बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर Manipal University Jaipur (MUJ) ने अपने संस्थापक चांसलर डॉ. रामदास एम. पाई का 90वाँ जन्मदिन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर को ‘उत्कृष्टता महोत्सव’ के रूप में चिह्नित किया गया, जहाँ पूरे परिसर में अकादमिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कृतज्ञता के भाव से अनेक कार्यक्रम आयोजित हुए। यह आयोजन उस दूरदर्शी नेतृत्व को समर्पित था जिसने भारत में उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा दी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 443 सिनियर सेमेस्टर के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई। केवल इसी सत्र में 900 से अधिक छात्रों को 10 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्तियाँ दी गईं, जो प्रतिभा और मेधा के संवर्द्धन के प्रति MUJ की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। फैकल्टी और स्टाफ के समर्पण एवं योगदान को सम्मानित करने हेतु एमयूजे ने 361 अध्यापक और कर्मचारियों को एमयूजे एक्सीलेंस अवार्ड्स प्रदान किए। इनमें एकैडेमिक एक्सीलेंस, की कंट्रिव्युटर, की एनैव्लर, रिसर्च एक्सीलेंस, युवा रिसर्चर, युवा शिक्षक तथा अतुल्य सेवा जैसी श्रेणियाँ शामिल थीं। इसके अतिरिक्त 141 संकाय सदस्यों को ‘डॉ. रामदास एम. पाई अवार्ड (9 बॉक्स)’ से प्रोफेसनाल एक्सीलेंस हेतु सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एमयूजे के कुलपति प्रो. नीति निपुण शर्मा ने डॉ. पाई के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा —‘डॉ. रामदास एम. पाई का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा है। Manipal की आदर्श को वैश्विक स्तर तक पहुँचाने में उनका योगदान अतुलनीय है। MUJ की उपलब्धियाँ हमारे अध्यापकों, छात्रों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम हैं।’
प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. करुणाकर ए. कोटेगर ने डॉ. पाई के प्रेरक जीवन प्रसंग साझा करते हुए उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और परोपकार के क्षेत्र में नि:स्वार्थ समर्पण की याद दिलाई। इस समारोह में प्रोवोस्ट डॉ. नीतु भटनागर, रजिस्ट्रार डॉ. अमित सोनी, मानव संशाधन मुख्य कननजीत कौर, डीन, निदेशक, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य और स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने मिलकर डॉ. पाई की अमूल्य विरासत को नमन किया और उनके दीर्घ और निरामय जीवन के लिए कामना की। कार्यक्रम का समापन छात्रों और संकाय द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने इस यादगार दिन में और भी उल्लास भर दिया। इस महोत्सव के माध्यम से MUJ ने एक बार फिर शैक्षणिक उत्कृष्टता, नवाचार और समग्र विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई—जो डॉ. रामदास एम. पाई की दूरदर्शी सोच से प्रेरित है।

