17 अगस्त को वर्ल्ड-वाइड लॉन्च होगी संदीप चौधरी की 25 साल की मेहनत से तैयार ‘अर्थ केस स्टडी’; 102 स्टार्टअप्स, ग्रीन इनोवेशन और ‘सेव अर्थ मिशन’ की यात्रा को पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन सतत विकास पर आधारित यह ऐतिहासिक प्रस्तुति, देश-विदेश में बनेगा बड़ा प्रभाव”
पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास के लिए समर्पित वैश्विक आंदोलन Save Earth Mission के भारत चैप्टर अध्यक्ष संदीप चौधरी 17 अगस्त को अपनी 25 वर्षों की मेहनत का नतीजा दुनिया के सामने पेश करने जा रहे उनकी ऐतिहासिक “अर्थ केस स्टडी”, जिसे वर्ल्ड-वाइड लेवल पर एक साथ लॉन्च किया जाएगा
इस केस स्टडी की कुछ झलकियां जारी की गई थीं, जिसने भारतीय के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्साह पैदा कर दिया सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, यूट्यूब चैनल्स और ऑनलाइन कम्युनिटी में इसके लॉन्च को लेकर चर्चाएं तेज देश-विदेश से लोग इसे देखने और समझने के लिए उत्सुक..
अर्थ केस स्टडी में धरती और मानव जीवन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण नियंत्रण, ग्रीन टेक्नोलॉजी, सतत विकास, और सामुदायिक भागीदारी एक डॉक्यूमेंट नहीं बल्कि एक विस्तृत मार्गदर्शिका है, जो यह दिखाती है कि कैसे जागरूकता, नवाचार और सामूहिक प्रयास से पृथ्वी को बचाया जा सकता है
संदीप चौधरी अब तक 102 सफल स्टार्टअप्स लॉन्च कर चुके हैं उनके कई प्रोजेक्ट्स वैश्विक स्तर पर चर्चा में रहे हैं, जैसे “एक पेड़ माँ के नाम”, जो भावनात्मक जुड़ाव के माध्यम से वृक्षारोपण को बढ़ावा देता है, और हाल ही में घोषित “LED Green Projections”—एक अरब डॉलर वैल्यूएशन वाला प्रोजेक्ट, जो आर्किटेक्चरल प्रोजेक्शन मैपिंग के जरिये पर्यावरणीय संदेशों को रोशनी के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाएगा
17 अगस्त का दिन पर्यावरणीय,सामाजिक दृष्टि से ऐतिहासिक होने वाला इस दिन भारत के प्रमुख न्यूज़ चैनलों, दर्जनों यूट्यूब चैनलों, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स और ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल्स पर एक साथ अर्थ केस स्टडी का प्रकाशन होगा इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों में तत्काल और ठोस कदम उठाने की प्रेरणा जगाना है
संदीप चौधरी का मानना है कि “धरती को बचाने के लिए सिर्फ ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि उस ज्ञान पर आधारित ठोस कार्यवाही आवश्यक है।” केस स्टडी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसी पर्यावरणीय गाइडबुक होगी, जो हर व्यक्ति, संस्था और सरकार के लिए उपयोगी साबित होगी
केस स्टडी सिर्फ एक वैज्ञानिक या तकनीकी दस्तावेज नहीं, बल्कि इसमें सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक पहलुओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ाव महसूस कर सकें। यही कारण है कि लॉन्च से पहले ही इसने व्यापक जन-रुचि अर्जित कर ली …
17 अगस्त को दुनिया एक बार फिर देखेगी कि जब जुनून, दृष्टि और 25 साल की निरंतर मेहनत मिलती है, तो एक ऐसा दस्तावेज तैयार होता है, जो धरती के भविष्य को नई दिशा दे सकता है।

