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समय पर इलाज कराने से कई जटिल दंत समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है: डॉ. साधना जैन

by Business Remedies
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जयपुर | Charu Bhatia |  दंत चिकित्सा ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव देखे हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल इमेजिंग, डेंटल इम्प्लांट और न्यूनतम हस्तक्षेप वाली उपचार तकनीकों के विकास ने इलाज को पहले से अधिक सटीक, सुरक्षित और सुलभ बना दिया है। इसके बावजूद दांतों के प्रति जागरूकता की कमी और समय पर उपचार न कराना आज भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। इस विशेष साक्षात्कार में Pradaksh Hospital, Jaipur की प्रसिद्ध दंत चिकित्सक Dr. Sadhana Jain ने दंत चिकित्सा के क्षेत्र में अपने सफर, मुख स्वास्थ्य पर आधुनिक तकनीक के प्रभाव, निवारक दंत चिकित्सा के महत्व तथा नियमित दंत जांच क्यों आवश्यक है, इस पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।

प्रश्न: दंत चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी यात्रा के बारे में बताइए। आपको इस पेशे को अपनाने की प्रेरणा कैसे मिली?

उत्तर: कई अन्य विद्यार्थियों की तरह मेरी पहली इच्छा भी चिकित्सा की पढ़ाई करने की थी। दंत चिकित्सा मेरी पहली पसंद नहीं थी, लेकिन जीवन कई बार हमें अप्रत्याशित दिशा में ले जाता है। काउंसलिंग के बाद मुझे Indore के Modern Dental College में प्रवेश मिला और वहीं से मेरे पेशेवर सफर की शुरुआत हुई। अपने पूरे शैक्षणिक जीवन के दौरान मैंने पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ अध्ययन किया। वर्ष 2007 में दंत विज्ञान में इंटर्नशिप पूरी करने के बाद मैंने स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए एक वर्ष का अंतराल लिया। वर्ष 2008 में मैंने Ratlam के Shraddha General Hospital में कार्य करना शुरू किया, जिसने मेरे लिए वास्तविक प्रशिक्षण केंद्र का काम किया। वहां दंत चिकित्सा के अलावा मुझे बहु-विषयक रोगी देखभाल का अनुभव मिला तथा नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिला, जिसने रोगियों के समग्र उपचार को लेकर मेरी सोच को और मजबूत बनाया। विवाह के बाद मैं Jaipur आ गई और Jain Dental Hospital में कार्य किया, जहां मुझे अपने क्लीनिकल कौशल को और बेहतर बनाने का अवसर मिला। इसके बाद वर्ष 2021 में मैंने ML Spine Center में कार्यभार संभाला, जहां आधुनिक दंत उपकरणों, डिजिटल तकनीकों और उन्नत उपचार पद्धतियों से परिचित होने का अवसर मिला। इस अनुभव ने मुझे अपने चिकित्सकीय ज्ञान को अद्यतन रखने और नई तकनीकों को अपनाने में काफी मदद की। इसके बाद मैंने Jaipur स्थित Pradaksh Hospital में अपना स्वयं का दंत चिकित्सा केंद्र शुरू किया, जहां मेरा मुख्य उद्देश्य हमेशा नैतिक, रोगी-केंद्रित और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार उपलब्ध कराना रहा है।

प्रश्न: अपने करियर के शुरुआती वर्षों में आपको किन सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

उत्तर: पिछले दो दशकों में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव आया है। जब मैंने वर्ष 2007 में अपनी इंटर्नशिप पूरी की थी, उस समय स्मार्टफोन का इतना व्यापक उपयोग नहीं था, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री सीमित थी और नवीनतम शोध से खुद को अद्यतन रखना काफी कठिन काम था। तकनीक भी उस समय तेजी से विकसित हो रही थी। डिजिटल X-ray आम नहीं थे और आज जो प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती हैं, उन्हें उस समय अधिक समय और सटीकता के साथ करना पड़ता था।

मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक लगातार नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों के साथ स्वयं को अद्यतन रखना रहा। उदाहरण के तौर पर Root Canal उपचार में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त बदलाव आया है। केवल वर्ष 2010 से 2020 के बीच ही दंत चिकित्सा में Rotary उपकरण, उन्नत Implant प्रणाली और पारंपरिक Braces के स्थान पर Clear Aligners जैसी कई महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति हुई। आज के दंत चिकित्सा विद्यार्थी अपने शुरुआती प्रशिक्षण के दौरान ही आधुनिक तकनीकों से परिचित हो जाते हैं। लेकिन पहले से कार्यरत दंत चिकित्सकों के लिए Seminar, Workshop और पेशेवर प्रशिक्षण के माध्यम से लगातार सीखते रहना बेहद आवश्यक है।

एक अन्य बड़ी चुनौती रोगियों में जागरूकता की कमी भी है। बहुत से लोग दांतों की समस्या होने पर दंत चिकित्सक के पास जाने के बजाय दर्द निवारक दवाइयों या घरेलू उपचार का सहारा लेते हैं। जब तक वे इलाज के लिए आते हैं, तब तक समस्या काफी गंभीर हो चुकी होती है, जिससे उपचार अधिक जटिल हो जाता है।

यहां तक कि दिन में दो बार, विशेष रूप से रात में सोने से पहले दांत साफ करने जैसी सामान्य आदतों को भी बहुत से लोग नजरअंदाज करते हैं। हालांकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल इमेजिंग और आधुनिक उपकरणों ने उपचार को काफी आसान बना दिया है, फिर भी दांतों की जटिल स्थिति, अत्यधिक लार या जबड़े की विशेष संरचना जैसी कुछ चिकित्सकीय परिस्थितियां आज भी चुनौती बनी हुई हैं, जिन्हें मरीज अक्सर पूरी तरह समझ नहीं पाते।

प्रश्न: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी दंत चिकित्सा को किस प्रकार बदल रही है?

उत्तर: आधुनिक दंत चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी एक महत्वपूर्ण सहायक उपकरण बनती जा रही है, हालांकि यह चिकित्सक के अनुभव और निर्णय का स्थान नहीं ले सकती। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी Smile Designing में मरीजों को संभावित उपचार परिणाम पहले से दिखाने में मदद करती है। इसके अलावा यह CBCT Scan, डिजिटल X-ray और CT Image का अधिक प्रभावी विश्लेषण करके दंत चिकित्सकों को अधिक सटीक निदान और उपचार योजना तैयार करने में सहायता प्रदान करती है।

आज आधुनिक दंत चिकित्सा में Root Canal उपचार के लिए Rotary उपकरण, Intraoral Scanner, उन्नत Dental Implant, Veneers, Ultrasonic उपकरण तथा Cone Beam Computed Tomography (CBCT) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जो दांतों, जबड़ों और आसपास की संरचनाओं की अत्यंत स्पष्ट त्रि-आयामी तस्वीर उपलब्ध कराती हैं।

इन तकनीकों की मदद से दंत चिकित्सक अधिक सटीक उपचार योजना बना सकते हैं, जटिलताओं को कम कर सकते हैं और रोगी को अधिक आरामदायक उपचार प्रदान कर सकते हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी Root Canal की सही स्थिति पहचानने और विभिन्न इमेजिंग रिपोर्ट का विश्लेषण करने में भी सहायता करती है, जिससे उपचार पहले की तुलना में अधिक तेज, सटीक और विश्वसनीय बन गया है।

प्रश्न: आधुनिक जीवनशैली मुख स्वास्थ्य को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?

उत्तर: स्वस्थ दांतों और मसूड़ों को बनाए रखने में जीवनशैली की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पहले पायरिया, जो मुख्य रूप से मुख की साफ-सफाई में कमी के कारण होता था, सबसे आम दंत रोगों में से एक था। आज खान-पान की आदतों में काफी बदलाव आ गया है। शर्करा युक्त पेय पदार्थों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों और जंक फूड के बढ़ते सेवन के कारण दांतों में सड़न और मसूड़ों की बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं।

जीवनशैली में कुछ सरल बदलाव बड़ा अंतर ला सकते हैं। ताजे फल, हरी सब्जियां और सलाद से भरपूर संतुलित आहार लेना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना तथा मीठे खाद्य पदार्थों का सीमित सेवन दांतों से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

एक और महत्वपूर्ण बदलाव अक्ल दाढ़ के फंसे रहने के मामलों में बढ़ोतरी है। पीढ़ियों के साथ जबड़ों की संरचना में आए बदलाव के कारण कई लोगों के जबड़ों में अक्ल दाढ़ के सही तरीके से निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती, जिससे दर्द, संक्रमण और कई बार शल्य चिकित्सा द्वारा दांत निकालने की आवश्यकता पड़ती है।

सौंदर्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। आज कई लोग दांतों की भीड़भाड़ को ठीक करने और अपनी मुस्कान बेहतर बनाने के लिए Aligners का सहारा ले रहे हैं, जो दंत स्वास्थ्य के साथ-साथ सौंदर्य के प्रति बढ़ती जागरूकता को भी दर्शाता है।

प्रश्न: आज Rajasthan में दंत स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को आप किस प्रकार देखती हैं?

उत्तर: पिछले कुछ वर्षों में Rajasthan ने दंत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। अधिक Dental College और शैक्षणिक संस्थान स्थापित हुए हैं, जिससे पेशेवर शिक्षा के अवसर बढ़े हैं और दंत चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता में भी सुधार हुआ है। भारत आज Dental Tourism का भी एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है क्योंकि यहां अपेक्षाकृत कम लागत पर उच्च गुणवत्ता का उपचार उपलब्ध है। दुनिया के विभिन्न देशों से मरीज Dental Implant, Cosmetic Dentistry और पूरे मुंह के पुनर्वास जैसे उपचारों के लिए भारत आ रहे हैं।

हालांकि, अभी भी एक बड़ी कमी व्यापक Dental Insurance सुविधा का अभाव है। अधिकांश मरीजों को उपचार का पूरा खर्च स्वयं वहन करना पड़ता है, जिसके कारण कई बार लोग समय पर इलाज कराने से बचते हैं।

प्रश्न: क्या आपको लगता है कि सरकार दंत चिकित्सा क्षेत्र को पर्याप्त सहयोग दे रही है?

उत्तर: इस क्षेत्र में अभी और सुधार की काफी गुंजाइश है। हालांकि Dental College की संख्या बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में रोजगार के अवसर नहीं बढ़े हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन सरकारी नौकरियों की संख्या अभी भी सीमित है।

कुछ सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में पात्रता और भुगतान संबंधी व्यवस्थाएं ऐसी हैं, जिनके कारण अनेक दंत चिकित्सकों के लिए उनमें शामिल होना आसान नहीं होता। कई मामलों में मिलने वाला भुगतान वास्तविक उपचार लागत के अनुरूप नहीं होता, जिससे गुणवत्तापूर्ण दंत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यदि सरकार बेहतर नीतिगत सहयोग, अधिक रोजगार के अवसर और व्यावहारिक भुगतान व्यवस्था विकसित करे, तो दंत स्वास्थ्य व्यवस्था को काफी मजबूत बनाया जा सकता है।

प्रश्न: डॉक्टर और मरीज के संबंधों में किस प्रकार बदलाव आया है?

उत्तर: आज के मरीज पहले की तुलना में अधिक जागरूक हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव है। लेकिन अक्सर मरीजों की अपेक्षाओं और गुणवत्तापूर्ण दंत उपचार की वास्तविक लागत के बीच अंतर दिखाई देता है। एक दंत चिकित्सक बनने के लिए वर्षों तक अध्ययन करना पड़ता है। इसके बाद क्लीनिक स्थापित करने, आधुनिक उपकरण खरीदने तथा संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा के उच्च मानकों को बनाए रखने में भी बड़ा निवेश करना पड़ता है।

स्वाभाविक रूप से मरीज कम खर्च में अच्छा उपचार चाहते हैं, लेकिन गुणवत्तापूर्ण दंत चिकित्सा में आधुनिक सामग्री, तकनीक और विशेषज्ञता की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए ऐसा संतुलन जरूरी है, जिसमें मरीजों को प्रभावी उपचार मिले और वे पेशेवर दंत चिकित्सा के वास्तविक महत्व को भी समझ सकें। डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास कायम करने में संवाद आज भी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रश्न: अच्छी मुख स्वच्छता बनाए रखने के लिए आप क्या सलाह देना चाहेंगी?

उत्तर: उपचार से बेहतर हमेशा बचाव होता है। दिन में दो बार दांत साफ करना स्वस्थ दांतों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आदत है। विशेष रूप से रात में सोने से पहले ब्रश करना बेहद आवश्यक है क्योंकि इससे पूरे दिन जमा हुए भोजन के कण और प्लाक हट जाते हैं। हर छह महीने में नियमित दंत जांच कराने से समस्याओं का शुरुआती चरण में ही पता चल जाता है। इसके साथ ही पेशेवर स्केलिंग भी आवश्यक है क्योंकि इससे दांतों पर जमा कठोर मैल हटाया जाता है, जिसे केवल ब्रश करने से हटाना संभव नहीं होता। इससे मसूड़े स्वस्थ बने रहते हैं।

मुख की देखभाल की शुरुआत बचपन से ही हो जानी चाहिए। शिशुओं के मसूड़ों की भी मुलायम रूई से सफाई की जा सकती है, जबकि छोटे बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में धीरे-धीरे ब्रश करने की आदत सिखानी चाहिए।

प्रश्न: मुख स्वास्थ्य और संपूर्ण स्वास्थ्य के बीच कितना गहरा संबंध है?

उत्तर: मुख स्वास्थ्य और संपूर्ण स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि दांतों का इलाज केवल दर्द होने पर ही आवश्यक होता है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। यदि मुंह में होने वाले संक्रमण का समय पर उपचार न किया जाए, तो उसका प्रभाव शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ सकता है।

मुंह में स्वाभाविक रूप से विभिन्न प्रकार के लाभकारी और सामान्य जीवाणुओं का एक जटिल समूह मौजूद होता है, जिसे Oral Flora कहा जाता है। इसका संतुलन बनाए रखना आवश्यक है क्योंकि अनुपचारित संक्रमण कई प्रकार की शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए किसी प्रकार की तकलीफ न होने पर भी नियमित दंत जांच कराना आवश्यक है, क्योंकि कई बीमारियां बिना किसी लक्षण के धीरे-धीरे विकसित होती रहती हैं।

प्रश्न: दंत विज्ञान में शोध और शिक्षा को लेकर आपके क्या विचार हैं?

उत्तर: दंत चिकित्सा का क्षेत्र शोध के माध्यम से तेजी से विकसित हो रहा है। Japan जैसे देशों में वैज्ञानिक Stem Cell आधारित तकनीकों की मदद से नए दांत विकसित करने की संभावनाओं पर शोध कर रहे हैं। यदि यह तकनीक सफल होती है, तो भविष्य में दंत चिकित्सा पूरी तरह बदल सकती है।

भारत में स्नातकोत्तर सीटों का विस्तार, अधिक रोजगार के अवसर और व्यावहारिक क्लीनिकल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने से इस क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी बुनियादी दंत चिकित्सा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज विशेषज्ञ अस्पतालों तक पहुंचने से पहले प्रारंभिक उपचार प्राप्त कर सकें। शोध, शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण में निवेश दंत चिकित्सकों और मरीजों—दोनों के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

प्रश्न: आप दंत चिकित्सा के क्षेत्र में आने वाले विद्यार्थियों को क्या संदेश देना चाहेंगी?

उत्तर: दंत चिकित्सा एक सम्मानजनक और संतोष देने वाला पेशा है, लेकिन इसमें समर्पण, धैर्य और निरंतर सीखते रहने की भावना आवश्यक है। इस क्षेत्र में सफलता के लिए मेहनत, सूक्ष्मता पर ध्यान और मरीजों के प्रति वास्तविक संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। यह पेशा शारीरिक और मानसिक दोनों दृष्टि से चुनौतीपूर्ण है तथा नई तकनीकों के साथ स्वयं को लगातार अद्यतन रखना भी आवश्यक है।

जो लोग स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र के प्रति समर्पित हैं और मेहनत करने के लिए तैयार हैं, उनके लिए दंत चिकित्सा ऐसा पेशा है, जिसके माध्यम से वे लोगों का केवल मुख स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी वापस लौटा सकते हैं।

समय पर दंत उपचार के महत्व को दर्शाने वाले सफल मरीजों के अनुभव सबसे यादगार मामलों में से एक वर्ष 2021 का है, जब Harshvardhan Singh नामक एक छोटे बच्चे के गिरने से उसके आगे के दांत टूट गए थे। उस समय दांतों की जड़ें पूरी तरह विकसित नहीं हुई थीं, इसलिए तुरंत Root Canal उपचार संभव नहीं था, लेकिन Implantation किया गया। इसके स्थान पर क्षतिग्रस्त दांतों को स्थिर रखने के लिए Dental Splint का उपयोग किया गया, जिससे उन्हें ठीक होने का समय मिला। सावधानीपूर्वक उपचार योजना के बाद अंततः दांतों का सफल पुनर्स्थापन किया गया।

एक अन्य उल्लेखनीय मामला सात वर्षीय Dhani का था, जिसके दुर्घटना में दांत पूरी तरह बाहर निकल गए थे। आपातकालीन परामर्श के दौरान उसके परिवार को तुरंत गिरे हुए दांतों को खोजकर दूध या Saline Solution में सुरक्षित रखकर अस्पताल लाने की सलाह दी गई। चूंकि वे निर्धारित “Golden Hour” के भीतर अस्पताल पहुंच गए थे, इसलिए प्राकृतिक दांतों को सफलतापूर्वक दोबारा लगाया जा सका और बच्ची की स्वाभाविक मुस्कान सुरक्षित रखी जा सकी।

तीसरा मामला Zaheen Khan का था, जो कई वर्षों तक दांतों के अत्यधिक नुकसान के बावजूद झिझक और सामाजिक संकोच के कारण उपचार नहीं करा रही थीं। बाद में उन्होंने इलाज करवाने का निर्णय लिया, जिसके तहत उनके पूरे मुंह का व्यापक पुनर्वास किया गया। कई दांतों का Root Canal उपचार किया गया और अनेक दांतों पर Crown लगाए गए। इससे न केवल उनकी चबाने की क्षमता वापस आई, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी पहले की तरह लौट आया। यह परिवर्तन इस बात का महत्वपूर्ण उदाहरण है कि समय पर दंत उपचार कराने से जीवन की गुणवत्ता में कितना बड़ा सुधार आ सकता है।



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