प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि Digital India पहल के 11वर्ष पूरे होने के साथ भारत ने पूरी दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों के नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाने के मजबूत संकल्प का परिणाम है, जिसने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि Digital India विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बन चुका है। पिछले 11 वर्षों में इस पहल ने गरीबों, वंचितों और आम नागरिकों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही नागरिकों के दैनिक जीवन को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि जब 100 करोड़ से अधिक लोग तकनीक को अपनाते हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक और परिवर्तनकारी होता है। यही कारण है कि आज भारत की डिजिटल उपलब्धियों की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि Digital India ने देश में सुशासन की परिभाषा को बदल दिया है। इस पहल ने नागरिकों को अधिक अधिकार संपन्न बनाया है और हर क्षेत्र में विकास की गति को तेज़ किया है। उन्होंने कहा कि इसका प्रभाव लोगों के जीवन के लगभग हर पहलू पर दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि पारदर्शी डिजिटल भुगतान व्यवस्था, लाभार्थियों तक सीधे सरकारी सहायता पहुंचाने वाली व्यवस्था और लगातार मजबूत हो रहा डिजिटल सार्वजनिक ढांचा, नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शिता और दक्षता के साथ लोगों तक पहुंच रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि Digital India ने देश के गांवों, छोटे शहरों और उभरते शहरी क्षेत्रों तक नवाचार की नई लहर पहुंचाई है। देश के हर हिस्से से युवा उद्यमी, नवाचारकर्ता और Startup नई तकनीकों के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान तैयार कर रहे हैं। इससे भारत में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि इस पहल ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, व्यापार और सार्वजनिक सेवाओं की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाया है। साथ ही सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, दक्षता और आम नागरिकों की पहुंच पहले से कहीं अधिक बेहतर हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में भारत की तेज़ प्रगति के कारण देश AI, सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इससे भविष्य में विकास और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे तथा भारत वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीकी क्षमता को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना है जो मानवता की सेवा करे, प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाए और सतत विकास को गति दे।
पिछले 11 वर्षों में भारत ने दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल सार्वजनिक ढांचों में से एक का निर्माण किया है। डिजिटल मंचों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास, कृषि और कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों तक बढ़ी है। भारत डिजिटल भुगतान और डिजिटल सुशासन के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर चुका है। भारत का डिजिटल ढांचा अब कई देशों तक पहुंच रहा है, जिससे समावेशी, नागरिक केंद्रित और तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

