बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। मोनिन कॉफी क्रिएटिविटी कप (एमसीसीसी) 2025 का सबसे बड़ा मुकाबला जयपुर में हुआ, जहां भारत के सबसे होनहार बरिस्ता दिल्ली, मुंबई और बैंगलोर में हुए कड़े कॉम्पिटिशन के बाद नेशनल फाइनल्स के लिए इक_ा हुए। इस साल एक हज़ार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन्स हुए, जिससे यह अब तक के सबसे बड़े कॉम्पिटिशंस में से एक बन गया।
जयपुर को मेज़बान शहर के तौर पर सोच-समझकर चुना गया। आजकल, हैंडक्राफ्टेड ब्रेव्स और नए-नए कैफे में लोगों की दिलचस्पी तेज़ी से बढ़ रही है। इसी वजह से, जयपुर मोनिन के लिए भारत में सबसे खास और उभरते बाज़ारों में से एक बन रहा है। यह कॉम्पिटिशन इसी बदलाव का जश्न था, जहां पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ बरिस्ता राष्ट्रीय खिताब जीतने के लिए एक-दूसरे से मुकाबला कर रहे थे।।
इस साल के कॉम्पिटिशन की थीम ‘अल्केमी ऑफ फ्लेवर्स- ए फ्यूजन ऑफ मोनिन एंड एक्सक्विजिट कॉफी’ थी। इसमें पार्टिसिपेंट्स को मोनिन के अलग-अलग फ्लेवर्स का इस्तेमाल करके एस्प्रेसो-आधारित मॉकटेल्स बनाने थे। उनकी क्रिएटिविटी, बैलेंस, प्रे?ेंटेशन और कॉन्सेप्ट की स्पष्टता पर उन्हें परखा गया।
एक पूरे दिन की तैयारी और निर्णय के बाद, हर्षिता घाटगे को विजेता घोषित किया गया। उनकी रेसिपी आइस्ड कहवा एस्प्रेसो अपने अलग-अलग फ्लेवर लेयर्स और कॉन्सेप्ट के मामले में सबसे अलग रही। इसमें जीवन के सच्चे अनुभवों की झलक थी, देश के प्रति सम्मान था और ढेर सारी यादें और भावनाएं एक कप में सहेजी हुई थीं। इसी खासियत ने हर्षिता को इस साल सितंबर 2025 में कुआलालंपुर में होने वाले एशिया फाइनल्स में भारत को रिप्रेजेंट करने का मौका दिलाया है।
हर्षिता घाटगे ने कहा कि इस कॉम्पिटिशन ने मुझे नए-नए फ्लेवर कॉम्बिनेशन के साथ एक्सपेरिमेंट करने का मौका दिया, जो मैंने पहले कभी नहीं किया था। हर स्टेज पर नई चुनौती थी, लेकिन उसी ने मुझे अपनी ताकत को समझना और क्रिएटिविटी को बैलेंस करना सिखाया। जयपुर राउंड में कई प्रतिभाशाली बारिस्ता थे, उनमें से चुना जाना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। इस जीत ने मुझमें आगे बढ़ते रहने का विश्वास जगाया है। अब भारत के विजेता को कुआलालंपुर में इस क्षेत्र के दूसरे श्रेष्ठ बरिस्ता के साथ मुकाबला करने का मौका मिलेगा।

