बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। चारू भाटिया | शुरुआत शून्य से करना, अच्छी खासी नौकरी छोडऩा और अपने जुनून का पीछा करने का साहस जुटाना कभी आसान नहीं होता। लेकिन यही काम छाबडाज के संस्थापक ने किया। आज शहर में पाँच आउटलेट्स के साथ, छाबडाज न केवल असली स्वाद और किफ़ायती दामों के लिए जाना जाता है, बल्कि अपने अभिनव विचारों जैसे “किलोग्राम के आधार पर टेकअवे” के लिए भी प्रसिद्ध है। इस विशेष बातचीत में संस्थापक ने अपने प्रेरणादायक सफर, चुनौतियों, नेतृत्व दर्शन और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
प्रश्न : आप इतने बड़े रेस्टोरेंट चैन के मालिक और संस्थापक हैं। कृपया हमें अपने सफर के बारे में बताइए जब तक छाबडाज की स्थापना हुई।
उत्तर: मेरा सफर बिल्कुल भी सीधा नहीं था। मैंने 1987 में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में शुरुआत की और बाद में नौ साल तक शराब व्यापार में काम किया। यह एक स्थिर करियर था, परिवार और मित्र अक्सर कहते कि मैं अच्छा कमा रहा हूँ, इसलिए इसे छोडऩा नहीं चाहिए। लेकिन मन में कहीं यह एहसास था कि मेरी मंज़िल कुछ और है। परिजनों की चिंताओं के बावजूद मैंने विश्वास की छलांग लगाई और अपने मन की सुनी। उस निर्णय ने मुझे एक छोटे से टिफिन सेंटर खोलने के लिए प्रेरित किया, जिसका नाम मैंने रखा “टिफिन पैलेस”। उस समय मेरे सामने तीन विकल्प थे – स्कूल खोलना, फर्ऩीचर का कारोबार करना या खाद्य सेवा में जाना। मैंने भोजन को चुना क्योंकि मेरा मानना है कि भोजन हर परिस्थिति में लोगों का साथी है। चाहे खुशी का पल हो या दु:ख का, भोजन लोगों को जोड़ता है और यादें बनाता है। यही सोच टिफिन सेंटर की नींव बनी। इसके बाद मैंने रेस्टोरेंट शुरू किए। मेरी पहली कोशिश एक नॉन-वेज रेस्टोरेंट थी, लेकिन बाद में मैंने उसे बंद कर दिया। मुझे महसूस हुआ कि शुद्ध शाकाहारी कॉन्सेप्ट मेरे विजऩ और मूल्यों से ज़्यादा मेल खाता है। तभी छाबडाज की शुरुआत हुई। आज हमारे पाँच आउटलेट्स हैं, जिनमें नवीनतम ओल्ड टाउन, कल्पगिरि मार्ग पर है। पीछे मुडक़र देखता हूँ तो यह सफर जोखिम, साहस और विश्वास से भरा रहा, लेकिन हर कदम ने ब्रांड को आज यहाँ तक पहुँचाया।
प्रश्न : यह दिलचस्प है। जब शहर में इतने सारे रेस्टोरेंट चैन हैं, तो छाबडाज को क्या अनोखा बनाता है?
उत्तर: हमारी सबसे बड़ी विशेषता सेवा-उन्मुख संस्कृति है। हमारे शेफ और स्टाफ़ केवल खाना बनाकर परोसते नहीं, बल्कि अनुभव परोसते हैं। हम जयपुर में पहले थे जिन्होंने किलोग्राम के आधार पर टेकअवे की शुरुआत की। उस समय यह बहुत अभिनव था और आज हमारी पहचान बन चुका है।
ग्राहक बड़े पैमाने पर वजन के हिसाब से खाना मंगवा सकते हैं, जिससे उन्हें किफ़ायती दामों में अधिक मात्रा मिलती है। जैसे, 40 किलो मलाई कोफ्ता या 60 किलो पनीर बटर मसाला मंगवाकर सिर्फ लगभग 12 हज़ार रुपये में 50 लोगों की पार्टी हो सकती है। इससे जश्न सुलभ हो जाते हैं और गुणवत्ता भी बनी रहती है। मुझे आज भी याद है, एक वरिष्ठ अधिकारी ने हमारे खाने का स्वाद चखकर तुरंत कहा, “मज़ा आ गया।” वही भाव हमारी सबसे बड़ी कोशिश है – हर ज़ायके को खुशी से भर देना।
प्रश्न : इतना बड़ा ब्रांड खड़ा करने में कठिनाइयाँ तो आई होंगी। किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
उत्तर : चुनौतियाँ तो स्वाभाविक थीं। सबसे बड़ी चुनौती थी शुरुआत से काम करना, सीमित संसाधनों और खाद्य उद्योग के अनुभव के बिना। परिवार और आस-पास के लोग भी इसे अनावश्यक जोखिम मानते थे। व्यवसाय बढऩे पर हमें निरंतरता, संचालन विस्तार और गुणवत्ता बनाए रखने में कठिनाई आई। लेकिन हर बार, ईश्वर पर विश्वास और मूल्यों के प्रति अटल प्रतिबद्धता ने हमें मज़बूत किया। छाबडाज का मुख्य दर्शन स्पष्ट है – स्वाद और गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं। समस्या आती-जाती रहती है, लेकिन हम यह याद रखते हैं कि अंतिम परिणाम ग्राहकों तक असली और संतोषजनक स्वाद पहुँचाना है। यही सिद्धांत हमें आगे बढ़ाता है।
प्रश्न : छाबडाज किस विशेष व्यंजन के लिए जाना जाता है?
उत्तर: सच कहूँ तो हर डिश अपनी अलग पहचान रखती है। हमारी सबसे बड़ी ताक़त है कि हम सभी सब्जिय़ों में एक ही तरह की ग्रेवी का इस्तेमाल नहीं करते, जो कई रेस्टोरेंट्स में आम बात है। हर सब्ज़ी की अपनी ख़ास ग्रेवी होती है। यही असली स्वाद और विशिष्टता लाता है। हम सर्वोत्तम मसालों का उपयोग करते हैं, जिनमें से कई को हम ख़ुद पीसते हैं, पैकेज्ड मसाले नहीं खरीदते। यह तरीका शुद्धता, ताजग़ी और मौलिकता सुनिश्चित करता है। स्टार्टर से लेकर मुख्य भोजन तक यही दर्शन है – मौलिक स्वाद और बिना समझौते की गुणवत्ता।
प्रश्न : लोकप्रियता पाने के लिए आपने कौन-सी मार्केटिंग तकनीकें अपनाईं?
उत्तर : शुरुआत में हमने ‘हैमरिंग’ पर ज़ोर दिया, यानी लगातार नाम को लोगों तक पहुँचाना ताकि ब्रांड याद रहे। जब छाबडाज ने पकड़ बनानी शुरू की तो हमने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विज्ञापन दिए। लेकिन मेरी नजऱ में सबसे बड़ी मार्केटिंग हमेशा हमारे ग्राहकों ने की है। मुँहज़बानी प्रचार हमारी सबसे बड़ी ताक़त रहा है। लोग आते हैं, खाना चखते हैं और फिर दूसरों को बताते हैं। हमारे बहुत से ग्राहक बार-बार लौटकर आते हैं, उनकी वफ़ादारी ने हमें बल और विकास दिया।
प्रश्न : इतने व्यस्त ब्रांड को सँभालने के अलावा आपकी और कोई रुचि या शौक है?
उत्तर : हाँ, संगीत मेरा असली जुनून है। मेरे लिए यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि उपचार है। संगीत मुझे शांति और तनावमुक्त रखता है। दिन चाहे कितना भी व्यस्त क्यों न हो, मेरे लिए बिना संगीत के दिन अधूरा लगता है। यह मुझे पुन: ऊर्जावान करता है और काम में बेहतर प्रदर्शन करने की ताक़त देता है।
प्रश्न : टिकाऊ पैकेजिंग पर आपके क्या विचार हैं और छाबडाज इसमें क्या करता है?
उत्तर : टिकाऊपन अब विकल्प नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है। छाबडाज में हम सजग होकर खाद्य-ग्रेड, पर्यावरण-हितैषी पैकेजिंग का उपयोग करते हैं। इसका दोहरा उद्देश्य है – पहला, भोजन को सुरक्षित, स्वच्छ और सही स्थिति में ग्राहकों तक पहुँचाना। दूसरा, पर्यावरण पर प्रभाव को कम करना। क्योंकि हमारे ज़्यादातर ऑर्डर भारी मात्रा में होते हैं, इसलिए टिकाऊ पैकेजिंग और भी ज़्यादा मायने रखती है।
प्रश्न : इतने कर्मचारियों को सँभालते हुए आपका नेतृत्व दर्शन क्या है?
उत्तर : छाबडाज में आज 200 से अधिक लोग काम करते हैं, जिनमें से कई दशकों से हमारे साथ हैं। यह निष्ठा बहुत कुछ कहती है। नए कर्मचारियों को हम प्रशिक्षण देते हैं ताकि वे हमारे सिद्धांत और मूल्यों को समझ सकें। मेरे लिए नेतृत्व डिग्री या औपचारिक शिक्षा पर निर्भर नहीं है। मुझे नहीं लगता कि यहाँ सफल होने के लिए एमबीए की ज़रूरत है। सबसे महत्वपूर्ण हैं – ईमानदारी, अच्छा व्यवहार, प्रतिबद्धता और काम के प्रति जिम्मेदारी। जीवन कौशल और सही दृष्टिकोण ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी है।
प्रश्न : आपके अनुसार जीवन की चुनौतियों को सँभालने के लिए कौन-से व्यक्तिगत गुण सबसे महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: सबसे महत्वपूर्ण है आंतरिक शक्ति‘कठिन समय में भी आगे बढ़ते रहने का संकल्प’। इसके साथ ही मैं ईश्वर की शक्ति पर भरोसा रखता हूँ। अगर आपके इरादे सच्चे हैं और भावनाएँ ईमानदार हैं, तो वह आपके काम में झलकेगी और ग्राहकों के दिल को छुएगी। यही भावनात्मक जुड़ाव वफ़ादारी और ब्रांड के प्रति प्यार पैदा करता है।
प्रश्न : आपके अलावा छाबडाज के संचालन में और कौन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है?
उत्तर : मुझे मज़बूत टीम का आशीर्वाद मिला है। विपिन अग्रवाल, नलिन छाबडा और अभा छाबडा हमारे स्तंभ हैं। उनकी भूमिका छाबडाज को आज के मुक़ाम तक लाने में अमूल्य रही है।
प्रश्न : आप युवा खाद्य उद्यमियों को क्या सलाह देंगे?
उत्तर : मेरी सलाह होगी ‘धैर्य और दृढ़ता रखें’। इस उद्योग में कोई शॉर्टकट नहीं है। सफलता केवल जुनून, लगन और कठिन परिश्रम से मिलती है। आपको पूरी तरह समर्पित होना होगा। यह क्षेत्र कठिन है, लेकिन अगर भीतर आग है और धैर्य है, तो सफलता निश्चित रूप से मिलेगी।
प्रश्न : अंत में, छाबडाज के लिए आपका दीर्घकालिक दृष्टिकोण क्या है?
उत्तर : हमारा दीर्घकालिक दृष्टिकोण दो भागों में है। पहला, वर्षों से जो पहचान और विश्वास हमने बनाया है, उसे निरंतर गुणवत्ता और सेवा से बनाए रखना। दूसरा, अगली पीढ़ी के लिए एक ऐसी विरासत छोडऩा जो असलियत, जुनून और ग्राहकों के प्रति समर्पण पर टिकी हो। यही छाबडाज की सच्ची सफलता होगी।

