Tuesday, July 7, 2026 |
Home Exclusiveनई-नई डिजाइन और गुणवत्ता के दम पर मानसरोवर इलाके में “अशोका ज्वैलर्स” ने बनाई पहचान

नई-नई डिजाइन और गुणवत्ता के दम पर मानसरोवर इलाके में “अशोका ज्वैलर्स” ने बनाई पहचान

by Business Remedies
0 comments

कुंजेश कुमार पतसारिया | बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। कपड़े के पैतृक व्यवसाय से हटकर किशोरावस्था में ही अशोक कुमार टेकवानी को ज्वैलरी के नए बिजनेस शुरू करने की सोच और जुनून ने इस ओर आने के लिए प्रेरित किया। निरंतर ज्वैलरी के व्यवसाय में रहने के कारण अपनी अलग पहचान दिलवाई है। इन्होंने वर्ष, 1987 में घी वालों के रास्ते में होलसेल में ज्वैलरी का काम शुरू किया। अपने व्यवहार और विश्वसीनता के दम पर वर्ष,1999 में जौहरी बाजार में ज्वैलरी शॉप लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर दिया। उसके बाद वर्ष, 2016 में मानसरोवर इलाके के लोगों की ज्वैलरी की डिमांड होने के कारण यहां से भी ज्वैलरी की शॉप शुरू कर दी। वर्तमान में वे मानसरोवर इलाके में इस ज्वैलरी के व्यवसाय को अपने माल की गुणवत्ता, नई-नई डिजाइन, विश्वसीनता और व्यवहार कुशलता से पुत्र नवीन टेकवानी के साथ ग्राहकों के बीच पहचान दिलवाई है।

अपनी शैक्षिक पृष्ठभूमि के बारे में बताइए।
जयपुर से बी.कॉम की पढ़ाई कर व्यवसाय करने की सोच ने ज्वैलरी के बिजनेस की ओर मोड़ दिया। वर्तमान में बेटे नवीन टेकवानी के साथ ज्वैलरी के व्यवसाय को संचालित कर रहे हैं।

आपने अपना व्यवसाय कब शुरू किया और आप किस तरह की सेवाएं प्रदान करते हैं?
वैसे तो ज्वैलरी का वर्ष,1987 में घी वालों के रास्ते में होलसेल का काम शुरू कर दिया था। उसके बाद वर्ष,1999 में जौहरी बाजार में एक शॉप लेकर ज्वैलरी का ही व्यवसाय शुरू किया। लगातार बन रही डिमांड के चलते मानसरोवर इलाके में वर्ष, 2016 में ज्वैलरी शॉप प्रारंभ कर दी। यहां हम गोल्ड, सिल्वर के जेवरात और डायमंड से बनी ज्वैलरी ग्राहकों को नई-नई डिजाइन की प्रदान करते हैं। जो पूरी तरह से विश्वसनीय तथा गुणवत्ता से परिपूर्ण है।

क्या गरीबों को कोई राहत प्रदान की जाती है?
कई सामाजिक संगठनों से जुड़े होने के कारण समय-समय पर आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों को हम सहयोग और मदद करते रहते हैं।
क्या आपको प्रतिस्पर्धा के समय कोई कठिनाई महसूस होती है?
इन दिनों प्रतिस्पर्धा तो हर बिजनेस में है। शुरू में जरूर प्रतिस्पर्धा नहीं थी, लोगों में सहयोगात्मक रवैया रहता था। पर अब ऐसा नहीं है, हर तरह की चुनौतियों का मुकाबला करना पड़ता है।
आने वाले समय में आप अपने व्यवसाय को कहां तक बढ़ाना चाहते हैं?
राजस्थान और देश में हम अपने ब्रांड को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। आने वाले समय में इसमें सफलता भी जरूर मिलेगी, ऐसी पूरी उम्मीद है।
आप किसे अपना आदर्श मानते हैं?
पिताजी स्व.हेमराज टेकवानी मेरे प्ररेणा स्त्रोत रहे हैं। उनके बताए मार्ग पर चलने का निरंतर प्रयासरत रहता हूं।
युवाओं को अपना व्यवसाय बढ़ाने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहते हैं?
मेरा तो यही युवाओं को सुझाव है कि वह माल की शुद्धता, गुणवत्ता, नई डिजाइन, वैराइटी पर पूरा ध्यान दें। इसके अलावा ग्राहकों से व्यवहार कुशलता की भी महत्ती आवश्यकता है। तभी उत्तरोतर व्यवसाय आगे बढ़ पाएगा।
केंद्र सरकार और राज्य सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?
केंद्र और राज्य सरकार से हमारी यही अपेक्षाएं है कि वे उद्यमियों के लिए जीएसटी तथा इनकम टैक्स प्रणाली का सरलीकरण करे ताकि उद्यमियों को उसकी जटिलताओं से थोड़ी राहत मिल सके। जहां उद्यमियों के राजस्व से ही भारत आगे बढ़ सकेगा।



You may also like

Leave a Comment