वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से गत दिवस पेश केंद्रीय बजट भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह ना केवल संरचनात्मक विकास, बल्कि युवा आबादी के कौशल विकास पर भी केंद्रित है। वहीं यह आने वाले समय में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए एक ठोस रोडमैप है। जहां यह बजट मध्यम वर्ग के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट में टैक्स राहत, रोजगार सृजन, और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया है। मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में राहत, स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि, और 80 सी के तहत अधिक छूट की उम्मीद है। जहां बजट सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए करना और एआई व डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना, जो रोजगार के अवसर पैदा करेगा। वहीं बजट से मध्यम वर्ग को टैक्स स्लैब में राहत और स्टैंडर्ड डिडक्शन में वृद्धि की उम्मीद है। बजट में रोजगार सृजन पर जोर देने पर मध्यम वर्ग को फायदा होगा। बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड खर्च, जिससे रोजगार और विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा बजट उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्य में लचीलापन लाकर आर्थिक विकास को तेज करने और उसकी गति बनाए रखने के लिए तैयार किया गया है। वहीं भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त साझेदार बनाने के लिए लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और उनकी क्षमता बढ़ाना भी रहा है। वृद्धों की चिकित्सा और संबद्ध देखभाल सेवाओं को शामिल करते हुए मजबूत देखभाल सेवा परिवेश बनाया जाएगा। अगले कुंछ वर्षों में डेढ़ लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह बजट विकास के साथ सुविधा के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक संतुलित कदम है, जो वर्तमान के वित्तीय दबावों को कम करते हुए, एक विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला रखता है।

