Wednesday, July 1, 2026 |
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माइंस विभाग ने 24 फीसदी ग्रोथ के साथ 7963 करोड़ रु. का रेकार्ड राजस्व संग्रहित किया

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। प्रमुख सचिव माइंस एवं जियोलोजी टी. रविकान्त ने कहा है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए विभाग का फोकस अधिक से अधिक रेवेन्यू संग्रहण करना है। इसके लिए राजस्व संग्रहण की दैनिक आधार पर मॉनेटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि माइंस विभाग ने 3 मार्च तक 24 फीसदी विकास दर के साथ 7963 करोड़ से अधिक का रेवेन्यू राजकोष में जमा कर माइंस के रेवेन्यू अर्जन का नया रेकार्ड बना दिया है। उन्होंने बताया कि विभाग नए लक्ष्यों की और आगे बढ़ते हुए रेवेन्यू संग्रहण का नया कीर्तिमान बनायेगा।
प्रमुख सचिव माइंस व जियोलोजी टी. रविकान्त मंगलवार को खनिज भवन में निदेशक माइंस दीपक तंवर, जेएस माइंस आशु चौधरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि माइंस विभाग राज्य सरकार का प्रमुख रेवेन्यू अर्जन करने वाला विभाग है। ऐसे में अधिकारियों को हिदायत दी कि रेवेन्यू संग्रहण में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं रेवेन्यू अर्जन के सभी संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर वसूली के कारगर प्रयास किये जाये। माइंस विभाग के अतिरिक्त निदेशकों द्वारा प्रतिदिन रेवेन्यू संग्रहण के आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा और संबंधित अधीनस्थ अधिकारियों से समन्वय बनाते हुए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
टी. रविकान्त ने कहा कि 10 करोड़ से अधिक के न्यायालयों के विचाराधीन प्रकरणों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी गुणावगुण आधार पर अध्ययन कर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
इसी तरह से एमनेस्टी, बकाया असेसमेंट, ऑक्शन के बाद देय राशि, आरसीसी-ईआरसीसी ठेकों से आने वाली वसूली को सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि राजकीय राजस्व में किसी तरह की छीजत सहन नहीं होगी। अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विधानसभा प्रश्नों के समय पर उत्तर भिजवाने, विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक आयोजित करने, जिला स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त खानों के राज्य स्तर से पर्यावरण स्वीकृति प्राप्त करने के लिए बकाया प्रकरणों में परिवेश पोर्टल पर फार्म 2 अपलोड करने सहित विचाराधीन प्रकरणों के समयवद्ध निष्पादन के निर्देश दिए।
निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि विभाग द्वारा गत वित्तीय वर्ष की तुलना में 500 करोड़ रु. से अधिक का राजस्व संग्रहण कर लिया है। इसी अवधि की तुलना में 1500 करोड़ रु. अधिक राजस्व अर्जित किया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार विभाग द्वारा अधिक से अधिक राजस्व संग्रहण के प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि राजस्व संग्रहण की दैनिक मोनेटरिंग करते हुए संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
संयुक्त सचिव माइंस आशु चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार की माइंस विभाग से अधिक राजस्व संग्रहण की अपेक्षा है, ऐसे में हमें समग्र प्रयास करने होंगे। अतिरिक्त निदेशक मुख्यालय महेश माथुर ने बताया कि राजस्व प्राप्ति के सभी संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अतिरिक्त निदेशक एमपी मीणा, वाई एस सहवाल, एसएमई प्रताप मीणा, भीम सिंह, कमलेश्वर बारेगामा, अविनाश कुलदीप, अतिरिक्त निदेशक भूविज्ञान गोपाल राम, ओएसडी श्रीकृष्ण शर्मा, अधीक्षण भूवैज्ञानिक सचिवालय सुनील कुमार वर्मा, वरिष्ठ भूवैज्ञानिक बीडिंग सेल राजकुमार मीणा, लेखाधिकारी अनिल जैन सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।



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