भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए उठाए गए हालिया कदमों के बाद देश के प्रमुख बैंक भारतीय मूल के अनिवासी नागरिकों (NRI) को विदेशी मुद्रा जमा योजनाओं पर पहले से कहीं अधिक ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यस बैंक ने अपनी FCNR(B) जमा योजनाओं की ब्याज दरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। अब अमेरिकी डॉलर में जमा पर NRI को अधिकतम 6.60 प्रतिशत तक वार्षिक रिटर्न मिल सकता है। इससे पहले लंबी अवधि की अमेरिकी डॉलर जमा योजनाओं पर ब्याज दर लगभग 3.35 प्रतिशत के आसपास थी, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक की नई नीतियों के बाद बैंकों ने ब्याज दरों में बड़ा संशोधन किया है। इसका उद्देश्य देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ाना और रुपये की स्थिति को मजबूत बनाना है।
देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने FCNR(B) एडवांटेज डिपॉजिट योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 10लाख अमेरिकी डॉलर तक की जमा राशि पर 3वर्ष से 4वर्ष से कम अवधि के लिए 5.25 प्रतिशत, 4वर्ष से 5 वर्ष से कम अवधि के लिए 5.50 प्रतिशत तथा 5वर्ष की अवधि के लिए 5.75 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। वहीं 10लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की जमा राशि पर भारतीय स्टेट बैंक 5वर्ष की अवधि के लिए अधिकतम 6 प्रतिशत तक ब्याज दे रहा है। बैंक के अनुसार नई योजना में FCNR(B) जमा को पहले 1वर्ष के भीतर नहीं निकाला जा सकता। यदि ग्राहक 1वर्ष पूरा होने के बाद लेकिन 3वर्ष से पहले राशि निकालता है, तो जमा अवधि के लिए 3.50 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अपनी FCNR(B) योजनाओं की ब्याज दरों में संशोधन किया है। यह संशोधन अमेरिकी डॉलर, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग, यूरो, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और कनाडाई डॉलर जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राओं पर लागू किया गया है। नई दरों के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा अमेरिकी डॉलर जमा पर अधिकतम 6 प्रतिशत, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जमा पर 4.75 प्रतिशत, कनाडाई डॉलर जमा पर 5.15 प्रतिशत तथा यूरो जमा पर 3.75 प्रतिशत तक ब्याज प्रदान कर रहा है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यकारी निदेशक बीना वहीद ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए हालिया कदमों ने बैंकों को NRI समुदाय के लिए FCNR(B) योजनाओं को और अधिक आकर्षक बनाने का अवसर दिया है। उनके अनुसार यह कदम विदेशी मुद्रा जमा को बढ़ावा देने और भारतीय रुपये को मजबूती प्रदान करने की दिशा में संतुलित एवं प्रभावी प्रयास है। इस बीच निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक यस बैंक ने सबसे अधिक ब्याज दर की घोषणा की है। बैंक अब अमेरिकी डॉलर में FCNR(B) जमा पर अधिकतम 6.60 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे रहा है, जो प्रमुख बैंकों में सबसे ऊंची दर मानी जा रही है।
यस बैंक की संशोधित दरों के अनुसार 3वर्ष से 4वर्ष से कम अवधि की जमा पर 6.50 प्रतिशत, 4 वर्ष से 5 वर्ष से कम अवधि की जमा पर 6.55 प्रतिशत तथा 5 वर्ष की जमा पर 6.60 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने FCNR(B) जमा और विदेशी उधारी से जुड़े कुछ नियमों में राहत दी थी। इससे बैंकों को NRI से विदेशी मुद्रा जुटाने में अधिक लचीलापन मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई ब्याज दरों से NRI निवेशकों का आकर्षण बढ़ेगा, विदेशी मुद्रा भंडार को समर्थन मिलेगा और देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह मजबूत होगा।

