बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई New India Assurance Company (NIACL), जो बाजार हिस्सेदारी के आधार पर भारत की सबसे बड़ी जनरल इंश्योरेंस कंपनी है, ने 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही और पूरे वर्ष के वित्तीय परिणामों की घोषणा की है। ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) में 3.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 41,996 करोड़ से बढक़र 43,618 करोड़ हो गई। कंपनी ने 12.6 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ अपना नेतृत्व स्थान बनाए रखा। संचालन दक्षता में सुधार हुआ, जिससे कंपनी का कंबाइंड रेशियो 120 प्रतिशत से घटकर 117 प्रतिशत हो गया। सॉल्वेंसी रेशियो भी बेहतर हुआ और 31 मार्च 2025 को यह 1.91& रहा, जबकि मार्च 2024 में यह 1.81& था।
New India Assurance Company की चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गिरीजा सुब्रमणियन ने परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हृढ्ढ्रष्टरु ने वित्त वर्ष 2024-25 में 43,618 करोड़ का अब तक का सर्वोच्च ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) हासिल किया है, जो चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों के बावजूद 3.86 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। और भी उत्साहजनक यह है कि हमने पिछले कई तिमाहियों में लाभप्रद वृद्धि पर जो निरंतर ध्यान दिया है, उसका अब सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है। GWP में वृद्धि के बावजूद, कंपनी ने अपने अंडरराइटिंग घाटे को 11 प्रतिशत तक कम किया है, जो कम दावे के अनुपात और परिचालन लागत में महत्वपूर्ण कमी के कारण संभव हो पाया। कंबाइंड रेशियो FY24 में 119.88 प्रतिशत से घटकर FY25 में 116.78 प्रतिशत हो गया है। यह सुधार और भी अधिक हो सकता था यदि मोटर थर्ड पार्टी सेगमेंट में प्रीमियम रिवीजन समय पर किया गया होता, जहां अभी भी उच्च नुकसान अनुपात बना हुआ है।
NIACL ने FY25 में 12.6 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ भारत के गैर-जीवन बीमा उद्योग में अपना नेतृत्व बनाए रखा है। हाल के महीनों में कंपनी की उद्योग की तुलना में वृद्धि काफी उत्साहजनक रही है। सॉल्वेंसी रेशियो स्नङ्घ24 के 1.81& से बढक़र FY25 में 1.91& हो गया है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है। हमारी बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है, और 98,000 करोड़ से अधिक की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट हैं। FY25 में कंपनी ने 802 करोड़ की राशि पुरानी रुकी हुई पुनर्बीमा राशि के लिए प्रावधान के रूप में रखी, जिससे रिपोर्ट किया गया शुद्ध लाभ और इक्विटी पर प्रतिफल प्रभावित हुआ है। यदि इस प्रावधान को समायोजित करें, तो वर्ष दर वर्ष परिणाम बेहद अच्छे रहे हैं।

