मुंबई। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के Board of Directors ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के लिए Standalone एवं Consolidated Financial Results को अनुमोदित एवं स्वीकृत कर दिया है। निगम के Standalone प्रदर्शन की प्रमुख उपलब्धियां निम्नलिखित हैं।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान निगम का Profit After Tax (PAT) ₹25,568 करोड़ रहा, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह ₹21,040 करोड़ था। इस प्रकार इसमें 21.52% की वृद्धि दर्ज की गई।
First Year Premium Income (FYPI) (IRDAI के अनुसार) के आधार पर Market Share की दृष्टि से LIC भारतीय Life Insurance Industry में अपनी अग्रणी स्थिति बनाए हुए है तथा 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान इसकी कुल Market Share 58.77% रही, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह 59.41% थी। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Individual Business में LIC की Market Share 37.51% तथा Group Business में 70.45% रही।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान कुल Premium Income ₹2,74,269 करोड़ रही, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह ₹2,45,680 करोड़ थी, जो 11.64% की वृद्धि दर्शाती है।
Individual New Business Premium Income में 14.86% की वृद्धि दर्ज करते हुए यह ₹32,725 करोड़ रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹28,491 करोड़ थी। Individual Renewal Premium Income ₹1,27,950 करोड़ रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,22,224 करोड़ थी। इस प्रकार इसमें 4.68% की वृद्धि दर्ज की गई। Individual Business की कुल Premium Income 6.61% की वृद्धि दर्ज करते हुए बढ़कर ₹1,60,675 करोड़ हो गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,50,715 करोड़ थी। Group Business की कुल Premium Income ₹1,13,594 करोड़ रही, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹94,965 करोड़ थी। इस प्रकार इसमें 19.62% की वृद्धि दर्ज की गई।
Annualized Premium Equivalent (APE) के आधार पर 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान कुल Premium ₹30,696 करोड़ रहा। इसमें से 56.11% (₹17,224 करोड़) Individual Business तथा 43.89% (₹13,472 करोड़) Group Business से प्राप्त हुआ। Individual Business में APE के आधार पर Par Products की हिस्सेदारी 65.98% (₹11,364 करोड़) रही, जबकि शेष 34.03% (₹5,861 करोड़) का योगदान Non-Par Products का रहा।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Individual Non-Par APE ₹5,861 करोड़ रहा, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह ₹6,234 करोड़ था। इस प्रकार इसमें 5.98% की कमी दर्ज की गई। परिणामस्वरूप, APE के आधार पर Individual Business में Non-Par Products की हिस्सेदारी, जो 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में 36.31% थी, घटकर 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही में 34.03% रह गई।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Individual Business में कुल 70,97,094 Policies का विक्रय किया गया, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में 72,60,573 Policies का विक्रय किया गया था। इस प्रकार Policies की संख्या में 2.25% की कमी दर्ज की गई।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Value of New Business (VNB) ₹6,846 करोड़ रहा, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह ₹5,111 करोड़ था। इस प्रकार इसमें 33.95% की वृद्धि दर्ज की गई। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Net VNB Margin में 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही के 17.6% की तुलना में 470 Basis Points की वृद्धि के साथ यह 22.3% हो गया।
30 सितंबर, 2026 की स्थिति के अनुसार Indian Embedded Value (IEV) ₹7,97,378 करोड़ निर्धारित किया गया है, जबकि 30 सितंबर, 2025 को यह ₹8,13,230 करोड़ था। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में इसमें 1.95% की कमी दर्ज की गई।
30 सितंबर, 2026 की स्थिति के अनुसार Solvency Ratio बढ़कर 2.35 हो गया, जबकि 30 सितंबर, 2025 को यह 2.13 था।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Premium के आधार पर 13वें माह एवं 61वें माह का Persistency Ratio क्रमशः 74.69% तथा 61.03% रहा। इसके अनुरूप 30 सितंबर, 2025 को समाप्त अवधि में ये अनुपात क्रमशः 75.29% तथा 63.81% थे।
इसी प्रकार, 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Policies की संख्या के आधार पर 13वें माह एवं 61वें माह का Persistency Ratio क्रमशः 67.58% तथा 48.33% रहा, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त अवधि में ये क्रमशः 63.36% तथा 51.50% थे।
30 सितंबर, 2026 की स्थिति के अनुसार Assets Under Management (AUM) बढ़कर ₹59,60,941 करोड़ हो गईं, जबकि 30 सितंबर, 2025 को यह ₹57,22,896 करोड़ थीं। इस प्रकार Year-on-Year आधार पर 4.16% की वृद्धि दर्ज की गई।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान कुल Expense Ratio 10.41% रहा, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह 11.28% था। इस प्रकार इसमें 87 Basis Points की कमी दर्ज की गई।
30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान Policyholders’ Fund पर Investment Return (Unrealised Gains को छोड़कर) 8.67% रहा, जबकि 30 सितंबर, 2025 को समाप्त छमाही में यह 8.90% था।
LIC के Chief Executive Officer एवं Managing Director, श्री आर. दुरैस्वामी ने कहा:
“हम सितंबर 2026 के दौरान भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) द्वारा Insurance Industry के लिए घोषित प्रस्तावित Commission Regulations में किए गए बदलावों के सकारात्मक प्रभावों को लेकर अत्यंत आशान्वित हैं। हमारा मानना है कि इनमें से अधिकांश बदलाव ग्राहकों के हित में हैं और भारत में Life Insurance Industry की विकास गति को और तेज करने में सहायक होंगे।”
व्यावसायिक दृष्टिकोण से, चालू वित्तीय वर्ष (वित्त वर्ष 2026-27) की प्रथम छमाही के दौरान LIC ने एक बार फिर Products एवं Distribution Channels के Diversification से संबंधित अपनी रणनीति के सफल क्रियान्वयन को प्रदर्शित किया है, जिसे हम Stock Market में सूचीबद्ध होने के बाद से अपनाते आ रहे हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम छमाही के लिए Individual Business के Non-Par APE की हिस्सेदारी 34.03% रही है, जो Individual APE का एक-तिहाई हिस्सा Non-Par Products से बनाए रखने की हमारी वर्तमान रणनीति के अनुरूप है।
वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम छमाही के लिए Individual New Business Premium (NBP) में Bancassurance एवं Alternative Channels की हिस्सेदारी 21.44% की वृद्धि दर्ज करते हुए अब 7.53% हो गई है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 7.12% थी।
वित्त वर्ष 2026-27 की प्रथम छमाही में Value of New Business (VNB) में 33.95% की वृद्धि होकर यह ₹6,846 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही, हमारे VNB Margin में भी 470 Basis Points की वृद्धि हुई है और यह 22.3% हो गया है।
Products एवं Distribution Channels के Mix में Diversification के माध्यम से अपनी समग्र Profitability बढ़ाने के साथ-साथ, हम पूरे Business में Cost को अनुकूलतम स्तर पर लाने की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। हम अपने सभी Stakeholders के निरंतर सहयोग के लिए उनके आभारी हैं।
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