बिजनेस रेमेडीज़/बीकानेर। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने बीकानेर की औद्योगिक समस्याओं से रूबरू होने तथा राज्य सरकार की स्कीमों से अवगत करवाने हेतु जिले के उद्यमियों, व्यापारियों व औद्योगिक संगठनों से सीधा संवाद बीकानेर जिला उद्योग संघ कॉफ्रेंस हॉल में किया। बीकानेर जिले के औद्योगिक संगठनों ने अपनी मांग रखते हुए बताया कि भारत सरकार की अमृत योजना के तहत जिले के सभी औद्योगिक क्षेत्र में सीवरेज लाइन डलवाई जाए, वेयर हाऊस को उद्योग का दर्जा मिलने के बावजूद भी आ रही विभागीय पेचीदगियों को दूर करवाया जाए, होटल व्यवसाय को उद्योग का दर्जा मिल गया है, लेकिन उसको उद्योगों वाली सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में राज्य के सभी हस्तांतरित औद्योगिक क्षेत्रों में दिनांक 20 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार हस्तांतरित औद्योगिक क्षेत्रों में सब-डिविजन, भू उपयोग परिवर्तन, हस्तांतरण, क्रय आदि गतिविधियों पर पूर्णतया रोक लगा दी गई है, इस हेतु सरकार ट्रांसफर एरिया को फ्री होल्ड करते हुए वर्तमान स्वामित्व के एकल पट्टे जारी कर रीको को हस्तानांतरण कर दें। साथ ही करणी औद्योगिक क्षेत्र में गंदे पानी की समस्या के निस्तारण हेतु रीको द्वारा सीईटीपी का निर्माण करवाया जाए, फूड टेस्टिंग लैब की स्थापना की जाए, बीकानेर के औद्योगिक क्षेत्रों को गैस पाइप लाइन से जोड़ा जाए, एमनेस्टी स्कीम 2022 को पुन: शुरू किया जाए, खाद्य आधारित उद्योगों पर लगाए गये कृषक कल्याण शुल्क हटाया जाए। राजस्थान प्रदेश के कृषि आधारित उद्योगों को पिछडऩे से बचाने हेतु कृषि आधारित उद्योगों पर लगने वाले मंडी शुल्क को हटाया जाए। बीकानेर को वर्तमान में मिनी फूड पार्क भी स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन अभी तक इस मिनी फूड पार्क की स्थापना भी नहीं की जा सकी है यदि शीघ्र ही इसकी स्थापना की जाती है तो बीकानेर शहरी क्षेत्रों में स्थापित घरों में पापड़, भुजिया की इंडस्ट्री एक ही छत के नीचे आ सकेगी और राज्य सरकार की एक जिला एक उत्पाद स्कीम को भी बल मिलेगा।

