कोरोना महामारी की भयावहता को दुनिया के लोग देख चुके हैं। भारत में महामारी की पहली लहर जनवरी, 2020 से फरवरी, 2021 तक रही। इस दौरान कोरोना के 1.08 करोड़ मामले सामने आए और औसतन रोजाना 412 मौतों के हिसाब से लगभग 1.55 लाख लोगों की मौतें हुई। लेकिन फिर से ऐसी भयावहता नहीं आए, इसके लिए अभी से हम सभी को सचेत रहना है। इससे पहले कि हालात बेकाबू हों, समय रहते ही सरकार की ओर से तुरन्त बचावात्मक उपाय करना आवश्यक है। जहां एक बार फिर भारत सहित दक्षिण एशिया के कई देशों में अब कोरोना की नई लहर (वेरिएंट) का खतरा मंडराने लगा है। हांगकांग और सिंगापुर में कोरोना वायरस के मामले बढऩे लगे हैं। भारत में भी कोरोना11 राज्यों में फैल चुका है। इसमें दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, राजस्थान और कर्नाटक शामिल हैं। हालांकि भारत में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में है। देश में पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव के २५७ मामले सामने आ चुके हैं। इनमें ज्यादातर हल्के लक्षण वाले हैं। बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शिरोडकर और सनराइजर्स हैदराबाद के बल्लेबाज ट्रैविस हेड भी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। कोरोना महामारी के बढ़ती संख्या को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के जे.एन. 1 सब-वेरिएंट से संक्रमित लोगों ने कुछ संकेत बताए हैं जिनमें गले में खराश, नींद ना आने की समस्या, एंग्जाइटी, नाक का बहना, खांसी, सिरदर्द, कमजोरी या थकान, मांसपेशियों में दर्द आदि शामिल हैं। इनमें से खांसी, गले में खराश, छींकें आना, थकान और सिरदर्द सबसे अधिक बताए गए लक्षणों में शामिल हैं, परन्तु चूंकि ये ‘इन्फ्लूएंजा’ के लक्षण भी हो सकते हैं इसलिए पहले टेस्ट करवाना आवश्यक है। वहीं भारत के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पड़ोसी देशों में बढ़ते कोरोना के मामले पर लोगों को सावधानी बरतने और वैक्सीन लेने की सलाह दी है। हालांकि उनका कहना है कि अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे लगे कि ये ‘नए वेरिएंट’ पहले से अधिक खतरनाक या तेजी से फैलने वाले हैं परन्तु उनका मानना है कि यह लहर कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों पर अपना असर दिखा सकती है।

