बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। आम आदमी के लिए एनसीआर में खुद का मकान लेना काफी मुश्किल है। अगर जमीन खरीदकर मकान बनाना हो तो बमुश्किल ही ऐसा हो पाएगा। इसका सबसे बड़ा कारण है कि एनसीआर में ऐसी जमीन बहुत कम बची है। यहां टाउनशिप और सोसाइटी काफी ज्यादा हैं। यहां फ्लैट खरीदना हर शख्स के बस की बात नहीं है। ऐसे में यूपी सरकार ने नोएडा के समीप नया शहर बनाने का फैसला लिया है। इसे ‘न्यू नोएडा’ नाम दिया गया है। इस शहर के लिए सरकार ने जमीन अधिग्रहण सर्वे शुरू कर दिया है। नोएडा से सटे बुलंदशहर जिले के भी कई गांवों को इसमें मिलाया जाएगा। नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम ने बुलंदशहर के सिकंद्राबाद में सर्वे किया। यहां के जोखाबाद गांव में अस्थाई ऑफिस बनाने का प्लान है। इस ऑफिस से ही न्यू नोएडा के लिए जमीन अधिग्रहण से जुड़े सारे काम होंगे।
इस नए शहर को चार फेज में पूरा किया जाएगा। पहला फेज इसी साल शुरू होगा। इस नए शहर में इंडस्ट्रियल जोन विकसित किया जाएगा। साथ जैसे-जैसे काम आगे बढ़ेगा, इस नए शहर में एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, रेजिडेंशियल एरिया, कमर्शियल स्पेस, अस्पताल, मंडी और दूसरी चीजें भी बनाई जाएंगी।
हाई राइज बिल्डिंग भी बनेंगी: न्यू नोएडा में सामान्य कॉलोनियों के अलावा हाई राइज बिल्डिंग भी बनेंगी। रेजिडेंशियल एरिया का प्रोजेक्ट दूसरे फेज में शुरू होगा। कुल जगह में से करीब 17.5त्न हिस्सा रेजिडेंशियल होगा। इसमें सोसाइटी, कॉलोनी और हाई राइज बिल्डिंग्स भी होंगी।
रोजगार के होंगे ढेर सारे अवसर: इस नए शहर में रोजगार के अवसरों की भी कमी नहीं रहेगी। करीब 25 फीसदी हिस्से में इंडस्ट्रियल यूनिट्स लगाई जाएंगी। साथ ही करीब 4.8 फीसदी हिस्सा कमर्शियल हब के लिए रिजर्व रहेगा। इसमें बिजनस हब, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और दूसरी कमर्शियल एक्टिविटी होंगी।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से कनेक्शन: इस नए शहर का कनेक्शन दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से है। साथ ही यह नया शहर दादरी- नोएडा- गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (डीएनजीआईआर) का हिस्सा होगा। इसमें गौतम बुद्ध नगर जिले के करीब 20 और बुलंदशहर जिले के 60 गांव शामिल हैं। इस नए शहर की सीधी कनेक्टिविटी कई हाईवे से होगी।

