मुंबई,
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के उपाध्यक्ष अविनाश गुप्ता ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता हीरों और रत्नों के लिए शून्य प्रतिशत टैरिफ का प्रावधान लेकर आया है, जो उद्योग के लिए एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि सेक्शन 3 के तहत अब हीरे और रत्न शून्य प्रतिशत टैरिफ पर अमेरिका भेजे जा सकेंगे, जिससे भारत के कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग को काफी राहत मिलेगी। अविनाश गुप्ता ने कहा कि पहले भारत में कटिंग होने वाले 9 में से 10 हीरे थे, लेकिन अमेरिका के टैरिफ ने सूरत के कारीगरों के लिए कठिनाइयाँ पैदा की थीं। उन्होंने इसे “मेक इन इंडिया” और विभिन्न उद्योगों में कौशल हस्तांतरण के लिए भी लाभकारी बताया। गुप्ता ने बताया कि शून्य प्रतिशत ड्यूटी फिलहाल केवल हीरे और रत्नों पर लागू है, जबकि आभूषण अभी इस श्रेणी में शामिल नहीं हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि भविष्य में आभूषण को भी सेक्शन 3 के तहत लाया जाए ताकि इससे बड़ा लाभ हो सके।
गुप्ता ने आगे कहा कि जैसे-जैसे भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब विकसित हो रहे हैं, सकारात्मक प्रभाव साफ दिख रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जब भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन शुरू हुआ, तब देश आयातक था, लेकिन अब निर्यातक बन गया है। यही पैटर्न ऑटोमोबाइल उद्योग में और अब जेम्स और ज्वेलरी उद्योग में भी देखा जा रहा है। अविनाश गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में सरकार ने बड़ा लक्ष्य रखा है — 2047 तक भारत को पूर्ण निर्यातक देश बनाना और आभूषण के लिए वैश्विक उत्पादन केंद्र स्थापित करना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह दृष्टि 2047 तक पूरी हो जाएगी।

