नई दिल्ली,
कमजोर अमेरिकी उपभोक्ता खर्च आंकड़ों के बाद बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में बुधवार को तेज बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति को अपेक्षाकृत नरम रुख दे सकता है, जिससे सोना और चांदी को सहारा मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर अप्रैल वायदा के लिए सोना 0.71 प्रतिशत चढ़कर 10 ग्राम के लिए 1,57,909 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मार्च वायदा में चांदी 2.67 प्रतिशत की तेज बढ़त के साथ प्रति किलोग्राम 2,59,300 रुपये पर कारोबार करती देखी गई।
अमेरिकी डॉलर सूचकांक पिछले सत्र के 96.80 के मुकाबले घटकर 96.59 पर आ गया, जिससे विदेशी खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो गया। डॉलर में कमजोरी ने भी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों को ऊपर ले जाने में भूमिका निभाई। अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों में अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट के बाद सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी गई। दिसंबर के खुदरा बिक्री आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, जिससे उपभोक्ता खर्च में सुस्ती का संकेत मिला और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ी।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अब इस वर्ष कम से कम तीन बार ब्याज दरों में कटौती की संभावना को बाजार मूल्य में शामिल किया जा रहा है, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह अनुमान दो कटौती का था। नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद बहुमूल्य धातुओं के लिए सकारात्मक मानी जाती है। कॉमेक्स गोल्ड हाल में 4,900 से 5,100 डॉलर के दायरे में कारोबार करता देखा गया, जबकि इससे पहले यह 5,500 से 5,600 डॉलर के उच्च स्तर से नीचे आया था। बाजार सहभागियों के अनुसार, हालिया गिरावट मुनाफावसूली का परिणाम है और दीर्घकालिक तेजी की प्रवृत्ति अभी भी बरकरार है।
चांदी को औद्योगिक मांग और आपूर्ति संबंधी बाधाओं से दीर्घकालिक समर्थन मिल रहा है, हालांकि उतार-चढ़ाव ऊंचा बना हुआ है। कॉमेक्स सिल्वर के लिए 65 से 70 डॉलर का दायरा मजबूत आधार क्षेत्र माना जा रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, सोने को 1,55,500 रुपये और 1,54,000 रुपये के स्तर पर समर्थन मिल सकता है, जबकि 1,57,700 रुपये और 1,59,000 रुपये के स्तर पर प्रतिरोध देखा जा रहा है। चांदी के लिए 2,44,000 रुपये और 2,48,800 रुपये समर्थन स्तर हैं, जबकि 2,60,000 रुपये के आसपास प्रतिरोध बना हुआ है। निवेशक अब गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों और मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों पर नजर रखे हुए हैं, ताकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगे की ब्याज दर नीति के बारे में स्पष्ट संकेत मिल सकें।

