MDR को लेकर गलतफहमियां दूर करने की कोशिश
नई दिल्ली, National Payments Corporation of India (NPCI) ने UPI Merchant Discount Rate (MDR) पर मीडिया के कुछ हिस्सों में आई उन रिपोर्ट्स को गलत बताया है, जिनमें कहा गया था कि MDR पर GST लागू होने से छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और Digital Payments महंगे हो जाएंगे।
₹2,000 तक के लेनदेन पर नहीं लगेगा MDR
NPCI ने स्पष्ट किया कि ₹2,000 तक के UPI Merchant Transactions पर MDR लागू नहीं होता है। इसलिए इन लेनदेन पर GST का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। Government Data के अनुसार, UPI Merchant Transactions की 96 प्रतिशत से अधिक संख्या ₹2,000 तक की होती है, जिससे अधिकांश Digital Payments MDR से बाहर रहेंगे।
छोटे व्यापारियों को भी राहत
NPCI के अनुसार, जिन Merchants की मासिक UPI Receipts ₹1 लाख तक हैं, उन्हें MDR का भुगतान नहीं करना होगा। ऐसे में छोटे व्यापारियों पर GST आधारित MDR का कोई अतिरिक्त प्रभाव नहीं पड़ेगा। NPCI ने कहा कि छोटे व्यापारियों और अधिकतर UPI Transactions पर यह बदलाव लागू नहीं होगा।
GST का खर्च नहीं उठाएंगे व्यापारी
NPCI ने बताया कि Merchant द्वारा MDR पर भुगतान किया गया GST, Goods Sale पर देय GST के साथ Input Tax Credit के रूप में Adjust किया जा सकेगा। यानी Merchant को MDR पर दिए गए GST की वास्तविक लागत वहन नहीं करनी होगी।
P2P Transactions रहेंगे पूरी तरह मुफ्त
Finance Ministry के अनुसार, नया UPI Framework किसी भी Person-to-Person (P2P) Transaction को प्रभावित नहीं करेगा। राशि कितनी भी हो, P2P UPI Payments पूरी तरह Free रहेंगे।
MDR से जुड़े नए नियम
Finance Ministry ने स्पष्ट किया कि MDR कोई Tax या Government अथवा NPCI द्वारा वसूला जाने वाला Charge नहीं है। यह Payment Ecosystem में शामिल Banks, Payment Service Providers और UPI Application Providers के बीच वितरित किया जाता है।
₹2,000 से अधिक के P2M Transactions पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। वहीं ₹75,000 या उससे अधिक के Transactions पर MDR अधिकतम ₹300 प्रति Transaction तक सीमित रहेगा। Railways, Telecom, Insurance, Fuel और Agricultural Inputs जैसे Essential Sectors में ₹2,000 से अधिक के Transactions पर ₹5 प्रति Transaction का Flat MDR लागू होगा।

