नई दिल्ली,
देश के पूंजी बाजार से जुड़ी एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार लगभग 360 कंपनियां राष्ट्रीय शेयर बाज़ार और बंबई शेयर बाज़ार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंचों से निकलकर मुख्य बोर्ड पर सूचीबद्ध हो चुकी हैं। इसे भारत के लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र की बढ़ती परिपक्वता का संकेत माना जा रहा है।
बी2के एनालिटिक्स द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार बंबई शेयर बाज़ार के एसएमई मंच से 199 कंपनियां और राष्ट्रीय शेयर बाज़ार के उभरते मंच से 158 कंपनियां अब मुख्य बोर्ड पर सूचीबद्ध हो गई हैं। यह परिवर्तन दर्शाता है कि छोटी कंपनियां अब बड़े निवेशकों के बीच अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही हैं। मुख्य बोर्ड पर स्थानांतरण की प्रक्रिया का अर्थ है कि कोई कंपनी अपने प्रतिभूतियों को एसएमई मंच से हटाकर बड़े मंच पर सूचीबद्ध कराती है। इससे उसे व्यापक निवेशक आधार तक पहुंच मिलती है और बाज़ार में उसकी दृश्यता बढ़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनियों को दीर्घकालीन पूंजी जुटाने में आसानी होती है।
बी2के एनालिटिक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिताबन बसु ने कहा कि मुख्य बोर्ड पर जाने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कंपनियों को खुदरा और संस्थागत दोनों प्रकार के निवेशकों से पूंजी जुटाने का बेहतर अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि बड़ी पूंजी उपलब्ध होने के अलावा प्रतिष्ठा में वृद्धि से बेहतर प्रतिभा को आकर्षित करना आसान हो जाता है। साथ ही, कड़े नियामकीय मानकों का पालन करने से कंपनियों का मूल्यांकन बेहतर होता है और मुख्य बोर्ड पर सूचीबद्ध होने से तरलता बढ़ती है, जिससे निवेशकों को बाहर निकलने का सरल मार्ग मिलता है। मुख्य बोर्ड पर स्थानांतरण के लिए एसएमई मंच पर सूचीबद्ध कंपनियों को कुछ निर्धारित मानकों को पूरा करना अनिवार्य है। इनमें बाज़ार पूंजीकरण, लाभप्रदता, शेयरधारिता ढांचा और अनुपालन मानक शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर किसी कंपनी का औसत बाज़ार पूंजीकरण 100 करोड़ रुपये से अधिक होना चाहिए और लगातार तीन वर्षों तक परिचालन लाभ 15 करोड़ रुपये से अधिक रहना चाहिए, साथ ही किसी भी वर्ष में यह 10 करोड़ रुपये से नीचे नहीं गिरना चाहिए।
इसके अतिरिक्त कंपनी को कम से कम तीन वर्षों तक एक ही प्रकार के व्यवसाय में कार्यरत रहना आवश्यक है और उसकी कुल आय का आधे से अधिक हिस्सा उसके मुख्य व्यवसाय से आना चाहिए। यह सुनिश्चित करता है कि कंपनी का व्यापार मॉडल स्थिर और टिकाऊ हो। क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो वस्त्र उद्योग की 44 कंपनियों ने मुख्य बोर्ड पर स्थानांतरण किया है, जो सबसे अधिक है। इसके बाद मशीनरी, उपकरण और अवयव क्षेत्र की 33 कंपनियां तथा खाद्य एवं तंबाकू क्षेत्र की 29 कंपनियां मुख्य बोर्ड पर पहुंची हैं।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2023 के बाद से एसएमई मंच पर सूचीबद्ध होने और धन जुटाने की प्रवृत्ति में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2023 में 179 कंपनियों ने 4,823 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि वर्ष 2025 में 268 कंपनियों ने 12,105 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई। मात्र दो वर्षों में जुटाई गई पूंजी दोगुने से अधिक हो गई है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे और उद्यम क्षेत्र की मजबूती को दर्शाती है। stock market update के संदर्भ में विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार छोटी कंपनियां मुख्य बोर्ड पर आती रहीं तो इससे व्यापक बाज़ार, साथ ही nifty और sensex जैसी प्रमुख सूचकांकों की संरचना पर भी दीर्घकालीन सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।




