बिजऩेस रेमेडीज/वडोदरा Central University of Gujarat , कुंढेला, वडोदरा में मातृभाषा दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. रमाशंकर दूबे ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने मातृभाषाओं में ज्ञान और संवेदनात्मक साहित्य के अनुवाद पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि माता, मातृभूमि और मातृभाषा का कोई विकल्प नही हो सकता।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. संजीव कुमार दुबे ने प्रासंगिक वक्तव्य में मातृभाषा को बचाने के लिए व्यक्तिगत प्रयासों के महत्व पर बात करते हुए कहा, कि यदि मैं अगली पीढ़ी को अपनी मातृभाषा नहीं सौंप सकता तो मैं मातृभाषा पर चिंता व्यक्त करने का अधिकारी नहीं हूँ’ विशिष्ट अतिथि (कार्यवाहक कुलसचिव) प्रो. मनीष ने मातृभाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। इस अवसर पर ‘मातृभाषा के माध्यम से प्रतिभा और क्षमता का विकास’ विषय पर निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गयी। तत्पश्चात प्रतिभागियों द्वारा मातृभाषा में भाषण, लोक गीत और काव्य पाठ किया गया। दर्शिल मकवाना, आकाश, सत्यम कुमार, गामित निकिता विवेक परिहार, अनिमेष दास, साक्षी मेहता, शिखा पांडेय और अमीषा ने अपनी-अपनी मातृभाषा में प्रस्तुति दी। साथ ही विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. धनंजय राय, डॉ. बलदेव प्रजापति, डॉ. प्रशांत धर्माधिकारी, डॉ. निशांत कुमार, डॉ. लविंद्र सिंह लबाना, डॉ. आलोक पांडेय एवं डॉ. प्रेमलता देवी ने मातृभाषा में अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गजेंद्र कुमार मीणा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संध्या राय द्वारा अपनी मातृभाषा में दिया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया।

