फिक्की कैस्केड (FICCI CASCADE) ने कहा है कि हालिया GST सुधारों से देश में नकली सामानों और तस्करी के व्यापार में कमी आएगी। संगठन के चेयरमैन अनिल राजपूत ने गुरुवार को बताया कि टैक्स दरों में कटौती से कई सेक्टर्स को राहत मिली है और इसका सीधा असर जालसाजी व फेक गुड्स के कारोबार पर पड़ेगा।
राजधानी दिल्ली में आयोजित FICCI कार्यक्रम में राजपूत ने कहा, “नकली सामानों और तस्करी से अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होता है। नीति निर्माता, उद्योग और उपभोक्ता—सभी को इस समस्या के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। GST 2.0 सुधार इस दिशा में बड़ा कदम है।”
फिक्की कैस्केड और थॉट आर्बिट्रेज रिसर्च इंस्टीट्यूट (TARI) की ज्वाइंट स्टडी में बताया गया कि GST सुधारों के तहत 5% टैक्स वाली श्रेणियों की संख्या 54 से बढ़कर 149 हो गई। इसके चलते ग्रामीण परिवारों के लिए effective GST rate 6.03% से घटकर 4.27% और शहरी परिवारों के लिए 6.38% से घटकर 4.38% हो गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि MSME सेक्टर को GST 2.0 से काफी लाभ होगा क्योंकि अब ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी, उर्वरक, कपड़ा, हस्तशिल्प, ऑटो कंपोनेंट्स और निर्माण इनपुट जैसी इंडस्ट्रीज़ पर टैक्स दरें अधिक तर्कसंगत हो गई हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन सुधारों से न सिर्फ उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि नकली सामानों और तस्करी के कारोबार पर भी अंकुश लगेगा।

