बिजनेस रेमेडीज़/नई दिल्ली। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आवासीय भूखंडों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र) ने एक नई योजना शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस नई योजना में नोएडा सेक्टर 18 में हाउसिंग प्लॉट्स की पेशकश की जाएगी। कहा जा रहा है कि यह योजना उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण के साथ रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुरू की जाएगी।
हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमें बताया गया कि पिछले पांच सालों में जेवर एयरपोर्ट के आसपास की जमीनों की कीमतों में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि 2030 तक इन कीमतों में 50 प्रतिशत तक और बढ़ोतरी हो सकती है। इसी को देखते हुए ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र ने प्लॉट्स की मांग को पूरा करने के लिए नई योजना बनाई है।
ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र ने वित्त वर्ष 2024-25 में दो प्रमुख योजनाएं शुरू की हैं। पहली योजना जुलाई में शुरू हुई थी जिसमें करीब 363 प्लॉट्स थे। इस योजना में आवेदन करने वालों की संख्या दो गुना से ज्यादा थी। दूसरी योजना नवंबर में शुरू की गई थी जिसमें 451 प्लॉट्स थे। अब ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र एक और नई योजना लेकर आ रहा है, जो जेवर एयरपोर्ट के पास बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बनाई जाएगी। ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र की आने वाली यह योजना 2009 में शुरू की गई थी। उस समय सेक्टर 18 और 20 में प्लॉट्स की पेशकश की गई थी लेकिन कुछ अदालती मामलों के कारण कई प्लॉट्स को बेचा नहीं जा सका। अब ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र को इस जमीन पर कब्जा मिल गया है और अब वह इस योजना को फिर से शुरू करने का विचार कर रहा है।
नई योजना के अलावा ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र की एक पुरानी योजना के लिए भी 20 जनवरी को ई-ऑक्शन आयोजित किया जाएगा। इस योजना के तहत सेक्टर 17, 18 और 22ष्ठ में प्लॉट्स निकाले गए हैं। इन प्लॉट्स का आवंटन ई-ऑक्शन के जरिए किया जाएगा। यह स्कीम भी जेवर एयरपोर्ट के पास लॉन्च की गई है जिसमें कुल 20 प्लॉट्स हैं।
बता दें कि ङ्घश्वढ्ढष्ठ्र की यह नई योजना जेवर एयरपोर्ट के पास भूमि की बढ़ती मांग को देखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके जरिए आवासीय भूखंडों के लिए प्लॉट्स की पेशकश की जाएगी जो नोएडा और आसपास के इलाकों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

