बिजऩेस रेमेडीज/गुवाहाटी भारत के सबसे बड़े बैंक, State Bank of India (SBI) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान Guwahati (आईआईटी-जी) के साथ साझेदारी में PSB Hackathon सीरीज़ 2025- फिनोवेशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस अवसर पर पीएसबी हैकाथॉन के विजेताओं को सम्मानित किया गया। यह श्रृंखला वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) के तत्वावधान में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के सहयोग से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य फिनटेक और साइबर सुरक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना और व्यवहारिक समाधान विकसित करना है।
विजेताओं को विजेताओं को डीएफएस सचिव एम. नागराजू ने एसबीआई के अध्यक्ष चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी, आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. देवेंद्र जलिहाल, एसबीआई के एमडी श्री विनय एम. टोंस और आईबीए के सीईओ श्री अतुल कुमार गोयल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में सम्मानित किया। यह हैकाथॉन ‘डिजिटल इकोसिस्टम में ऋण डिफॉल्टर का पता लगाना और उन्हें ट्रैक करना’ – इस थीम पर केंद्रित था और इसे एसबीआई ने आईआईटी गुवाहाटी परिसर में आयोजित किया। 90 दिनों तक प्रतिभागी टीमों ने समाधान और प्रोटोटाइप तैयार करने पर काम किया और उद्यमिता तथा समस्या-समाधान की भावना का परिचय दिया।
एम. नागराजु ने विजेताओं को बधाई दी और एसबीआई-आईआईटी गुवाहाटी साझेदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों और बैंकों के बीच सहयोग व नवाचार को बढ़ावा देने का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने उद्यमशीलता, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वित्तीय क्षेत्र भारत की 2047 तक की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने एसबीआई और आयोजकों को धन्यवाद दिया और छात्रों को ऊँचे लक्ष्य रखने के लिए प्रोत्साहित किया तथा भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए उनकी सफलता की कामना की।
एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने कहा, कि एसबीआई को वित्तीय सेवाएं विभाग और आईआईटी गुवाहाटी के साथ मिलकर फिनटेक और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर गर्व है। हमारी तकनीकी उपलब्धियां जैसे योनो और यूपीआई, तथा एमएसएमई ऋण और साइबर सुरक्षा के लिए इनक्यूबेशन पहल, भारत की तकनीकी और वित्तीय प्रगति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग भविष्य की तैयारियों के लिए जरूरी है, और फिनोवेशन जैसे कार्यक्रम इस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में अहम हैं। मैं सभी विजेताओं को बधाई देता हूँ और उनसे लगातार भारत के वित्तीय भविष्य के लिए नवाचार करते रहने का आह्वान करता हूँ। कार्यक्रम का समापन युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित करने और भारत के डिजिटल एवं वित्तीय भविष्य को आकार देने में फिनोवेशन जैसे हैकाथॉनों की भूमिका को पुन: रेखांकित करते हुए हुआ।

