Wednesday, May 20, 2026 |
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अमेरिकी महंगाई चिंता के बीच सोना-चांदी की कीमतों में 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट

by Business Remedies
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Gold And Silver Prices Fall Amid Rising US Inflation Concerns

अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं में 1प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंकाओं ने बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है। Multi Commodity Exchange यानी MCX पर सोना वायदा 5June अनुबंध में 0.7 प्रतिशत यानी ₹.1,121 की गिरावट आई और यह ₹.1,57,959 के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। सुबह लगभग 11:17 बजे सोना ₹.1,58,369 पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो ₹.711 यानी 0.45 प्रतिशत नीचे था। इससे पहले कारोबार के दौरान सोना ₹.1,60,378 के ऊपरी स्तर तक भी पहुंचा था।

वहीं चांदी वायदा 3July अनुबंध में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। चांदी की कीमत ₹.3,269 यानी 1.21 प्रतिशत गिरकर ₹.2,66,850 के निचले स्तर तक पहुंच गई। बाद में चांदी ₹.2,68,970 पर कारोबार करती दिखी, जो ₹.1,149 यानी 0.43 प्रतिशत कमजोर रही। कारोबार के दौरान चांदी ने ₹.2,69,605 का ऊपरी स्तर भी छुआ। बुधवार सुबह MCX पर सोना ₹.1,58,974 और चांदी ₹.2,67,230 पर खुले थे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। COMEX पर सोना 0.49 प्रतिशत गिरकर 4,462 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.17प्रतिशत कमजोर होकर 73.868 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी। जिंस बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक अमेरिका में बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर सतर्क बने हुए हैं। इसी वजह से सोने की कीमतों में दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर दिए गए बयान के बाद भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि तेहरान शांति शर्तों को स्वीकार नहीं करता है तो वॉशिंगटन अगले दो या तीन दिनों में फिर से हमले शुरू कर सकता है।

ईरान से जुड़े तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के कारण अमेरिकी Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हुई हैं। इसके साथ ही इस साल के अंत तक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलें भी तेज हो गई हैं।

विशेषज्ञों ने बताया कि चांदी की कीमतों में हालिया तेजी अब कमजोर पड़ गई है। पहले Artificial Intelligence यानी AI से जुड़ी कंपनियों और Data Centre बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग के कारण चांदी को समर्थन मिल रहा था, लेकिन अब निवेशकों की सतर्कता के चलते इसमें गिरावट देखी जा रही है। इस बीच घरेलू शेयर बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। बुधवार को शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty दोनों नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार करते दिखाई दिए।



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