महासागरों के महत्व को समझने, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा समुद्री संसाधनों के सतत संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए आज विश्व महासागर दिवस मनाया जाएगा। महासागर पृथ्वी का सबसे बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र हैं जो हमारे जीवन को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। यह हमारी पृथ्वी की कम से कम 50 फीसदी ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं और जलवायु को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। दुनिया भर के अरबों लोगों को प्रोटीन प्रदान करते हैं और अर्थव्यवस्था का एक बड़ा आधार हैं। वहीं ये पृथ्वी की अधिकांश जैव विविधता का घर हैं, जिन्हें जलवायु परिवर्तन और प्लास्टिक प्रदूषण जैसे गंभीर खतरों से बचाना अति आवश्यक है। मानव और महासागर के बीच संबंधों को नए दृष्टिकोण से समझा जाए तथा महासागरों के संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाई जाए। महासागर पृथ्वी पर जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। महासागर बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वैश्विक तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। वहीं अरबों लोगों की खाद्य सुरक्षा और रोजगार समुद्री संसाधनों पर निर्भर है। इस दिवस को मनाने की शुरुआत वर्ष, 1992 में ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित पृथ्वी शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। इसके बाद 8 जून, 2008 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी। तब से यह दिवस हर साल वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।

