मुंबई, 27 मई, 2025: भारतीय जीवन बीमा निगम (“एलआईसी”) के निदेशक मंडल ने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए स्टैंडअलोन और समेकित वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी और स्वीकृत किया। नीचे हमारे स्टैंडअलोन परिणामों के मुख्य बिंदु दिए गए हैं। 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए कर के बाद लाभ (पीएटी) 48,151 करोड़ रुपए रहा, जबकि 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए यह 40,676 करोड़ रुपए था, इस प्रकार 18.38% की वृद्धि दर्ज की गई।
निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के अनुमोदन के अधीन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए प्रति शेयर 12 रु./- के अंतिम लाभांश (फ़ाइनल डिविडेंट) की सिफारिश की है।
प्रथम वर्ष की प्रीमियम आय (एफवाईपीआई) द्वारा मापी गई बाजार हिस्सेदारी के संदर्भ में (आईआरडीएआई के अनुसार), भारतीय जीवन बीमा कारोबार में बाजार हिस्सेदारी के हिसाब से एलआईसी 57.05% की बाजार हिस्सेदारी के साथ बाजार में अग्रणी बनी हुई है। 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए, एलआईसी की व्यक्तिगत व्यवसाय में 37.46% और समूह व्यवसाय में 71.19% की बाजार हिस्सेदारी रही।
31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए कुल प्रीमियम आय 4,88,148 करोड़ रुपये रही जबकि 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष में यह 4,75,070 करोड़ रुपये थी। 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए कुल व्यक्तिगत व्यवसाय प्रीमियम पिछले वर्ष की तुलनात्मक अवधि के 3,03,768 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,19,036 करोड़ रुपये हो गया। 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए समूह व्यवसाय की कुल प्रीमियम आय 1,69,112 करोड़ रुपये रही, जबकि 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए यह 1,71,302 करोड़ रुपये थी।
31 मार्च 2025 को समाप्त होने वाले वर्ष के दौरान व्यक्तिगत रूप से कुल 1,77,82,975 पॉलिसियां बेची गईं। 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के दौरान इन पॉलिसियों की संख्या 2,03,92,973 थी।
वार्षिक अधिमूल्य समकक्ष (एपीई) के आधार पर, 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए कुल प्रीमियम 56,828 करोड़ रुपये था। इसमें से 67.25% (38,218 करोड़ रु) व्यक्तिगत व्यवसाय व 32.75% (18,610 करोड़ रु) समूह व्यवसाय के रूप में था। व्यक्तिगत व्यवसाय के अंतर्गत, एपीई आधार पर सहभागी उत्पादों (पार प्रोडक्टस) का हिस्सा 72.31% (27,636 करोड़ रुपए) था और शेष 27.69% (10,581 करोड़ रुपए) नॉन पार उत्पादो का था। नॉन पार एपीई 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के 7,041 करोड़ रुपये से बढ़कर 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए 10,581 करोड़ रुपए हुआ, जिसमें कुल 50.28% की वृद्धि हुई। इस प्रकार एपीई आधार पर, हमारा व्यक्तिगत व्यवसाय का नॉन पार शेयर, जो 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए 18.32% था वह 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए बढ़कर 27.69% हो गया।
31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए नए व्यवसाय का मूल्य (वीएनबी) 10,011 करोड़ रु. रहा। जिसमे 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष के लिए 9,583 करोड़ रुपये की तुलना में 4.47% की वृद्धि दर्ज की गई। शुद्ध वीएनबी मार्जिन 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए 80 बीपीएस से बढ़कर 17.6% हो गया, जबकि 31 मार्च, 2024 को समाप्त वर्ष के लिए यह 16.8% था।
31 मार्च 2025 तक का सॉल्वेंसी अनुपात 31 मार्च 2024 के 1.98 से बढ़कर 2.11 हो गया।
31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष में प्रीमियम के आधार पर स्थायित्व अनुपात 13 वें महीने और 61 वें महीने के लिए क्रमशः 74.84% और 63.12% थे। 31 मार्च, 2024 को समाप्त इसी वर्ष के लिए तुलनात्मक स्थायित्व अनुपात क्रमश 77.66% व 60.88% थे। 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए पॉलिसियों की संख्या के आधार पर 13 वें महीने और 61 वें महीने के स्थायित्व अनुपात क्रमशः 64.12% व 50.31% थे। 31 मार्च 2024 को समाप्त इसी अवधि के लिए स्थायित्व अनुपात क्रमशः 66.99% और 48.59% थे।
31 मार्च 2025 को प्रबंधन के तहत परिसंपत्तिया (एयूएम) बढ़कर 54,52,297 करोड़ रूपये हुआ जो 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष में 51,21,887 करोड़ रुपये था। इस प्रकार वार्षिक आधार पर कुल 6.45% की बढ़ोतरी हुई। 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के कुल व्य्य अनुपात 315 बीपीएस घटकर 12.42% हुआ जो 31 मार्च 2024 को समाप्त वर्ष में 15.57% था 31 मार्च 2025 को समाप्त वर्ष के लिए अप्राप्त लाभ को छोड़कर पॉलिसीधारकों के फंड पर निवेश पर प्रतिफल 8.65 % रहा जो 31 मार्च, 2024 को समाप्त वर्ष के लिए 8.93% था।
वर्ष 2024-25 में पॉलिसी धारकों को आवंटित बोनस की राशि 56190.24 करोड़ रुपये थी, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए यह 52,955.87 करोड़ रुपये थी। एलआईसी ने 20 जनवरी, 2025 को पूरे भारत में 5,88, 107 पॉलिसियां बेचकर “24 घंटे में सर्वाधिक जीवन बीमा पॉलिसियां बेचने” का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया है। माननीय प्रधान मंत्री द्वारा 9 दिसंबर 2024 को बीमा सखी के शुभारंभ के बाद से एलआईसी ने 31 मार्च 2025 तक 1,48,888 सखी को नियुक्त किया है जिन्होंने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष के दौरान 4,71,120 पॉलिसियां बेची और 604.57 करोड़ रुपये का नव व्यवसाय प्रीमियम प्राप्त किया है।
श्री सिद्धार्थ महान्ति, मु.का.नि. एंव प्र.नि. ने कहा की “वर्ष 2024-25 हमारे व्यवसाय के लिए बहुत ही रोमांचक और चुनौतीपूर्ण वर्ष था। पहले छह महीनों में बहुत मजबूत प्रदर्शन दर्ज करने के बाद, हमें विनियामक परिवर्तनों का अनुपालन करने के लिए उत्पादों को फिर से डिज़ाइन और पुनः लॉन्च करना पड़ा। हालाँकि, हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि इस वर्ष हमने कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। सर्वप्रथम, हमने एक ही वर्ष में 62,495 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत नव व्यवसाय प्रीमियम हासिल किया है। दूसरा, इस वर्ष के लिए हमारा नेट वीएनबी 10,011 करोड़ रुपये है, यानी पहली बार 10,000 करोड़ रुपये से अधिक। तीसरा, हमारा वीएनबी मार्जिन लगातार बढ़ रहा है, जो 31 मार्च 2025 तक 17.6% तक पहुँच गया। चौथा, नॉन पार शेयर बढ़ाने की हमारी रणनीति और भी मजबूत हो रही है। इस वर्ष, व्यक्तिगत व्यवसाय के भीतर नॉन पार एपीई शेयर 27.69% तक बढ़ गया है। अंत में, हमें यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि हमने पॉलिसीधारकों को 56,190.24 करोड़ रुपये का बोनस घोषित किया है। हम अपने सभी हितधारकों के समर्थन और हम पर विश्वास के लिए आभारी हैं। हम लिस्टिंग के बाद की यात्रा में अपने क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए लाभदायक विकास देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

