Make in India के 12 साल पूरे
नई दिल्ली। ‘Make in India’ अभियान के 12 साल पूरे होने के अवसर पर Prime Minister Narendra Modi ने देश में Manufacturing, Investment और Export के क्षेत्र में हुए बदलावों को रेखांकित किया। PM Modi ने कहा कि इस पहल से “भारत में अधिक उत्पादन, भारत में अधिक Investment और भारत से अधिक Export” संभव हुआ है और इसका असर कई सेक्टर में दिखाई दे रहा है।
Electronics और Defence Production में बड़ी वृद्धि
Prime Minister ने बताया कि Electronics Production में भारत ने तेज प्रगति की है। वर्ष 2014-15 में Electronics Production करीब ₹1.9 लाख करोड़ था, जो 2025-26 में बढ़कर ₹13.11 लाख करोड़ पहुंच गया। वहीं, Indigenous Defence Production ₹46,429 करोड़ से बढ़कर FY 2025-26 में रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ हो गया।
Mobile Manufacturing में भारत की मजबूत स्थिति
‘Make in India’ की शुरुआत 25 September 2014 को Manufacturing, Design और Innovation के क्षेत्र में भारत को Global Hub बनाने के उद्देश्य से की गई थी। वर्तमान में यह पहल 27 सेक्टर पर केंद्रित है, जिसमें 15 Manufacturing और 12 Services सेक्टर शामिल हैं। Mobile Phone Production में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जो ₹18,000 करोड़ से बढ़कर करीब ₹6.27 लाख करोड़ हो गया है। आज भारत Volume के लिहाज से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Mobile Phone Manufacturer है।
Automobile और Pharma Sector में बढ़ी क्षमता
Government Factsheet के अनुसार, Automobile Production वर्ष 2024-25 में 31.03 million units तक पहुंच गया, जो 2014-15 की तुलना में 33 प्रतिशत अधिक है। वहीं, Pharmaceutical Industry Volume के आधार पर दुनिया में तीसरे और Value के आधार पर 11वें स्थान पर है। Pharma Sector का Annual Turnover 2024-25 में ₹4,71,898 करोड़ रहा।
Self-Reliant India पर PM Modi का जोर
इससे पहले PM Modi ने Seva Sankalp Abhiyan के तहत Varanasi से Vadnagar जा रहे Seva Yatra के प्रतिभागियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत को Self-Reliant बनाने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे और चुनौतियों का सामना दृढ़ संकल्प व सेवा भावना के साथ करना होगा। उन्होंने “सेवा ही राष्ट्र सेवा है” के मंत्र के साथ National Welfare के कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

