कोच्चि, 17 मार्च, 2025: भारत की सबसे बड़ी स्वर्ण ऋण एनबीएफसी, मुथूट फाइनेंस ने 14 मार्च, 2025 तक स्वर्ण ऋण एयूएम (प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति) के लिहाज़ से ₹1 लाख करोड़ के स्तर को पार कर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुथूट फाइनेंस इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ, स्वर्ण ऋण क्षेत्र में अपना प्रमुख नेतृत्व बनाए हुए है। कंपनी के पास इस उद्योग की अन्य इकाइयों की तुलना में कहीं अधिक बाज़ार हिस्सेदारी है, जिससे इसके उच्च पैमाने और बाज़ार में विश्वसनीयता रेखांकित होती है।
यह उपलब्धि स्वर्ण ऋण की मज़बूत मांग के बीच हासिल हुई, क्योंकि फिनटेक लेंडिंग, कोलैटरल के बगैर ऋण (अनसिक्योर्ड लोन) और माइक्रोफाइनेंस सहित अन्य स्रोतों से ऋण उपलब्धता हाल के महीनों में कम हुई है। ग्राहकों के अपनी वित्तीय आवश्यकताओं के लिए स्वर्ण ऋण का रुख करने के बीच, मुथूट फाइनेंस एक विश्वसनीय और पसंदीदा विकल्प बना हुआ है, जो इस क्षेत्र में इसके नेतृत्व की स्थिति को मज़बूत करता है।
मुथूट फाइनेंस के प्रबंध निदेशक, श्री जॉर्ज अलेक्ज़ेंडर मुथूट ने इस उपलब्धि के बारे में कहा: “स्वर्ण ऋण एयूएम का ₹1 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंचना नवोन्मेष, ग्राहक पर विशेष ध्यान और वित्तीय समावेश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारे ग्राहकों के अटूट विश्वास, हमारे निवेशकों, बैंकिंग भागीदारों तथा नियामकों के समर्थन और हमारे कर्मचारियों के अथक समर्पण के बगैर इस उपलब्धि को हासिल करना संभव नहीं होता।”
कंपनी ने वित्त वर्ष ’25 की तीसरी तिमाही के दौरान साल-दर-साल के आधार पर 33% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,363 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि शुद्ध ब्याज आय साल-दर-साल 42.8% बढ़कर ₹2,721.4 करोड़ हो गई। इसके अतिरिक्त, मुथूट फाइनेंस ने नए ग्राहकों को जोड़ने की अपनी रणनीतियों के मद्देनज़र पिछले नौ महीनों में 13.7 लाख (1.37 मिलियन) नए ग्राहक जोड़े।
मुथूट फाइनेंस भविष्य में अपने शाखा नेटवर्क, नवोन्मेषी डिजिटल समाधानों और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के ज़रिये वित्तीय समावेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुथूट फाइनेंस अपनी विश्वसनीयता पर आधारित विरासत के साथ, लोगों और व्यवसायों को सुलभ तथा सुरक्षित वित्तीय समाधानों के साथ सशक्त बनाना जारी रखेगी, जिससे स्वर्ण ऋण खंड में अग्रणी के रूप में इसकी स्थिति और मज़बूत होगी।

