Tuesday, July 21, 2026 |
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भारत में कोयला एक्सचेंज की शुरुआत का रास्ता साफ, कोयला कारोबार में आएगी पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा

by Business Remedies
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India Coal Exchange trading platform under new regulatory framework to modernize coal market and improve transparency in coal trading.

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में कोयला एक्सचेंज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। यह कदम भारत की कोयला आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाने और पारदर्शी तथा बाजार आधारित व्यापारिक ढांचा तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नई व्यवस्था के लागू होने से कोयला कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, मूल्य निर्धारण अधिक पारदर्शी होगा और खरीदारों तथा उत्पादकों दोनों को व्यापक अवसर मिलेंगे।

कोयला मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में लागू किए गए खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम,2025 के तहत मिनरल एक्सचेंज की अवधारणा को शामिल किया गया है। इस कानून ने केंद्र सरकार को कोयला और उसके प्रसंस्कृत रूपों सहित विभिन्न खनिजों के पारदर्शी और प्रभावी व्यापार को बढ़ावा देने का अधिकार प्रदान किया है। इसी कानून के तहत सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कोयला एक्सचेंज नियम,2026 को अधिसूचित किया। इन नियमों के माध्यम से देश में कोयले के संगठित और बाजार आधारित व्यापार के लिए आवश्यक नियामकीय ढांचा तैयार किया गया है।

सरकार ने दिसंबर,2025 में कोयला नियंत्रक संगठन को कोयला एक्सचेंजों के पंजीकरण और नियमन के लिए अधिकृत संस्था नियुक्त किया था। यह संगठन एक्सचेंजों के संचालन की निगरानी करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि व्यापारिक गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हों। मंत्रालय ने बताया कि पात्र संस्थाओं को कोयला नियंत्रक संगठन की मंजूरी मिलने के बाद कोयला एक्सचेंज स्थापित करने और उनका संचालन करने की अनुमति दी जाएगी। ये संस्थाएं बाजार संचालन के नियम और उपनियम तैयार करेंगी तथा कोयले के व्यापार को सुगम बनाएंगी। एक्सचेंजों को दिया जाने वाला पंजीकरण 25वर्षों की अवधि के लिए वैध होगा।

सरकार का मानना है कि कोयला एक्सचेंज की शुरुआत कोयला विपणन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव साबित होगी। अभी तक प्रचलित एक विक्रेता से अनेक खरीदारों वाली प्रणाली की जगह अब अनेक विक्रेताओं और अनेक खरीदारों वाला प्रतिस्पर्धी मंच विकसित होगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ेगी और बाजार की वास्तविक मांग तथा आपूर्ति के आधार पर मूल्य निर्धारण संभव हो सकेगा। नई व्यवस्था से वाणिज्यिक और कैप्टिव खनन कंपनियों सहित सभी कोयला उत्पादकों को अधिक संख्या में खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही खरीदारों को भी विभिन्न स्रोतों से प्रतिस्पर्धी दरों पर कोयला खरीदने का विकल्प प्राप्त होगा। सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियां भी इस मंच का उपयोग करके अपनी बाजार भागीदारी को मजबूत कर सकेंगी। इससे कोयला व्यापार में दक्षता बढ़ेगी और पूरी आपूर्ति श्रृंखला अधिक व्यवस्थित तथा प्रभावी बनेगी।

कोयला मंत्रालय ने कहा कि कोयला एक्सचेंज पहल कारोबार सुगमता बढ़ाने, पारदर्शिता को प्रोत्साहित करने और आधुनिक एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा तंत्र के निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सरकार को उम्मीद है कि अधिक प्रतिस्पर्धी और प्रभावी कोयला बाजार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगा, औद्योगिक विकास को गति देगा और सतत आर्थिक प्रगति के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुधार से कोयला क्षेत्र में निवेश आकर्षित होगा, व्यापारिक प्रक्रियाएं सरल होंगी और उद्योगों को आवश्यक ईंधन की उपलब्धता अधिक सुचारु रूप से सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में भी मदद मिलेगी।



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