भारत में चिप डिजाइन से जुड़े Global Capability Centers यानी GCC में Q1 2026 के दौरान भर्ती गतिविधियों में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नई रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2026 तक खुले पदों की संख्या बढ़कर 3,549 पहुंच गई। Careernet की रिपोर्ट के अनुसार देश में छोटे स्तर के GCC केंद्र कुल केंद्रों का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा रहे और भर्ती बढ़ाने में सबसे आगे दिखाई दिए। इस दौरान हैदराबाद भी बेंगलुरु के साथ तेजी से उभरता हुआ प्रमुख केंद्र बनकर सामने आया।
रिपोर्ट में कहा गया कि चिप डिजाइन GCC भारत के कुल GCC नेटवर्क का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा हैं। पिछले दो दशकों में इस क्षेत्र में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इस क्षेत्र में सबसे अधिक मांग VLSI और Software से जुड़ी विशेषज्ञ भूमिकाओं में देखने को मिली। Q1 2026 के दौरान भर्ती में लगातार बढ़ोतरी हुई। जनवरी 2026 में कुल 2,426 खुले पद थे, जो फरवरी में बढ़कर 3,077 हो गए। मार्च 2026 में यह संख्या बढ़कर 3,549 तक पहुंच गई। फरवरी में सबसे अधिक मासिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मार्च में खुले पद उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 प्रतिशत चिप डिजाइन GCC अभी भी एक ही स्थान वाले मॉडल पर काम कर रहे हैं। हालांकि देशभर में लगभग 180 Units का विस्तार यह दिखाता है कि अब कंपनियां कई शहरों वाले संचालन मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। कई Organisations भारत में 3 या उससे अधिक केंद्रों तक विस्तार कर रही हैं। यह अध्ययन भारत के Top 50 चिप डिजाइन GCC में प्रतिभाओं की मांग का विश्लेषण करता है। रिपोर्ट में कहा गया कि अब कंपनियां अस्थिर भर्ती ढांचे से निकलकर अधिक व्यवस्थित और चरणबद्ध कर्मचारी विस्तार रणनीति अपना रही हैं।
अध्ययन में 79 चिप डिजाइन GCC का विश्लेषण किया गया, जिनके अंतर्गत लगभग 180 Units और 1.1 लाख से अधिक Professionals कार्यरत हैं। Careernet के Chief Business Officer नीलाभ शुक्ला ने कहा कि कई वर्षों तक भारत में चिप क्षेत्र की भर्ती केवल कुछ बड़े GCC केंद्रों तक सीमित थी, लेकिन अब छोटे और मध्यम स्तर के केंद्र भी सक्रिय रूप से Teams तैयार कर रहे हैं। कंपनियां अब मांग स्थिर होने का इंतजार नहीं कर रहीं, बल्कि पहले से विस्तार कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि रणनीतिक फैसले अभी भी Americas Region से लिए जा रहे हैं, लेकिन कामकाज तेजी से JAPAC और खासकर भारत की ओर बढ़ रहा है। हैदराबाद का तेजी से उभरना इसी बदलाव का संकेत है। रिपोर्ट के अनुसार VLSI Roles की हिस्सेदारी कुल मांग में 37 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही। वहीं System और Application Software Roles की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत से 46 प्रतिशत तक दर्ज की गई। इसके अलावा Business Operations और IT Infrastructure से जुड़ी भूमिकाओं की मांग 10 प्रतिशत से 18 प्रतिशत के बीच रही।




