कुंजेश कुमार पतसारिया | बिजनेस रेमेडीज। यह जरूरी नहीं की व्यवसाय पुस्तैनी ही हो, खुद के दम पर भी व्यवसाय शुरू कर अपनी पहचान कायम की जा सकती है। ऐसा ही कर दिखाया है गांधी केमिकल्स एंड लॉन्ड्री के प्रोपराइटर अशोक गांधी ने। पढ़ाई करने के बाद व्यवसाय करने की रूचि से इन्होंने अपने सहभागी के साथ बिजनेस के गुर सीखे और वर्ष,१९९५ में स्वयं का जयपुर में व्यवसाय शुरू कर हर तरह के केमिकल्स बनाने में अपनी मुकाम स्थापित किया है।
आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं, कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
मैंने राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर से एम.कॉम करने के बाद एबीए किया। उसके बाद सहभागी के साथ व्यवसाय के गुर सीखे।
व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
पढ़ाई करने के बाद व्यवसाय करने की रूचि मुझे अपने सहभागी मित्र के व्यवसाय से मिली। वह ट्रेडिंग का काम करते थे, उनके साथ जुडक़र मैंने व्यवसाय के तौर तरीकों को सीखा। जब व्यवसाय करने की थोड़ी समझ आई तो वर्ष, १९९५ में अपनी फर्म गांधी केमिकल्स एंड लॉन्ड्री की शुरुआत कर दी। शुरुआत में ट्रेडिंग के साथ लिक्विड शॉप से काम की शुरुआत की। धीरे-धीरे काम को बढ़ाते गए। वर्तमान में टेक्सटाइल केमिकल, लॉन्ड्री, डाई केमिकल्स, स्विंगपूल केमिकल, हाउस केमिकल, ज्वेलरी केमिकल के साथ इंडस्ट्रीज में काम आने वाले केमिकल्स का व्यवसाय कर रहे हैं।
वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आई, अगर आई तो उसका समाधान किस तरह से किया?
हरेक व्यवसाय में चुनौती आना तो स्वाभाविक है। इन चुनौती का मुकाबला करना एक अच्छे व्यवसायी के लिए जरूरी है। हमें इन चुनौतियों से कुछ सीखने का मौका भी मिला। नए एडवेंचर के साथ हमने अपने काम को अंजाम दिया। सोश्यल मीडिया व प्रचार-प्रसार के जरिए हमने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। हर वर्ष हम अपनी फर्म का कलेंडर और डायरी भी सभी उपभोक्ताओं को वितरित करवाते हैं, ताकि फर्म का प्रचार-प्रसार हो सके।
सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हो तो बताएं?
मैं सामाजिक सरोकार से जुड़ा हुआ हूं। समय-समय पर गरीबों व आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों को सहयोग और मदद करते रहते हैं। अक्षयपात्र, जगतपुरा और इस्कॉन मंदिर का मेम्बर होने के कारण वहां सेवा का कार्य करते रहते हैं। इसके अलावा सीतापुरा एसोसिएशन के मेम्बर होने के नाते समय-समय पर सेवा का कार्य करवाते रहते हैं।
आपके आदर्श कौन हैं?
मेरे आइडियल प्रभु पाद हैं। इनके आदर्शों पर चलने का निरंतर प्रयास करता रहता हूं।
भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
व्यवसाय को लगातार हम विस्तार करने में लगे हुए हैं। नए-नए तकनीक के जरिए हम व्यवसाय को बढ़ाने की चाहत रखते हैं।
नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे, जिससे वह अपने व्यवसाय को उत्तरोतर बढ़ा सकें?
मेरा युवाओं से यही सुझाव है कि वे मेहनत और लगन से पारदर्शिता के साथ व्यवसाय करेंगे तो निश्चित रूप से सफलता मिलेगी। इसके अलावा माल की गुणवत्ता के साथ अपने स्टॉक का भी ध्यान रखें, ताकि उपभोक्ताओं की डिमांड को पूरा कर सकें।
सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, ताकि आपके व्यवसाय को और गति मिल सके?
व्यवसाईयों को सरकार रिहायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराकर बिजली की दरों को कम करे, ताकि व्यवसाईयों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।

