नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास, उद्यमिता के अवसरों के विस्तार और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ऋण उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, प्रमुख उद्योग संगठनों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम संघों के साथ गोलमेज बैठकों का आयोजन करेगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों और व्यवसायों तक वित्तीय सहायता पहुंचाई जा सके।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के दौरान कहा कि राज्य में प्रमुख सरकारी योजनाओं के लाभ को प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना तथा पीएम स्वनिधि जैसी योजनाओं का व्यापक स्तर पर विस्तार किया जाएगा।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप पश्चिम बंगाल के विकास को तेज करने के विभिन्न उपायों पर चर्चा हुई। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में ऋण उपलब्धता बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। वित्त मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल ग्रामीण बैंक के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करना और औपचारिक ऋण व्यवस्था तक लोगों की पहुंच को बढ़ाना होगा। इससे ग्रामीण उद्यमियों, किसानों और छोटे व्यवसायों को वित्तीय सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
केंद्र सरकार ने राज्य में पूंजीगत आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल से प्राप्त पात्र प्रस्तावों के त्वरित निपटान का भी आश्वासन दिया है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने राज्य सरकार से योजना के सुधार-आधारित घटकों के अंतर्गत चिन्हित सुधारों को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया, ताकि विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। इस बीच पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना से भी जोड़ दिया गया है। राज्य सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के बीच हुए समझौता ज्ञापन के माध्यम से यह पहल लागू की गई है। इससे राज्य के लाखों पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

