशासन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने, अपने संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एनएमडीसी की प्रतिबद्धता दोहराई। एनएमडीसी की दीर्घकालीन संकल्पना में इसकी उत्पादन क्षमता का विस्तार करना तथा भारत की राष्ट्रीय इस्पात नीति में योगदान करना शामिल है, जिसका उद्देश्य इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 एमटी तक बढ़ाना है। मुखर्जी ने कहा कि एनएमडीसी 2.0 की ओर बढ़ते हुए हम नवाचार, सुस्थिरता और साझा उद्देश्य से निर्देशित होते हैं। हमारा नया लोगो उत्तरदायित्वपूर्ण खनन और विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है और हमें विश्वास है कि हमारे हितधारकों के सहयोग से एनएमडीसी निरंतर आगे बढता रहेगा। एजीएम का समापन शेयरधारकों द्वारा एनएमडीसी की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं के लिए अपना निरंतर समर्थन व्यक्त करने और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक लाभ प्रदान करने के लिए इसकी प्रतिबद्धता के साथ हुआ।



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