जयपुर। Geetanjali Hospital, Jaipur 1050 बेड वाला एक अत्याधुनिक तृतीयक (Tertiary Care) मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल है, जो 33 से अधिक विशेषज्ञताओं के अंतर्गत विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। 25 एकड़ में फैला यह अस्पताल अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाओं और नवीनतम चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। मरीज-केंद्रित, नैतिक एवं किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के अपने संकल्प के साथ Geetanjali Hospital Rajasthan सहित देशभर के मरीजों की सेवा कर रहा है। अस्पताल RGHS, ESIC, Maa Yojana, Ayushman Bharat सहित विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं एवं प्रमुख Insurance Companies और TPAs से संबद्ध है, जिससे मरीजों को कैशलेस एवं सुलभ उपचार की सुविधा उपलब्ध हो रही है।
Geetanjali Hospital Jaipur के हृदय रोग विभाग के Cardiology विशेषज्ञ Dr. Anshul Patodia एवं उनकी विशेषज्ञ टीम ने अत्याधुनिक 3D Mapping एवं RF Ablation तकनीक की सहायता से एक जटिल WPW (Wolff-Parkinson-White) Syndrome का सफल उपचार कर Karan Sharma को वर्षों पुरानी समस्या से राहत दिलाई।
Karan Sharma पिछले 7-8 वर्षों से बार-बार होने वाली तेज धड़कन (Palpitations) और चक्कर आने की समस्या से परेशान था। उसने देश के विभिन्न शहरों में उपचार एवं परामर्श लिया, लेकिन उसे स्थायी राहत नहीं मिल सकी।
प्रारंभिक जांच के दौरान किए गए ECG में Karan Sharma को WPW Syndrome होने का पता चला। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय में सामान्य AV Node के अतिरिक्त एक अतिरिक्त विद्युत मार्ग (Accessory Pathway) मौजूद होता है, जो हृदय की धड़कनों को असामान्य रूप से तेज कर देता है और बार-बार धड़कन बढ़ने की समस्या उत्पन्न करता है।
आगे की विस्तृत जांच एवं Electrophysiological Study में पाया गया कि यह अतिरिक्त विद्युत मार्ग Coronary Sinus एवं उसकी शाखाओं में स्थित था तथा हृदय की बाहरी सतह (Epicardial Course) से होकर गुजर रहा था। इस प्रकार के जटिल मामलों में सामान्य तकनीकों से उपचार चुनौतीपूर्ण होता है और सटीक पहचान के लिए अत्याधुनिक 3D Mapping System तथा Irrigation Catheter आधारित RF Ablation की आवश्यकता होती है।
उन्नत 3D Mapping और RF Ablation से मिली सफलता
Dr. Anshul Patodia एवं उनकी टीम ने उच्च स्तरीय तकनीक और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक 3D Mapping एवं RF Ablation प्रक्रिया को अंजाम दिया। उपचार के तुरंत बाद मरीज की असामान्य विद्युत गतिविधि पूरी तरह समाप्त हो गई और वर्तमान में मरीज स्वस्थ जीवन व्यतीत कर रहा है। Follow-up जांचों में भी उसकी स्थिति संतोषजनक पाई गई तथा उसे दोबारा तेज धड़कन की समस्या नहीं हुई।
Geetanjali Hospital Jaipur का संदेश
हृदय की धड़कनों का बार-बार तेज होना, धड़कन महसूस होना, चक्कर आना या अचानक बेचैनी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर सही जांच और उन्नत हृदय उपचार तकनीकों की मदद से वर्षों पुरानी और जटिल हृदय संबंधी समस्याओं का भी सफल एवं स्थायी समाधान संभव है। यह सफलता Geetanjali Hospital के Cardiac Electrophysiology Department की विशेषज्ञता तथा अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं का एक और उदाहरण है, जो मरीजों को विश्वस्तरीय हृदय उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

