नई दिल्ली,
भारत के क्विक-कॉमर्स क्षेत्र में श्वेतपोश पदों पर भर्तियों में वर्ष दर वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। अब यह क्षेत्र कुल क्विक-कॉमर्स भर्तियों का 14 प्रतिशत हिस्सा बन चुका है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां अब डाटा विश्लेषण, उत्पाद प्रौद्योगिकी और आपूर्ति शृंखला रणनीति जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे दक्षता और लाभप्रदता को मजबूत किया जा सके। नौकरी पोर्टल फाउंडइट की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह क्षेत्र अब केवल तेज विस्तार की रणनीति से आगे बढ़कर लाभ, स्थिरता और परिचालन समझ पर अधिक ध्यान दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनियां अब अपने कारोबार को अधिक सटीक और पूर्वानुमान आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
फाउंडइट की उपाध्यक्ष (मार्केटिंग) अनुपमा भीमरजका ने कहा कि भारत का क्विक-कॉमर्स तंत्र अब केवल विस्तार आधारित वृद्धि से आगे बढ़कर दक्षता और बुद्धिमत्ता आधारित विकास की ओर अग्रसर है। कंपनियां मांग का सटीक अनुमान लगाने, भंडार प्रबंधन को बेहतर बनाने और ग्राहक अनुभव को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञ पेशेवरों की भर्ती कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 में विभिन्न उद्योगों में कुल श्वेतपोश भर्तियां माह दर माह 2 प्रतिशत घटीं, लेकिन वर्ष दर वर्ष इसमें 9 प्रतिशत की वृद्धि बनी रही। हालांकि डिलीवरी और डार्क-स्टोर से जुड़े पद कुल कर्मचारियों की संख्या में अभी भी प्रमुख हैं, लेकिन श्वेतपोश भूमिकाएं इस क्षेत्र की रणनीतिक रीढ़ बनकर उभर रही हैं।
डाटा और विश्लेषण से जुड़ी भूमिकाएं श्वेतपोश वर्ग में सबसे तेजी से बढ़ने वाला खंड रही हैं। इनका कुल श्वेतपोश पदों में 26 प्रतिशत हिस्सा रहा और इनमें 28 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। उत्पाद और परिचालन तकनीकी भूमिकाएं 21 प्रतिशत हिस्सेदारी और 24 प्रतिशत वृद्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं आपूर्ति शृंखला और नेटवर्क योजना से संबंधित पदों की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत रही और इनमें 22 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। मांग पूर्वानुमान विश्लेषक, उत्पाद प्रबंधक और नेटवर्क योजना प्रबंधक जैसे पद सबसे तेजी से बढ़ने वाले पदों में शामिल रहे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अब नौकरी विज्ञापनों में एसक्यूएल, पावर बीआई, पाइथन, मांग पूर्वानुमान और लागत अनुकूलन जैसी क्षमताओं का उल्लेख आधारभूत आवश्यकता के रूप में बढ़ता जा रहा है, चाहे पद विश्लेषण से सीधे जुड़ा हो या नहीं।
अनुभव के स्तर पर 4 से 10 वर्ष के मध्य-कैरियर पेशेवर भर्ती वृद्धि का मुख्य आधार रहे, जिनकी कुल श्वेतपोश नियुक्तियों में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी रही। भौगोलिक दृष्टि से बेंगलुरु इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा, जहां प्रत्येक चार में से एक श्वेतपोश क्विक-कॉमर्स पद स्थित है। हैदराबाद में भी औसत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जिसका कारण परिचालन-तकनीकी और विस्तार योग्य योजना संबंधी भूमिकाएं रहीं। इसके अलावा टियर-2 शहरों में क्षेत्रीय कमांड केंद्रों तथा विश्लेषण समर्थित और क्रियान्वयन आधारित पदों की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है।

